छापीहेड़ा। राजनीतिक दबाव के चलते दलित वर्ग की पुलिस ने नहीं लिखी एफ आई आर भीम आर्मी पहुंची थाने पर।

छापीहेड़ा राजगढ़ मध्यप्रदेश। कबीर मिशन समाचार

छापीहेड़ा। मामला छापीहेड़ा थाना के अंतर्गत आने वाले ग्राम झिरी का है जहां पर रामलाल वर्मा पिता मोहनलाल वर्मा ने बताया कि मेरे साथ व मेरी मां के साथ मेरे ही गांव के दिलीपसिंह सोंधिया पिता उदयसिंह सोंधिया ने गंदी गंदी गालियां दी और मुझे व मेरी मम्मी के साथ मारपीट की जिसकी रिपोर्ट हम थाना में लिखवाने गए, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस ने मुझे व मेरी मम्मी को 3 दिन तक चक्कर लगवाए लेकिन मेरी एफ आई आर नहीं लिखी।

मैंने परेशान होकर भीम आर्मी टीम सारंगपुर से संपर्क किया मैंने सारा मामला भीम आर्मी संभाग महासचिव दीपक वाल्मीकि, मुख्य प्रभारी राजकुमार आजाद एवं समस्त भीम आर्मी टीम को बताया, कि सर में दिनांक 16/12/2022 को मैंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में मेरा फोटो लगाया जिस पर जलनबाजी के कारण दिलीप सिंह सोंधिया ने गाली (भोसड़ीके) लिखकर भेजा। जिसकी जानकारी मैंने उसके माता पिता को दी और कहा कि आपका लड़का गलत कमेंट कर रहा है उसे समझा देना कि ऐसा ना करें। इतना कहने के बाद में अपने घर पर आ गया ।

उसी दिन शाम 7:00 बजे की बात है कि, मैं अपने घर पर खाना खा रहा था, तभी मेरे मोबाइल पर मेरे गांव के ही निलेश वर्मा के नंबर से फोन आया जिस पर दिलीप सोंधिया ने मुझे निलेश वर्मा के घर के सामने बुलाया फिर मैं खाना खाकर निलेश वर्मा के घर के सामने पहुंच गया। वहां पर मुझे दिलीप सोंधिया मिला और मुझे देखते ही मेरे साथ गाली गुप्ता कर बोला मां के लोवड़े चमट्टे तूने मेरे घर पर मेरी शिकायत क्यों कि और मेरे साथ लात घुसा और डंडों से मारपीट करने लगा जब मैं चिल्लाया तो चाकू निकाल लिया और मुझ पर झपटा मैं चिल्लाया आवाज सुनकर मेरी मां कलाबाई आई तो दिलीप सोंधिया ने उसके साथ भी गाली गुप्ता कर मारपीट की जिससे मेरी मां नीचे गिर गई मां के दोनों पैरों में चोट आई तभी वहां पर राकेश सोंधिया निलेश वर्मा दोनों ने बीच बचाव किया।

दिलीप सोंधिया जाते-जाते बोल रहा था कि आज के बाद तूने यदि मेरे घर पर किसी भी प्रकार की शिकायत की तो तुझे जान से मार दूंगा। दिलीप सोंधिया को पता है कि मैं चमार जाति का हूं उसके बाद भी उसने मुझे जातिसूचक गालियां दी जिसकी कार्यवाही के लिए मैं व मेरी मां कलाबाई छापीहेड़ा थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाने गए, लेकिन हमें इधर-उधर घुमाते रहे लगभग 3 दिन तक घुमाया तब जाकर में आपसे मदद की गुहार लगा रहा हूं कृपया करके मेरी मदद करें सूचना मिलते ही भीम आर्मी सारंगपुर टीम और जीरापुर टीम के दर्जनों पदाधिकारी और कार्यकर्ता संडावता चौकी पर गए जहां पर चौकी प्रभारी नहीं मिले और किसी ने कोई सुनवाई नहीं की।

जिसके बाद भीम आर्मी टीम छापीहेड़ा के लिए रवाना हुई वहां जाने के बाद कार्यवाही के संबंध में बात की, पहले तो पुलिस वालों ने भीम आर्मी को ही चकमा देना चाहा, पुलिस वालों ने कहा कि नॉर्मल धाराओं में केस दर्ज कर देते हैं। आप का भी काम हो जाएगा और हमारा भी, भीम आर्मी के कार्यकर्ताओ ने कहा कि हमारे लोगों पर आए दिन अत्याचार उत्पीड़न हो रहा है, आप प्रदीप पर कार्यवाही करने की वजह उल्टा फरियादी को ही गुनहगार साबित करने में लगे हैं यदि आप राजनेताओं के दबाव में रहकर काम करोगे तो हमारे साथ अन्याय अत्याचार होता रहेगा।

अपराधी पर कार्यवाही करने की वजह आपको केस को रफा-दफा करने की पड़ी है। अगर आप केस दर्ज नहीं करते हो तो हम अपनी टीम को लेकर धरने पर बैठेंगे। चाहे कुछ भी हो आपको कैस दर्ज करना ही पड़ेगा, तब जाके धारा 294,323,506 व अनु जाति जनजाति अधिनियम 1989 धारा 3 (1) द, 3(1) ध, एवं 3(2) va, एफ आई आर दर्ज की गई। जहां पर भीम आर्मी से दीपक वाल्मीकि, डॉ राजेश वर्मा, पवन मालवीय, श्यामलाल मालवीय, बलराम वर्मा ,ब्रजमोहन वर्मा, रमेशचन्द्र, राजकुमार, पवन मालवीय, एवं भीम आर्मी के दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।