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स्वीकृति के 18 महिने बाद भी सरपंच ने नहीं डाली पाईप लाईन ,जिला और जनपद में मची खलबली, जिला कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

स्वीकृति के 18 महिने बाद भी सरपंच ने नहीं डाली पाईप लाईन ,जिला और जनपद में मची खलबली, जिला कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

कबीर मिशन समाचार।

चीताखेडा-6सितंबर। स्थानीय गांव की पंचायत विगत 7 वर्षों में गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य एवं अव्यवस्था के मामले में अव्वल रही है और प्रशासनिक जिला प्रशासनिक अधिकारियों को गुमराह कर अपना निजी स्वार्थ साधने में माहिर रहा है सरपंच। पंचायत के वार्ड क्रमांक एक में पाईप लाईन 18महिने बाद भी नहीं डाली गई। जिला और जनपद पंचायत में मची खलबली। मामला जिला कलेक्टर के दरबार में पहुंचा,दिये जांच के आदेश। स्थानीय गांव में 40 प्रतिशत घरों में शौचालय तक नहीं है ग्रामीण को मजबूर वश खुले में सोच करने जाना पड़ रहा है। सरपंच ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को गुमराह कर शत प्रतिशत शौचालय ग्राम मुक्त होने की गलत जानकारी देकर प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर ली है। ऐसा ही वाक्या एक और सामने आया है चीताखेड़ा पंचायत के वार्ड क्रमांक 1 में वार्ड वासियों को पेयजल उपलब्ध हेतु पाइप लाइन विस्तार एवं मोटर पंप स्थापना कार्य हेतु ग्राम पंचायत 15वां वित्त आयोग निधि से स्वीकृत क्रमांक 652 मध्यप्रदेश शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश क्रमांक 7244 टी.एस. दिनांक 22 मार्च 2021को 3लाख22हजार की राशि की स्वीकृति जारी कर दी गई थी,परंतु सरपंच महाशय ने अपनी अड़ियल रवैए की हरकतों के अनुसार 18 महीने बाद भी वार्ड क्रमांक एक में नवीन पाईप लाईन से घरेलू नल कनेक्शन हेतु पाइपलाइन डाली तक नहीं है।

संबंधित विभाग द्वारा दो- दो बार लिखित में नोटिस भेजे गए थे, लेकिन उसके बावजूद भी समय पर पाइपलाइन नहीं डाली गई।जब गांव के जागरूक नागरिकों द्वारा सूचना अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई तो आनन-फानन में वर्तमान सरपंच से सांठगांठ करके ताबड़तोड़ में पाईप लाईन डालने का प्रयास किया जा रहा था जिसमें कई अनियमितताएं की जा रही थी जिसको देखकर वार्ड पंच के साथ वार्ड वासियों ने यह कह कर काम रुकवाया की नियमानुसार कार्य नहीं किया जा रहा है। जबकि पूर्व सरपंच का कार्यकाल समाप्त हुए 2 माह से अधिक समय हो गया है। पाइप लाइन डालने में कई अनियमितताएं बरती जा रही थी जमीन की मामूली खुदाई कर पाइप लाइन डालने का प्रयास किया जा रहा था जबकि ग्रामीणों का कहना है कि 3 फीट गहरी खाई खोद कर पाइप लाइन डालने का नियम है जमीन के ऊपर नहीं डाली जा सकती है पाईप लाईन। जहां पाइप लाइन डालने का प्रयास किया जा रहा है वहीं पर कुछ ही दिनों पूर्व बड़ी कटर का निर्माण किया गया था जहां पर जिन-जिन निवासियों के घरों के सामने से गटर का निर्माण किया गया है।उसी दौरान पाईप लाईन डालने का कार्य क्यों नहीं किया गया। आधी-अधूरी गटर बनाकर छोड़ दि गई थी उन सभी को स्वयं के 15हजार रुपए के लगभग हर व्यक्ति को आर्थिक मार वाहन कर के आवागमन लायक बनाया गया था। और फिर घरों के सामने पाइप लाइन डालने के नाम से खुदाई शुरू कर दी गई है। पाईप लाईन का मामला लेकर वार्ड वासी पहुंचे जिला कलेक्टर कार्यालय जहां जिला पंचायत और जनपद पंचायत के अधिकारियों में हड़कंप मच गई, जिला कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश।
इनका कहना–
पंचायत के वार्ड क्रमांक एक में पाइपलाइन के 18 महीने पूर्व पंचायत सरपंच ने राशि आहरण कर ली थी परंतु आज तक सरपंच द्वारा पाइपलाइन तक नहीं बिछाई गई । पूर्व में भी जिला व जनपद पंचायत में सरपंच के भ्रष्टाचार के मामले को लेकर शिकायत की गई थी जो कि आवेदन भी गायब करवा दिया गया। मैंने लिखित में जिला कलेक्टर महोदय को शिकायत की है जिस पर जिला कलेक्टर महोदय ने जांच के आदेश दिए हैं।
गोपाल जैन वार्डवासी चीताखेड़ा

1 माह पूर्व ही गटर का निर्माण किया गया था उसी दौरान पाइपलाइन डाल देनी थी, जिन वार्ड वासियों के घरों के सामने से गटर का निर्माण किया गया था पंचायत में अधूरा छोड़ दिया था। वार्ड वासियों ने अपने स्वयं के आर्थिक व्यय से गटर पर आवागमन लायक मार्ग बनाया गया। अब फिर उसी कटर को खोदकर पाइप लाइन बिछाना चाहती है पंचायत।
मुकेश माली, वार्ड क्रमांक एक पंच ग्रा.पं.चीताखेडा।

वार्ड क्रमांक एक में पाइप लाइन बिछाने के लिए पंचायत ने कोई राशि आहरण नहीं की। हम जल्द ही पाइपलाइन का कार्य पूर्ण कर लेंगे।
अशोक जैन, सचिव ग्रा.पं.चीताखेडा।

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