मध्यप्रदेश राजगढ़

निर्वाचन पुस्तिका, पोस्टर जिसके मुख्य-पृष्ठ पर उसके मुद्रक, प्रकाशक का नाम और पता मुद्रित होना अनिवार्य

निर्वाचन पुस्तिका, पोस्टर जिसके मुख्य-पृष्ठ पर उसके मुद्रक, प्रकाशक का नाम और पता मुद्रित होना अनिवार्य

राजगढ 26 अक्‍टूबर, 2023
निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान कोई भी व्यक्ति निर्वाचन पुस्तिकाओं, पोस्टरों के मुद्रण, ओर प्रकाशन की लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के तहत शासित किया जाता है। अधिनियम के प्रावधान अनुसार कोई भी व्यक्ति कोई ऐसी निर्वाचन पुस्तिका या पोस्टर जिसके मुख्य-पृष्ठ पर उसके मुद्रक और प्रकाशक के नाम और पते न हो मुद्रित या प्रकाशित नहीं करेगा और न मुद्रित या प्रकाशित कराएगा। कोई भी व्यक्ति किसी निर्वाचन-पुस्तिका या पोस्टर को न तो मुद्रित करेगा, न मुद्रित करायेगा। जिसमें वह उसके प्रकाशक की जानकारी के बारे में अपने द्वारा हस्ताक्षरित और ऐसे दो व्यतिक्तयों द्वारा जो उसे स्वयं जानते है, अनुप्रमाणित द्विप्रतीक घोषणा को परिदत्त कर देता है। जिसमें कि मुद्रक घोषणा की एक प्रति दस्तावेज की एक प्रति के सहित मुख्य निर्वाचन अधिकारी को, या अन्य जिले के मजिस्ट्रेट को दस्तावेज के मुद्रण के पश्चात युक्तियुक्त समय के भीतर भेज होगा। दस्तावेज की अनेकानेक प्रतियां बनाने की किसी ऐसी प्रक्रिया जो हाथ से नकल करके ऐसी प्रतियां बनाने से भिन्न है यह समझ जायेगा कि वह मुद्रण है और “मुद्रक” पद का अर्थ तदनुसार लगाया जायेगा तथा “निर्वाचन पुस्तिका या पोस्टर” से किसी अभ्यर्थी या अभ्यर्थियों के समूह के निर्वाचन को सम्प्रवर्तित या प्रतिकूलतः प्रभावित करने के प्रयोजन के लिए वितरित कोई मुद्रित पुस्तिका पर्ची या अन्य दस्तावेज या निर्वाचन के प्रति निर्देश करने वाला कोई प्लेकार्ड या पोस्टर अभिप्रेत है किन्तु किसी निर्वाचन सभा की तारीख, समय, स्थान और अन्य विशिष्टियों को केवल आख्यापित करने वाला या निर्वाचन अभिकर्ताओं या कार्यकर्ताओं को चर्चा संबंधी अनुदेश देने वाला कोई पर्ची प्लेकार्ड या पोस्टर इसके अन्तर्गत नहीं आएगा।

जो कोई व्यक्ति अधिनियमों एवं उपबंधों में से किसी का उल्लघंन करेगा वह कारावास से, जिसकी अवधि छ: माह तक की हो सकेगी, या जुर्माने से जो दो हजार रूपये तक का हो सकेगा, या दोनो से दण्डनीय होगा। विधानसभा निर्वाचन 2023 को दृष्टिगत रखते हुये एतद् द्वारा जिले के मुद्रणालयों के लिये निर्देश जारी किये जाते है। किसी भी निर्वाचन पैफ्लेट अथवा पोस्टर या उसके द्वारा मुद्रित इसी प्रकार की अन्य सामाग्री पर प्रिंट लाईन पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम व पता व मुद्रित प्रतियों की संख्या स्पष्ट रूप से मुद्रित किया जाए। प्रत्येक मुद्रक प्रकाशक से प्राप्त विज्ञप्ति सहित मुद्रित सामाग्री की प्रतियां (मुद्रित सामाग्री की तीन अतिरिक्त प्रतियों सहित). इसके मुद्रण के तीन दिनों के भीतर जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध करायेंगे। मुद्रक या प्रकाशक के द्वारा धारा 127 के प्रावधानों और भारत निर्वाचन आयोग के अनुदेशों का कोई भी उल्लघंन गंभीरता से देखा जाएगा और उसके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही जिसमें उपर्युक्त मामलों में राज्य के संबंधित कानूनों के अन्तर्गत मुद्रणालय के लायसेंस का प्रतिसंधारण भी शामिल है, की जाएगी ।

