शिवाजी पब्लिक स्कूल में जादूगर सुनैना ने दिखाया जादुई करतब, बच्चे मनोरंजक खेल देख हुए आनंदित, बजाई तालियां

कबीर मिशन समाचार बृजेंद्र पाल बंसल मालनपुर/ मालनपुर के समीप एनएच 719 पर स्थिति शिवाजी पब्लिक स्कूल में शनिवार को जादूगर सुनैना ने करतब दिखाकर लोगों को अचंभित कर दिया जादूगर की कला देखकर बच्चे बहुत ही खुश और आनंदित महसूस कर रहे थे और जमकर तालियां बजा रहे थे जादूगर ने कई ऐसे कारनामे दिखाए जिससे सभी लोग हैरत में पड़ गए जादूगर सुनैना ने खाली पिटारे से तिरंगा झंडा एवं कई चीजें निकाली, चावलों से भरी कटोरी से चावल गायब कर पानी भर दिया,

दो खाली डब्बो से कई बोतलों को निकाला, दीपक जलाकर थाली से पुष्पमाला निकाली और भी कई तरह की कलाकारी जादूगर ने दिखाई बच्चे बस एकटक होकर जादू का खेल देखने में मग्न थे जादूगर ने ज्ञानवर्धक और जादुई करतब दिखाकर छात्र-छात्राओं का भरपूर मनोरंजन किया इस रोमांचित खेल में छात्र-छात्राओं ने भी जादूगर की गतिविधियों मैं प्रतिभाग लिया और इसके वैज्ञानिक दृष्टिकोण को समझने का प्रयास किया जादूगर का प्रयास रहा की विभिन्न गतिविधियों से बच्चों को सामाजिक दर्शन से अवगत कराएं

जादूगर सुनैना ने मंच से कार्यक्रम में मौजूद सभी से कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, जो लोग बेटियों को कोख में ही मार देते हैं वह लोग जानवर से भी बदतर हैं बेटियों को भी बच्चों जैसी शिक्षा देनी चाहिए बेटियां किसी से कम नहीं है मैं भी किसी की बेटी हूं और आप सबके सामने हाथ की सफाई से जादू के करतब दिखा रही हूं अगर मेरे माता पिता ने मुझे यह करने से रोका होता

तो आप सबके सामने मैं यह करतब नहीं दिखा पाती उन्होंने कहा कि बेटियों पर बंदिसे नहीं लगानी चाहिए उन्हें भी बेटों की तरह लाड प्यार करना चाहिए उन्हें भी लड़कों की तरह पढ़ने और जीने का अधिकार है यह कहते हुए कार्यक्रम की समाप्ति कीl शिवाजी पब्लिक स्कूल एवं बंटू ढाबा संचालक वरिष्ठ समाजसेवी एवं पशु प्रेमी दिनेश सिंह परिहार उर्फ बंटू ने बताया कि बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ मनोरंजन और खेलकूद भी जरूरी है जिससे उनका मानसिक और शारीरिक विकास होता है हमने दो दिन पहले स्कूल में सभी बच्चों से कहा था

कि जो बच्चे अपनी फेयर और शिक्षकों द्वारा दिए गए होमवर्क को पूरा करके लाएंगे उन्हें जादू का खेल देखने को मिलेगा जादू के खेल का नाम सुनते ही सभी बच्चे बहुत खुश हुए और सभी ने अपनी फेयर और अधूरा होमवर्क पूरा कर दिखाया तो हमने भी बच्चों की इस मेहनत और लगन को देखते हुए किसी से कोई शुल्क नहीं लिया और अपने निजी खर्चे पर विद्यालय में जादूगर का खेल करायाl जादूगर ने काफी मनोरंजक करतब दिखाए जिसकी सभी ने जमकर प्रशंसा की इस अवसर पर विद्यालय के करीब पाच सौ से ज्यादा बच्चे शिक्षक- शिक्षिकाएं और पत्रकार गण मौजूद रहे।