भोपाल

कैमेस्ट्री फैकल्टी को मिला प्रैक्टिकल ट्रैनिंग

कैमेस्ट्री फैकल्टी को मिला प्रैक्टिकल ट्रैनिंग

नई शिक्षा नीति 2020 और समग्र शिक्षा अभियान उच्चतर शिक्षा द्वारा लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश के निर्देशन पर उच्च माध्यमिक प्राध्यापकों हेतु रसायन विज्ञान विषयों की कठिन अवधारणाओं को समझने हेतु पांच दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

स्कूल शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन के अंतर्गत समग्र शिक्षा अभियान सेकेंडरी एजुकेशन, लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त मनीषा सेतिया ने आज भोपाल स्थित रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ एजुकेशन, भोपाल में ट्रेनिंग ऑफ़ सीनियर सेकेंडरी कैमेस्ट्री टीचर्स अंडर समग्र शिक्षा अभियान में कहा कि जो आज आप सभी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है, वह जमीनी स्तर पर कक्षाओं तक पहुचें, यह जिम्मेदारी आपकी है। जैसा कि ज्ञात है भोपाल स्थित रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ एजुकेशन को नैक द्वारा ए डबल प्लस की ग्रेडिंग प्राप्त हुई हैं। हम सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के फैकल्टीस को उच्च गुणवत्ता वाली संस्थानों में प्रशिक्षित कर रहे हैं। ताकि इसका फायदा दूर दराज़ के विद्यार्थियों को मिल पाए।


इस अवसर पर लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त डॉ. महेश जैन ने बताया कि इस तरह का प्रशिक्षण सीनियर सेकेंडरी सभी विषयों के संचालित हो रहे है। इन सभी का मुख्य उद्देश्य नई शिक्षा निति और समग्र शिक्षा अभियान को ध्यान में रखकर सभी विद्यार्थियों का उन्नयन करना है। मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पन्ना जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक राजेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि प्रशिक्षण में मध्यप्रदेश के हर जिले से दो टीचर्स को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित दिया जा रहा है। यह मास्टर ट्रेनर अपने जिले में जाकर अपने विषयों के अन्य टीचर्स को शिक्षित और प्रशिक्षित करंगे। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चंदनगाँव छिंदवाड़ा की शिक्षिका मनीषा दुबे ने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान स्कूली शिक्षा के लिए एक एकीकृत योजना है। जिसमें प्रायमरी स्कूल से वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक के स्कूल को सहायता के साथ प्रशिक्षण देने का प्रावधान प्रदान करती है।

छिंदवाड़ा जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बनगांव के रसायन शास्त्र के टीचर कमलेश चौरासे ने बताया कि यह प्रशिक्षण इक्कीसवी सदी के जीवन कौशल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के साथ रसायन विज्ञान के अभिप्रयोग पर केन्द्रित हैं। इसमें रसायन विज्ञान विषय को, सूचना संचार प्रौद्योगिकी, शिक्षण की नवीन विधाओं के साथ जोड़कर अंतर्विषयक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षणार्थी टीचर्स मनीष कुमार शर्मा, नरसिहपुर, निर्मल कुमार सूर्यवंशी, मन्दसौर, प्रदीप कुमार शर्मा दमोह, सत्यनारायण नायक,शासकीय उमावि देवलाबिहार, जिला शाजापुर, बी डी कुन्देश्वर,उमावि, टीकमगढ़
सीमा अग्रवाल, दमोह, दिलीप सिंघ सिसोदिया, पचोर, राजगढ़, के के राजोरिया, गाडरवाड़ा, नरसिहपुर, कमलेश ठाकरे, उमावि, रामपायली, बालाघाट, विजय कोटवार,उमावि, गोसलपुर, सिहोरा, जबलपुर, शैलेन्द्र कुमार जैन, उमावि, बररू, सागर, विदा रापर्या, उमावि, पाटन, जबलपुर, भगवान उपाध्याय, उमावि, देवास, उमा वर्मा, कटनी और राखी, बरमैया,उमाकवि, सिवनी आदि ने बताया कि प्रशिक्षण में कठिन बिन्दुओं का निराकरण आसान उदाहरणों के साथ प्रस्तुत किया गया। इसमें खेल-खेल में विभिन्न गतिविधियो, समूहचर्चा, वाद-विवाद, सहायक सामग्री के उपयोग से कैसे शिक्षण सुरुचिकर व सुलभ हो इसकी जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण में दृश्य श्रृव्य माध्यम हेतु विषय वस्तु उत्पादन के तौर तरीकों पर भी जोर दिया गया।

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