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बौद्ध विहारों एवं सतगुरु संत रविदास कल्याण फाउंडेशन भारत के द्वारा कांग्रेस को सौंपे सभी सुझाव वचन पत्र में शामिल

बौद्ध विहारों एवं सतगुरु संत रविदास कल्याण फाउंडेशन भारत के द्वारा कांग्रेस को सौंपे सभी सुझाव वचन पत्र में शामिल

मूलचंद मेधोनिया पत्रकार भोपाल

भोपाल। समस्त बौद्ध विहारों एवं सतगुरु संत रविदास कल्याण फाउंडेशन भारत के तत्वावधान में संयुक्त 110 संचालित बुद्धिजीवियों के सामाजिक संगठनों की महाबैठक दिनांक 30/07/2023 को मध्यप्रदेश सिन्धु भवन शिवाजी नगर भोपाल में पूर्व डिप्टी कलेक्टर श्री जे.पी.माली के मुख्य अतिथि में विशेष अतिथि श्रीमती निशा बांगरे जी पूर्व डिप्टी कलेक्टर एवं वरिष्ठ समाजसेवी श्री मिलिंद बौद्ध जी, श्रीमती इंदू ताई जी एवं अध्यक्षता श्रीमती आशा दीदी की तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की गरिमामय उपस्थिति में अनुसूचित जाति वर्ग और अनुसूचित जनजाति वर्ग के सामाजिक कल्याण के मुद्दों सहित महापुरुषों के नाम पर भवन, स्मारक व उनके नाम पर योजना संचालित करने सहित समस्त सामाजिक अराध्य देव जैसे महर्षि बाल्मीकि, सतगुरु रविदास, संत कबीर साहेब, ज्योतिबा फुले, महर्षि सुदर्शन महाराज, महर्षि गोकुलदास, भगवान बिरसा मुंडा, भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर, महान क्रांतिकारी वीर मनीराम अहिरवार एवं सभी महापुरुषों की विचारधारा के अनुरूप एक महाबैठक आयोजित कर जो प्रस्ताव पारित किये गये वह इस प्रकार से थे।


बौद्ध विहारों व महापुरुषों के धार्मिक स्थानों और उनके पूजा स्थलों का 75 वर्षो बाद भी विकास और निर्माण नहीं हुआ है। जिन स्थानों पर बहुमंजिला इमारत बना कर उनका विकास किया जाये। महापुरुषों के धार्मिक स्थानों को अनुसूचित जाति वर्ग की संस्थाओं द्वारा संचालित किया जाता है। अतः इन्हीं संस्थानों को भूमि पट्टा व रजिस्ट्री कर स्थाई अधिकार सौंपे जाये। मध्यप्रदेश में गरीबों योजनाओं के तहत मकान लाभ दिया है। उनके मकान का कर्ज माफ किया जाये। छोटे रोजगार करने वाले, दुकानों, गुमठी, हाथ ठेला लगाने वाले फेरी वाले इत्यादि गरीब लोगों को दस-दस हजार रुपए का कर्ज देकर उन्हें डिफाल्टर किया गया है ऐसे लोगों का कर्ज माफ किया जाये।

किसानों का कर्ज माफ हो, आवासहीनों को आवास दिये जाये। अनुसूचित जाति के अन्तर्गत महान, बलाई , जांगण, जैसी समाज के लोगों से 1950 का रिकार्ड मांग कर उनके जाति प्रमाण पत्र बनवाने के प्रतिबंध हटाया जाये। संत कबीर साहेब, संत रविदास महाराज जी के भव्य पवित्र धाम बनायें जाये। भारत रत्न बाबा साहब डॉ अम्बेडकर जी की विश्व में सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाये। मध्यप्रदेश रविदासिया समाज एवं बौद्ध समाज सहित अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के सभी देव स्थलों, धामों का सर्वे उपरांत उनके स्थानों पर बहुमंजिला भवन बनायें जाये। देश की आजादी में सन् 19 42 में महात्मा गांधी जी के आवाहन पर स्वतंत्रता आन्दोलन में महान योगदान देने वाले शूरवीर मनीराम अहिरवार जी का स्मारक बनाया जाये। तथा उसके उत्तराधिकारी परिवार को जो सुविधाएं शासन द्वारा दी जाती रही है वह सभी दी जायें। इत्यादि समाज की भलाई की योजना बने, साहित्य,कला और संस्कृति का उत्थान किया जाये।ऐसी सैकड़ों बिषय पर सामाजिक संगठनों के बुद्धिजीवी जिसमें पिछड़ा वर्ग के वरिष्ठ समाजसेवी संस्थाओं ने भी शामिल होकर प्रस्ताव पारित किये थे। जिन्हें एक ज्ञापन पत्र के माध्यम से वर्तमान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी को 15 दिन तक का समय देकर समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों को बुला कर आश्वासन देकर काम करने को प्रस्ताव दिये गये थे।

जिन्होंने सभी मांग और प्रस्तावों को अनदेखा किया। इसके बाद सभी सामाजिक संगठनों और जागरूक लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ जी को ज्ञापन सौंपा और सभी बातों को कांग्रेस वचन पत्र में शामिल करवाने का बोला कांग्रेस की सरकार बनने पर सभी मांगों पर कार्य करने का सुझाव दिया। जिन्होंने गंभीरता से विचार कर सामाजिक संगठनों की मांगों को वचन पत्र में शामिल कर कांग्रेस सरकार बनाने का बहुत बड़ा संदेश दिया है।

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