प्राकट्योत्सव के उपलक्ष में सत्संग प्रवचन विशाल भंडारा विराट कुश्ती का आयोजन किया गया विश्व सनातन दर्शन मंदिर रामकोला में

योगेश गोविन्दराव तहसील संवाददाता कप्तानगंज कुशीनगर

हर साल दशहरे के तीसरे दिन परमानंद महाराज जी का प्रकाटयोत्सव रामकोला स्थित सनातन विश्व मंदिरअनुसूइया आश्रम में मनाया जाता है। शुक्रवार को इस अवसर पर परिसर में स्थित महाराज की धूनी पर मंदिर के व्यवस्थापक रंगनाथ बाबा की देखरेख में वाराणसी, जौनपुर, धारकुंडी, चित्रकूट आदि धर्मस्थलों से आये संत महात्माओं ने पूजन शुरू किया। करीब एक घण्टे के पूजा पाठ करने के बाद आरती की गई। इस आरती के संपन्न होने के बाद ही भंडारे में प्रसाद वितरण का कार्यक्रम शुरू हो गया। जो सुबह 10: बजे के बाद से शाम 7 बजे तक चलता रहा।

इसी क्रम सत्संग भजन और भक्ति गीतों का भी आयोजन हुआ जिसमें संतो की अमृतवाणी से श्रद्धालु अभिसिंचित होते रहे। दोपहर बाद करीब 3 बजे से दंगल की शुरूआत क्षेत्रीय पहलवान रोहन बभनौली और आकाश सोहंस के बीच कुश्ती से हुई। इस कुश्ती में आकाश ने रोहन को पटखनी दे दी। कुशीनगर सांसद विजय कुमार दुबे व रामकोला विधायक विनय प्रकाश ने अयोध्या हनुमामगढ़ी के पहलवान संजय दास और वाराणसी के प्रदीप का हांथ मिलवाकर दंगल का विधिवत शुरुआत किया। 7 मिनट की इस कुश्ती में संजय दास ने 4 मिनट में ही प्रदीप को आसमान दिख दिया। इसके अलावा सागर व सत्येंद्र की कुश्ती बराबर पर छूटी। वहीं नंदिनीनगर के गूंगा पहलवान ने बरेली के भूरा को 3 मिनट में ही पटखनी दे दी। दंगल में महराजगंज, गाजीपुर, पडरौना व बरेली के अलावें क्षेत्रीय पहलवानों ने भी अपनी दांव पेंच का प्रदर्शन किया।

संचालन पहलवान धनंजय सिंह ने किया। शुभारंभ के बाद सांसद विजय कुमार दुबे ने कहा कि कुश्ती कला के लिए कभी भारत दुनिया का सिरमौर हुआ करता था। आज मिलीजुली कुश्ती के कारण इसकी चमक समाप्त होती जा रही है। अगर ईमानदारी से पहलवान अपनी कला का प्रदर्शन करें तो हारने व जीतने वाले दोनों पहलवानों का जनता सम्मान करेगी। इस मौके पर पूर्व विधायक मदन गोविन्द राव, पूर्व जिला अध्यक्ष जयप्रकाश शाही, अजय गोविन्द राव शिशु, आशुतोष उर्फ गोलू गोविन्द राव, प्रिंस गोविन्द राव, विश्वजीत गोविन्दराव, लल्लन गोविन्दराव, संजीव सिंह, दिलीप वैश्य, प्रदीप जयसवाल, कार्यक्रम के संचालक सत्यपाल गोविन्द राव, रामानुज मिश्र, व्यापार मंडल अध्यक्ष अनूप श्रीवास्तव, निखिल उपाध्याय, जितेश गोविन्द राव, भोलू गोविन्दराव, आदि मौजूद रहे।