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कुशीनगर| पुर्व राज्य मंत्री राधेश्याम सिंह के नेतृत्व में 10 सितम्बर को मनेगी शहीद किसानों की 31 वीं पुण्यतिथि।

कुशीनगर| पुर्व राज्य मंत्री राधेश्याम सिंह के नेतृत्व में 10 सितम्बर को मनेगी शहीद किसानों की 31 वीं पुण्यतिथि।

पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह व ब्लॉक प्रमुख दिग्विजय सिंह ने शहीद स्थल पर किसान मेला के साफ सफाई रंगाई पुताई का लिया जायजा।

जिला ब्यूरो चीफ योगेश गोविन्दराव कबीर मिशन समाचार पत्र कुशीनगर उत्तर प्रदेश।

कुशीनगर/रामकोला में राज्य मंत्री राधेश्याम सिंह के नेतृत्व में किसानों का मेला मनाया जाएगा।
पड़ोही,जमादार मियां के याद में 10 सितंबर 1992को रामकोला गोलीकाण्ड में शहीद हुए थे।
दो किसान।

रामकोला के त्रिवेणी चीनी मिल के गेट के पास बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों पर 10 सितंबर 1992 में फायरिंग होने पर दो किसानों शहीद हो गए थे। उन्हीं याद में किसानों की 31वी पुण्यतिथि किसान नेता व उस आन्दोलन के अगुआ राधेश्याम सिंह के नेतृत्व में रविवार को मनाई जाएगी । जिसका आज शनिवार को दोपहर बाद राज्य मंत्री राधेश्याम सिंह ने शहीद स्थल पर साफ सफाई रंगाई पुताई का जायज़ा लिया और जो भी कमी, थी।

उसको पूरा कराने को फैक्ट्री मैनेजर मानवेन्द्र राय को निर्देश दिया।


सितंबर 1992 में रामकोला नगर में स्थित त्रिवेणी चीनी मिल प्रशासन द्वारा किसानों का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न करने से तंग आकर क्षेत्र के किसानों ने किसान नेता राधेश्याम सिंह के नेतृत्व में आंदोलन शुरू किया। आंदोलन अनवरत चलता रहा । 9 सितंबर को चीनी मिल के कुछ बड़े पदाधिकारियों को आन्दोलन कारियों ने धरना स्थल पर बैठा लिया। किसान आंदोलन के अगुआ राधेश्याम सिंह, शंभू सिंह, शशिभूषण पांडेय सहित एक दर्जन किसान नेताओं को वार्ता के लिए थाने पर बुलाया गया।

देर रात वार्ता विफल हो गई। दूसरी ओर चीनी मिल अधिकारियों को धरना स्थल पर पकड़ कर बैठाये जाने की खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और हजारो किसान धरना स्थल पर पहुंच गए। देर रात किसानों को रिहा न किये जाने के बाद धरना स्थल पर जुटे नेतृत्व विहीन किसानों ने थाने को घेर लिया और अपनी किसान नेताओं को छोड़ने की बात कहने लगे। रात करीब 12:00 बजे के बाद थाना घेरो किसानों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग और आंसू गैस के गोली दागे। जिसका जवाब किसानों ने भी दिया। भीड़ को तितर-बितर करने में सफल पीएसी और पुलिस बल के जवान आंदोलन के 23वें दिन 10 सितंबर को फायरिंग की ।

जिसमें पड़ोही दलित को वर्तमान शहीद स्थल के निकट गोली लगी और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई जबकि जमादार मियां की मौत देवरिया जेल में हुई। पीएसी व पुलिस बल के लाठी चार्ज में किसानों सहित तमाम अन्य लोग भी घायल हो गए । किसान नेता राधेश्याम सिंह भी बुरी तरह घायल हो गए । राधेश्याम सिंह सहित तमाम किसानों को गिरफ्तार कर देवरिया जेल भेज दिया गया। 250 किसनो पर मुकदमा दर्ज किया गया ‌। उसके बाद से रामकोला में राजनीतिक दलों के नेताओं का रामकोला आने का क्रम शुरू हो गया।

समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव देवरिया जेल में राधेश्याम सिंह से मिलने गए और उनके साहस और आन्दोलन की तारीफ भी किए। उसी समय किसान आंदोलन के अगुआ राधेश्याम सिंह ने प्रण कर लिया कि जब तक जीवित रहूंगा किसानों की शहादत दिवस को मनाता रहूंगा। चीनी मिल गेट पर शहीद किसानों की याद में शहीद स्मारक भी बना। इस वर्ष भी किसानों का मेला मनाया जाएगा। जिसमें ब्लॉक प्रमुख दिग्विजय सिंह राजेश्वर गोविंद मुन्ना बाबू, प्रेम सिंह फतते सिंह सतीश कुशवाहा, सुरेंद्र यादव जनार्दन यादव, आदि लोग उपस्थित रहे।

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