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October 3, 2022

मंडला : त्रिपुरा में शहीद हुए हवलदार गिरिजेश कुमार उद्दे का पार्थिव शरीर आज उनके गृहग्राम चरगांव माल पहुंचा ।

कबीर मिशन समाचार मध्य प्रदेश मंडला

त्रिपुरा : शहीद के अंतिम यात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ा। ओर पूरे रास्ते लोगों ने शहीद के शव पर की श्रद्धाजली अर्पित की।शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई। शहीद को उनके बड़े बेटे ने मुखाग्नि दी। शहीद की अंतिम यात्रा में केंद्रीय इस्पात और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, सहित जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी कर्मचारी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने न सिर्फ शहीद के बेटे से फोन पर बात की बल्कि एक करोड़ रुपए की आर्थिक मदद के साथ ही परिवार के एक सदस्य को नोकरी देने का वादा भी किया। शहीद के नाम पर स्कूल का नाम रखने का भी वादा किया। गिरिजेश कुमार बीएसएफ की 145 वीं बटालियन में हवलदार थे। जो त्रिपुरा में तैनात थे, और बीते दिनों उग्रवादी हमले में शहीद हुए थे।राज्य सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री कुलस्ते ने की घोषणा। त्रिपुरा में उग्रवादियों से लड़ते समय मंडला का लाल शहीद हुआ है। आज उनका पार्थिव शरीर गृह ग्राम पहुँचा।

वही गृह ग्राम आने से पहले शहीद के काफिले का जगह जगह फूल मालाओं से स्वागत हुआ।वही राज्य सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, शहीद गिरजेश के पार्थिव शरीर को रिसीव करने पहुँचे। जिसके बाद ग्रह ग्राम आकर केंद्रीय मंत्री कुलस्ते उनको श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी। वही केंद्रीय मंत्री कुलस्ते ने राज्य सरकार की तरफ से शहीद के परिजनों को एक करोड़ धन राशि तथा एक स्कूल एवं स्मारक बनाने की घोषणा की वही इस दौरान पूर्व मंत्री ओमकार सिंह मरकाम, तथा क्षेत्रीय विधायक अशोक मर्सकोले मौजूद रहें।

बीएसएफ के डीआईजी संजय शर्मा ने बताया गिरजेश बहुत ही बहादुर और सरल स्वभाव के थे। हेडकोस्टेबल गिरजेश 145 बटालियन त्रिपुरा में पदस्थ थे। हमने 19 तारीख को सर्चिंग के लिए एक पेट्रोलिंग पार्टी निकाली, उस दिन इन्होंने बोला कि में गाइड के तौर पर कार्य करूंगा। जैसे ही ये अपने साथियों के साथ एक दो किमी बाहर निकले वैसे ही इनको लगा कि बाई तरफ कुछ हरकत हो रही है। तो इन्होंने अपने साथियों को अलर्ट किया उतनी देर में उग्रवादियों ने इनकी टुकड़ी पर हमला कर दिया। जिसके जबाब में इन्होंने भी फायरिंग की एक गोली गिरजेश की रायफल पर लगी और कुछ गोलियां गिरजेश को लगी, क्योंकि ये सबसे आगे थे।

लेकिन अपने साथियों को बचाने में इनका योगदान काबिले तारीफ और सराहनीय है। उग्रवादियों से लड़ते समय गिरजेश उद्दे शहीद हुए। जिनके योगदान को भारत वासी और बीएसएफ के जवान हमेसा याद रखेगें। बाइट 01- संजय शर्मा डीआईजी बीएसएफ बाइट 02 फग्गन सिंह कुलस्ते केंद्रीय मंत्री