धार

धार जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन

धार जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन

बच्चों में खेल गतिविधियों के माध्यम से शारीरिक क्षमता विकसित होती है- मार्गरेट गवाडा

  • पवन सावले

जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन

 यूनिसेफ और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को शासकीय कन्या शिक्षा परिसर धार में अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस के उपलक्ष में  जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर यूनिसेफ की मध्यप्रदेश प्रमुख मार्गरेट ग्वाडा ने कहा कि बच्चों को खेलने का अधिकार है। इस अधिकार के प्रति यहां बालिकाओं में जागरूकता देखकर खुशी होती है। आदिवासी अंचल की बच्चियों में कबड्डी जैसे प्रतिस्पर्धा के रुचि होना सकारात्मक स्थिति है। बच्चों में खेल गतिविधियों के माध्यम से शारीरिक क्षमता विकसित होती है। जो उनके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।   
 यूनिसेफ की मध्यप्रदेश प्रमुख मार्गरेट ग्वाडा ने आगे कहा कि धार के इस परिसर में आयोजन को देख कर खुशी हुई है। यूनिसेफ प्रतिवर्ष विश्व बाल दिवस पर 20 नवंबर को व्यापक स्तर पर गतिविधियां करता है। यहां बालिकाओं को मैं यही संदेश देना चाहती हूं कि वह खेल से अपना नाता जोड़े रखें। जिला प्रशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां पर बच्चों के लिए अच्छे कार्य हो रहे हैं।  इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  के एल मीणा ने कहा कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है। इसीलिए बच्चों को खेल गतिविधियों से जुड़े रहना चाहिए। खेल स्पर्धाओं के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ इस तरह की गतिविधि कर रहा है, यह सराहनीय है। खासकर ग्रामीण और आदिवासी अंचल में यूनिसेफ प्रमुख और उनकी टीम आती है तो यह अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि हम यूनिसेफ को हर स्तर पर सहयोग करेगे। इस मौके पर मध्य प्रदेश यूनिसेफ के एजुकेशन स्पेशलिस्ट एफ. ए. जामी ने  खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। मध्य प्रदेश यूनिसेफ के कम्यूनिकेशन स्पेशलिस्ट डॉ अनिल गुलाटी ने विशेष रूप से विश्व बाल दिवस का महत्व बताया। विश्व बाल दिवस पर इस बार खेलों के अधिकारों की थीम के बारे में विस्तार से जानकारी। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग की प्रमुख डॉ सोनाली नरगुंदे ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ द्वारा ब्लू रंग को जो प्रतीक बनाया गया है, वह इस बात का संकेत है कि बच्चे आसमान तक उड़ान भर सकते हैं।



इस आयोजन में 13 टीमों सहभागिता की गई। प्रत्येक विकासखंड से 1-1 टीम शामिल हुई। शुरुआती मैच धार और तिरला की टीम के बीच खेला गया था।  इसमें कुक्षी कन्या परिसर विजेता तथा धरमपुरी छात्रावास  टीम उपविजेता रही। अतिथियों ने विजेता व उपविजेता टीम को पुरस्कृत किया। साथ ही सभी प्रतिभागी टीमों को प्रमाण पत्र वितरित किए।

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