इंदौर शिक्षा

मालवांचल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने बनाया यूरिनरी ब्लैडर कैथेटेराइज़ेशन का एक अनूठा टीचिंग मॉडल

मालवांचल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने बनाया यूरिनरी ब्लैडर कैथेटेराइज़ेशन का एक अनूठा टीचिंग मॉडल

इंदौर। मालवांचल यूनिवर्सिटी के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के प्रोफेसर ने यूरिनरी ब्लैडर कैथेटेराइज़ेशन का एक अनूठा टीचिंग मॉडल बनाया है। मॉडल का ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी इंदौर की प्रतिष्ठित साइंटिफिक लिटरेचर कंपनी को दिया गया है। यह मॉडल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. राहुल तनवानी ने बनाया है।
उन्होंने बताया कि यह मॉडल दूसरे मॉडल्स की अपेक्षा बहुत आसान और सस्ता है। इस मॉडल की विशेष बात यह है कि इसमें यूरिनरी ब्लैडर का आतंरिक दृश्य स्पष्ट दिखाई देता है, जिससे छात्रों को कैथेटेराइज़ेशन की प्रक्रिया और उसमें होने वाली गंभीर गलतियों से बचने का तरीका आसानी से समझाया जा सकता है।

इस यूनिक टीचिंग मॉडल का ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी इंदौर की साइंटिफिक लिटरेचर कंपनी के डॉ. एच एस भार्गव और धनंजय भार्गव को किया गया, जिसका अनुबंध बौद्धिक संपदा कानून के लीगल एडवाइजर गौरव चौबे द्वारा लिखा गया।
मालवांचल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन सुरेश सिंह भदौरिया, वाइस चेयरमैन मयंक सिंह भदौरिया और चांसलर गौरी भदौरिया के मार्गदर्शन में ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी की गई। उन सभी ने मॉडल बनाने की सराहना की और हर्ष व्यक्त किया। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. संजीव नारंग तथा रजिस्ट्रार डॉ. लोकेश्वर सिंह जोधाणा ने साइंटिफिक लिटरेचर कंपनी के साथ डाक्यूमेंट्स का हस्तांतरण किया।

यूनिवर्सिटी के रिसर्च विभाग की निदेशक डॉ. लिली गंजु का इस मॉडल की ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी करने में विशेष योगदान रहा। उन्होंने कहा कि भविष्य में यूनिवर्सिटी इसी तरह के प्रोडक्ट्स तथा इनोवेशंस रिसर्च को विकसित करके मरीजों और छात्रों की मदद करेगी। इस कार्यक्रम में आईक्यूएसी, रिसर्च टीम, फैकल्टीज और यूनिवर्सिटी के छात्र भी उपस्थित थे।

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