देश-विदेश मध्यप्रदेश राजगढ़ शिक्षा समाज

अंतराष्‍ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्‍या पर ‘साडी वॉकथान’ का आयोजन कलेक्‍टर ने विभिन्‍न क्षेत्रों में उत्‍कृष्‍ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया सम्‍मानित

अंतराष्‍ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्‍या पर ‘साडी वॉकथान’ का आयोजन कलेक्‍टर ने विभिन्‍न क्षेत्रों में उत्‍कृष्‍ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया सम्‍मानित

कबीर मिशन समाचार/राजगढ 07 मार्च, 2024 संत रविदास मध्‍यप्रदेश हस्‍थशिल्‍प एवं हथकरद्या विकास निगम के तत्‍वावधान में अंतराष्‍ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्‍या पर राजगढ में 07 मार्च को साडी वॉकथान का आयोजन किया गया। साडी वॉकथान मंगल भवन से प्रारंभ होकर पारायण चौक, जेल रोड से गुजरते हुए वापस मंगल भवन पहुंची। इस वॉकथान में बडी संख्‍या में महिलाओं ने भागीदारी की। साडी वॉकथान के शुभारंभ अवसर पर कलेक्‍टर श्री हर्ष दीक्षित ने विभिन्‍न क्षेत्रों में उत्‍कृष्‍ट कार्य करनी वाली महिलाओं को सम्‍मानित किया।

सम्‍मानित होने वाली महिलाओं में शासकीय स्‍नात्‍कोत्‍तर महाविद्यालय ब्‍यावरा की प्राध्‍यापक डॉ. मगलेश सौलंकी, उत्‍कृष्‍ट विद्यालय की व्‍याख्‍याता श्रीमती पायल सौलंकी, प्राथमिक विद्यालय पडिया की शिक्षक श्रीमती वंदना चौहान, महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाडी कार्यकर्ता सुश्री ममता कारपेंटर एवं सुश्री सरिता पाठक, आशा परिवेक्षक सुश्री सीता तंवर एवं स्‍व-सहायता समूह से सुश्री सीमा गुर्जर शामिल थीं। इस अवसर पर संबोधित करते हुए डिप्‍टी कलेक्‍टर कुमारी निधि भारद्वाज ने कहा की साडी हमारे संस्‍कार का प्रतीक है। इसको पहनने से अन्‍य परिधानों की तुलना में ज्‍यादा आत्‍मसम्‍मान की भावना आती है।

साडी परिधान महिलाओं के लिए रूकावट नहीं बल्कि उनके आत्‍मसम्‍मान का द्योतक है। कार्यक्रम को सामाज सेविका श्रीमती अनिता दुबे, श्रीमती नीलम सक्‍सेना, श्रीमती अनिता वर्मा एवं श्री मनीष जोशी ने भी सम्‍बोधित किया। उल्लेखनीय है कि हमारे देश में समृद्ध और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक होने के साथ-साथ बड़ी संख्याओं में लोगों, विशेषकर महिलाओं को रोजगार प्रदान करने वाले प्रमुख क्षेत्रो में से एक हाथकरघा क्षेत्र है।

भारत की विरासत को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से विकास आयुक्त, कपड़ा मंत्रालय द्वारा भारत साड़ी वॉकथॉन प्रायोजित किया जा रहा है। इस आयोजन से हाथकरघा समुदाय को साड़ी बुनाई की पुरानी परम्परा पर नए सिरे से ध्यान केन्द्रित कर अधिक से अधिक आय में वृध्दि कराने की संभावनाएं हैं।भारतीय संस्कृति और मान्याताओं में साड़ी एक सम्पूर्ण परिधान है इसे पहनना किसी भी महिला के लिए उन्नति और गौरव का प्रतीक है।

साड़ी वॉकथॉन एक अनोखा आयोजन है, जिसका उद्देश्य भारत के सभी क्षेत्रों से साड़ी के प्रति उत्साही लोगों को एक साथ लाना है और हमारे सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाना है। वॉक को एक स्वस्थ और मजेदार गतिविधि के रूप में जोड़ा गया है जो प्रतिभागियों को चलने और एक-दूसरे के साथ बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित करती है।।

About The Author

Related posts