दतिया मध्यप्रदेश शिक्षा

शिक्षक उस मोमबत्ती के समान है जो स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देती है-डी ई ओ अग्रवाल।

शिक्षक उस मोमबत्ती के समान है जो स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देती है-डी ई ओ अग्रवाल।

दतिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट।

दतिया शिक्षकों का राष्ट्र निर्माण में एक अहम योगदान है। वही वे राष्ट्रीय संस्कृति के संरक्षक भी है। बालकों को सुशिक्षित कर संस्कार तो देते ही है उनके अज्ञानता रूपी अंधकार को दूर कर उन्हें देश का श्रेष्ठ नागरिक बनाने का काम भी करते है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र की संस्कृति के माली होते है, बे संस्कार की जड़ों में खाद देते है और अपने श्रम से उन्हें सींच सींच कर महाप्राण शक्तियां बनाते हैं।शिक्षक के हाथों में आने बाला भबिष्य होता है।

क्योंकि शिक्षक उस मोमबत्ती की तरह होता है जो स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाशित करता है।विदाई का क्षण बैसे भी भावुक कर देने बाला क्षण होता है।शिक्षक सेवा से भले ही सेवा निर्ब्रत होता है लेकिन उसे समाज एवं देश सेवा में अग्रणी भूमिका निभानी होती है।उक्त बात मुख्य अथिति की आसंदी से बोलते हुए जिला शिक्षा अधिकारी संतोष अग्रवाल ने शासकीय मलबा कन्या विद्यालय दतिया में शिक्षक महेश्वरदयाल खर्र के सेवा निवृत्त एवं सम्मान समारोह पर बोलते हुए कही।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य बी के पटवा ने की। सर्व प्रथम अतिथियों द्वारा मा सरस्वती का पूजन एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। स्वागत भाषण डॉ कमलेश दुबे शास्त्री द्वारा दिया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं शिक्षाकाओं ने खरे एवं उनके परिवारी जनों का माल्यार्पण कर एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर भभ्य स्वागत किया। अध्यक्षीय आसंदी से बोलते हुए विद्यालय के प्राचार्य बी के पटवा ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षक का अहम योगदान होता है। शिक्षक न केवल छात्रों के जीवन मे उजाला करता है बल्कि उन्हें व्यहारिक ज्ञान भी देता है। शिक्षक के हाथों में छात्रों का आने बाला भबिष्य होता है। विधालय के शिक्षक एम डी खरे की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि खरे को जो भी कार्य दिया गया उन्होंने अपने पूरे मनोयोग से उसे किया एवं सदैव विद्यालय के हित एवं शिक्षण कार्य के लिए समर्पित रहे। इस अवसर पर सम्मान पत्र का वाचन शिक्षक श्री कांत त्रिपाठी द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय परिवार से अशोक शुक्ला द्वारा किया गया।इस अवसर पर खरे के सम्मान में प्राचार्य आर एस सेंगर, श्री कुंज विहारी गोस्वामी,जयपुर से आये उनके दामाद तिलक खरे, रजनी मुखरैया, जगदीश पांचाल, रमेश गुप्ता, शिवा तिवारी आदि ने भी संबोधित किया। इस मौके पर विद्यालय की शिक्षिका प्रभा राय ने खरे के सम्मान में एक मधुर गीत प्रस्तुत किया।शिक्षा अधिकारी कार्यालय से रवि दत्त त्रिपाठी, राजा श्रीवास्तव, आनंद श्रीवास्तव, डॉ.श्याम पचौरी आदि लोग उपस्थित रहे एवं मलबा का पूरा विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

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