शाजापुर शिक्षा

18 बच्चों से भरा स्कूली वाहन खंती में उतरा: फिर पेड़ से टकराया, बाल-बाल बची बच्चों की जान; स्टेयरिंग फेल होने से हुआ हादसा।

18 बच्चों से भरा स्कूली वाहन खंती में उतरा: फिर पेड़ से टकराया, बाल-बाल बची बच्चों की जान; स्टेयरिंग फेल होने से हुआ हादसा।

मांगीलाल भिलाला। तहसील संवाददाता शाजापुर

शाजापुर में बच्चों से भरा एक स्कूली वाहन हादसे का शिकार हो गया। स्कूल का वाहन बच्चों को लेकर गांव से 3 किलोमीटर दूर तक पहुंचा ही था कि रास्ते में वाहन खंती में उतर गया। इसके बाद वाहन पेड़ से टकरा गया। स्कूल वाहन में 18 बच्चें सवार थे। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे प्रत्यक्षदर्शियों ने बच्चों को वाहन से बाहर निकाला। गनीमत रही कि हादसे में सभी बच्चे सुरक्षित है।

ट्रैक्टर की मदद से वाहन को ऊपर खींच लिया गया। घटना सुबह 10 बजे शाजापुर और भरड़ गांव के बीच हुई।बच्चे सुबह अपने गांव भरड़ से शाजापुर शहर में स्कूल जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया। हादसे के बाद छोटे बच्चे रोने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही बच्चों के अभिभावक भी मौके पर पहुंच गए और वाहन चालक को फटकार लगाई। इसके बाद अभिभावक स्कूल पहुंचे। यहां स्कूल प्रबंधन के सामने नाराजगी जाहिर की।

प्रबंधन ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया। जानकारी के मुताबिक स्कूली वाहन का बीमा भी नहीं है, ऐसे में स्कूल प्रबंधन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शाजापुर जिले में 100 से ज्यादा स्कूल वाहनों पर नंबर प्लेट भी नहीं है। इन वाहनों की स्थिति भी जर्जर हो रही है। अधिकांश वाहनों के परमिट भी नहीं है।

इस वाहन का परमिट, फिटनेस और बीमा तीनों नहीं हैं। वाहन की कंडीशन ठीक नहीं है, यहीं नहीं वाहन पर स्कूल का नाम भी नहीं लिखा है। इसके बाद भी ऐसे वाहन बच्चों की जान को खतरे में डालकर दौड़ रहे हैं। आज भी बड़ा हादसा होते-होते बच गया। बताया जा रहा है कि वाहन के स्टेरिंग फेल होने से यह हादसा हुआ।

वाहन का बीमा और फिटनेस भी नहीं है। बिना नंबर और फिटनेस के चल रहे स्कूल वाहन 6 सवारियों के वाहन में 18 बच्चों को बैठाया जो स्कूली वाहन दुर्घटना का शिकार हुआ है, उसमें 18 बच्चे सवार थे, जबकि RTO के नियमों के मुताबिक ड्राइवर को मिलाकर इस वाहन में 7 लोग बैठ सकते है। ऐसे में ओवर लोडिंग भी हादसे का एक कारण हो सकता है।

About The Author

Related posts