निर्वाचन पैपलेटों अथवा पोस्टरों आदि के मुद्रण का कार्य हाथ में लेने से पहले धारा 127 की शर्तो के अनुसार अनुबंध में दिये गये आयोग द्वारा निर्धारित प्रोफार्मा में प्रकाशक से एक विज्ञप्ति प्राप्त कर लेनी चाहिए। यह विज्ञप्ति प्रकाशक द्वारा हस्ताक्षरित होना चाहिये और ऐसे दो व्यक्तियों द्वारा सत्यापित होना चाहिये जो प्रकाशक को व्यक्तिगत रूप से जानते हो। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अथवा जिला मजिस्ट्रेट के पास भेजते समय इसके मुद्रक से भी प्रमाणित करवाना चाहिये। ऐसी मुद्रित सामाग्री और विज्ञप्ति के साथ ही मुद्रक को इस बारे में छापे गये दस्तावेजों की प्रतियां की संख्या ओर इस कार्य के लिये वसूली गई कीमत आयोग द्वारा निर्धारित अनुबंध “ख” में दिये गये प्रफार्मा में भरकर प्रस्तुत करनी चाहिए ।

जारी निर्देशानुसार निर्वाचन पैंपलेटों अथवा पोस्टर आदि प्राप्त होंगे वे जांच किये जायेंगे की प्रकाशक और मुद्रक में कानून की अपेक्षओं और आयोग के उपरोक्त निर्देशों का अनुपालन किया है या नहीं। उन्हें उसकी एक प्रति अपने कार्यालय में किसी सुप्रकट स्थान पर प्रदर्शनार्थ रखवानी चाहिये ताकि सभी राजनैतिक दल अभ्यार्थी एवं अन्य इच्छुक व्यक्ति जाँच कर सकें के ऐसे दस्तावेज से संबंधित कानूनी अपेक्षओं का विधिवत अनुपालन किया गया है और जो उन्हें इस हेतु भी सक्षम करेगा कि वो दूसरे निर्वाचन पैंफ्लेटों पोस्टरों आदि से संबंधित मामलों में कानून की अपेक्षाओं का उल्लघंन किये जाने की स्थिति में संबंधित प्राधिकारी की जानकारी में ला सके। निर्वाचन पैंपलेटों पोस्टरों आदि के प्रकाशन संबंधी किसी मामले में धारा 127- के प्रावधानों और आयोग के निर्देशों के उल्लघंन से संबंधित मामला आने और अथवा उनके नोटिस में जाये जाने पर जिला मजिस्ट्रेट जाँच के लिये कार्यवाही शुरू करेंगे। ऐसी सभी मामलों में दोषियों के विरूद्ध अभियोजन यथा शीघ्र कार्यवाही किये जायेगे और संबंधित न्यायालयों में मामलों की भली प्रकार जॉच की जायेगी। सभी राजनैतिक दलों अभ्यार्थियों और अन्य संबंधितों को सावधान किया जाता है कि कानून और आयोग के निर्देशों को किसी भी प्रकार के उल्लघंन को गंभीरता पूर्वक देखा जायेगा और दोषियों के विरूद्ध अत्यंत कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

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