आगर-मालवा

आगर मालवा- नगराधिपति बाबा बैजनाथ पूरे लाव-लश्कर और राजसी ठाट-बाट से दिव्य दर्शन देने नगर भ्रमण पर आए

आगर मालवा- नगराधिपति बाबा बैजनाथ पूरे लाव-लश्कर और राजसी ठाट-बाट से दिव्य दर्शन देने नगर भ्रमण पर आए

कबीर मिशन – संतोष कुमार सोनगरा जिला ब्यूरो चीफ आगर मालवा


आगर मालवा 28 अगस्त। सावन के अंतिम सोमवार को नगराधिपति बाबा बैजनाथ पूरे लाव-लश्कर और राजसी ठाट बाट से चांदी की पालकी में सवार होकर दिव्य दर्शन देने नगर भ्रमण पर आए, मंदिर प्रांगण से जैसे ही शाही सवारी प्रारंभ हुई सवारी मार्ग में आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा तथा पूरा शहर बाबा बैजनाथ की अगवानी में झुक गया। दुल्हन की तरह सजे सवारी मार्ग में भक्त बाबा बैजनाथ की एक झलक पाने के लिए पलक-पावड़े बिछाकर, आतुर हुए, घरों की छत, गैलेरी एवं मार्ग के दोनों और खड़े होकर फूलों की वर्षा कर शाही सवारी का हार्दिक अभिनंदन स्वागत किया। पूरा आगर नगर “शिव मेरे है, मैं शिव का…..” आदि भक्तिगीतों पर नाचते-झूमते हुए भोले के रंग में रंग गया।

शाही सवारी बाबा बैजनाथ मंदिर प्रांगण से दोपहर 1:30 बजे प्रारंभ हुई, इसके पूर्व सांसद श्री महेंद्र सिंह सोलंकी, कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी, विधायक आगर श्री विपिन वानखेड़े, विधायक सुसनेर श्री राणा विक्रम सिंह, सांसद प्रतिनिधि श्री भैरू सिंह चौहान द्वारा पूजन किया, इसके पश्चात बाबा बैजनाथ चांदी की पालकी में सवार होकर लाव लश्कर के साथ नगर भ्रमण पर निकले, शाही सवारी जिला जेल के सामने पहुंचने पर जेलकर्मियों द्वारा बाबा बैजनाथ को गार्ड ऑनर दिया गया। शाही सवारी लगभग दोपहर 3:30 बजे छावनी नाका पहुंची, जहां बैंड-बाजे,ढोल-तासे की अगवानी एवं हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के कारवां के साथ नगर भ्रमण प्रारंभ हुआ।

साथ ही जिले के गांव एवं शहर से आई झंडा-मंडली, भजन मंडली, अखाड़ा दल एवं झांकियां सवारी के साथ जुड़ गई। अखाड़ा दल एक से एक हैरतंगेज करतब दिखाते हुए सवारी मार्ग पर आगे-आगे चले। शाही सवारी छावनी नाका से छावनी झंडा चौक, रातडिया तालाब रोड़, नाना बाजार, सराफा बाजार, अस्पताल चौराहा होते हुए देर रात्रि कृषि उपज मंडी प्रांगण पहुंचेगी, जहां बाबा बैजनाथ का पूजन कर समापन होगा।


महाप्रसादी का वितरण


बाबा बैजनाथ की शाही सवारी के दिन प्रतिवर्ष अनुसार पुरानी कृषि मंडी प्रांगण में विशाल भंडारा का आयोजन किया गया। भंडारा में सायं 4:00 से भोजन प्रसादी का वितरण शुरू किया गया, जो अनवरत देर रात्रि तक चलता रहा, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी प्राप्त की।

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