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किसानों की चिंता बढ़ी बारिश नहीं होने से सोयाबीन पर गहराया संकट, फसल नष्ट होने की कगार पर

किसानों की चिंता बढ़ी बारिश नहीं होने से सोयाबीन पर गहराया संकट, फसल नष्ट होने की कगार पर

कबीर मिशन समाचार माकड़ौन सुरेश परमार संवाददाता 9516422588

मध्य प्रदेश में उज्जैन जिले के माकड़ौन तहसील में सोयाबीन से किसानों की चिंता बढ़ने लग गई है क्योंकि सोयाबीन की फसल को बारिश की लंबी खींच के बाद भी अभी तक पानी की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध नहीं हो पाई है जिसके कारण सोयाबीन की फसल नष्ट होने की कगार पर आ चुकी है । इसके कारण मध्य प्रदेश के किसानों में एक चिंता का विषय बन चुका है।

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले माकड़ौन तहसील के किसानों के लिए सोयाबीन की फसल के लिए अभी वर्तमान में बारिश होना अत्यंत आवश्यक हो गया है अगर बारिश में देरी होती है तो मध्य प्रदेश के किसानों को सोयाबीन की फसल को लेकर एक बहुत बड़ा नुकसान देखने को मिल सकता है क्योंकि सोयाबीन की फसल अभी फुल अवस्था पर है और फुल अवस्था में सोयाबीन की फसल को पानी की आवश्यकता होती है।

अभी मध्य प्रदेश के कई जिलों में सूखे जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं जिससे सोयाबीन की फसल नष्ट होने की कगार पर जा चुकी है। किसानों के पास में सिंचाई के साधन तक नही है । क्योंकि किसान भाइयों कर्जा के कर ही खेती करते है उनका सही दाम इनको नही मिलता है ,ऊपर से पानी की समस्या बन गई है अब इल्लियों का कहर नजर आ रहा है। सभी अधिकारी और प्रशासन सुस्त उनको कोई फर्क नही पड़ता है किसानों से तो और पटवारी सर्वे नही करता है।


उत्पादन होगा प्रभावित


अभी वर्तमान में सोयाबीन की फसल फुल अवस्था में है और फूलों अवस्था में बारिश की खेच लगने के कारण सोयाबीन की फसल में उत्पादन की कमी देखने को मिल सकती है जिससे सोयाबीन का उत्पादन कम हो सकता है और इससे सोयाबीन किसानों को एक बड़ी हानि का झटका लग सकता है ।

बारिश की खेच मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र ओर उज्जैन जिले के माकड़ौन तहसील में देखने को मिल रही है मालवा क्षेत्र में अभी सूखे जैसे हालात देखने को मिले हैं यहां बारिश को लगभग पिछले 15 दिन हो चुके हैं बात करें मालवा क्षेत्र में जिलों की तो मध्यप्रदेश से लगे हुए उज्जैन क्षेत्रों में बारिश की खेच देखने को मिल रही है ।

बारिश की खेच को देखते हुए इन माकड़ौन, ठिकाना सुवास गांव कड़ोदिया, पचोला , रूपाखेड़ी ,नांदेड़, ओर सभी 110 गाँव के किसानों को सोयाबीन का भारी नुकसान होने की संभावना दिखाई दे रही है। पिछले कई सालों से नुकसान झेल रहें किसानों की चिंताए अब बढ़ती नजर आ रही है।

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