भोपाल। पूर्व प्रदेश संयोजक शिवप्रसाद अहिरवार ने अपने ऊपर हुए हमले की उचित जाँच कर एएस आई रिपुदमन भदौरिया को निलंबित कराने की मांग पुलिस कमिश्नर से की।

भोपाल मध्यप्रदेश। कबीर मिशन समाचारभोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के पूर्व प्रदेश संयोजक शिवप्रसाद अहिरवार ने एक प्रेस नोट जारी कर पुलिस कमिश्नर महोदय से मांग कीं है कि रिपुदमन भदौरिया के द्वारा अधिवक्ता की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज हुआ है।

परंतु रिपुदमन भदौरिया के द्वारा वकील सुदामा अहिरवार पर चार घंटे बाद अपनी बेटी से छोला मंदिर थाना मे झूठा प्रकरण पंजीबद करवा दिया जिसकी निष्पक्ष जांच करवाकर उक्त काउंटर प्रकरण खारिज की कार्यवाही की जाए। कांग्रेस नेता शिवप्रसाद अहिरवार ने बताया है की दिनांक 16/11/2022 को एएस आई रिपुदमन भदौरिया के द्वारा अधिवक्ता सुदामा अहिरवार के उपर तलवार से सिर पर जान लेवा हमला कर दिया था सुदामा अहिरवार के सिर पर गंभीर चोटें आयी थी। और पीपुल्स अस्पताल में इलाज चला था लेकिन जानकारी के अनुसार 24 घंटे तक संबंधित थाने के अधिकारीयो ने कोई एफाईआर दर्ज नहीं की थी। जब सोशल मीडिया पर खबर चलने पर जिला वार की और से थाना प्रभारी को उक्त मामला संज्ञान में आया तो दिनांक 17/11/2023 को अपराध क्रमांक 559/2022 के अंतर्गत धारा 294,323,506,324,12- वी एवं एससी एसटी एक्ट की मामूली धाराओं में अपराध पंजीबद किया गया है। जबकि एएस आई रिपुदमन भदौरिया के द्वारा जानबूझकर जान से मारने का आशय रखते हुये धार दार तलवार से वकील सुदामा अहिरवार पर हमला किया गया था। प्रथम दृष्टया धारा 307 के अधीन का मामला बनता है। भले ही मेडीकल रिपोर्ट कुछ भी हो क्योंकि आरोपी का आशय जान से मारने की नियत से वकील सुदामा अहिरवार पर हमला किया गया था। जिसका वीडियो घटना स्थल पर निर्मित हुआ है और थाने में भी उपलब्ध है। कांग्रेस नेता शिवप्रसाद अहिरवार ने कहा है कि जब एएस आई रिपुदमन भदौरिया के ऊपर मामला पंजीबद हुआ तो अपने बचाओ के लिये गलत तरीके से थाना छोला के अधिकारीयो को विश्वास में लेकर इस आशय की एफाईआर अधिवक्ता के विरुद्ध दर्ज करायी गयी उक्त हमले मे बीच बचाव करने उनकी बेटी आयी तो उनके साथ छेड़खानी की गयी है।

बड़ी सामान्य ज्ञान की बात है कि जब कोई हमला किसी के उपर हो रहा हो और किसी के हाथ में तलवार हो तो वह किसी लडकी को छेड़ने के लिये नहीं बैठेगा जबकि अपने उपर जान लेवा हमला हो रहा हो उसका बचाओ करेगा। इससे प्रतीत होता है कि थाना छोला मे असत्य आधारों पर बिना दस्तावेज प्रमाण के एवं घटना की तस्दीक़ किये ही एफाईआर दर्ज की गयी है। इससे यह संदेह उत्पन्न होता है की मामला गंभीर है। माननीय पुलिस कमिश्नर जी से आग्रह है कि उक्त मामले की जांच करा कर विवेचक को तत्काल प्रभाव से हटाकर किसी अन्य विवेचना अधिकारी थाना छोला के बाहर का हो ओर आपकी निगरानी में निम्न विंदु पर जाँच होना चाहिए।

श्री पुलिस कमिश्नर जी मांग करता हूँ कि घटना दिनांक को घटना स्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज निकाली जायें जिससे स्पष्ट हो की वास्तविकता मामला क्या है। घटना दिनांक के दिन उसकी बेटी क्या घटना स्थल पर मोजुद थी या नहीं इसकी जांच हेतु समस्त कथन ओर सीसी टीवी फुटेज निकाली जायें यदि उक्त शिकायत एएस आई रिपुदमन भदौरिया के द्वारा की गई झूठी पाई जाती है तो उनके विरुद्ध झूठी एफाईआर दर्ज करने के लिये प्रत्यक्ष एफाईआर दर्ज करे तथा विभागीय जांच करा कर तत्काल निलंबित करे।

और मामले की जांच होने तक उनको मुख्यालय भोपाल से बाहर करे एवं धारा 307का इजाफा करावे व एएस आई रिपुदमन भदौरिया के द्वारा जो शिकायत की गई है। उसकी किसी वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए उक्त पुलिस अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही कराई जाए और उक्त संबंध मे जो भी कार्यवाही की जावे जिला अभिभावक संघ भोपाल को अवगत कराये यदि इस मामले मे वकील सुदामा अहिरवार गलत तरीके झूठे पाए जाते हैं तो उन पर भी उचित जाँच करा कर विधिवत नियम अनुसार कार्यवाही होना चाहिए।