राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020बदल गया रिजल्ट का पैटर्न, अब अंक नहीं ग्रेड मिलती हैविद्यार्थियों को आ रही है रिजल्ट को समझने में कठिनाई, कॅरियर सेल कर रहा है समाधान

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020बदल गया रिजल्ट का पैटर्न, अब अंक नहीं ग्रेड मिलती हैविद्यार्थियों को आ रही है रिजल्ट को समझने में कठिनाई, कॅरियर सेल कर रहा है समाधान

बड़वानी 27 अक्टूबर 2022 राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत न केवल अध्ययन के विषयों का विस्तार हुआ है, बल्कि परीक्षा पद्धति और रिजल्ट का पैटर्न भी बदल गया है। पहले बी.ए., बी.काॅम., बी.एससी, बी.बी.ए., बी.एच.एससी. जैसे पाठ्यक्रमें में मार्कशीट प्राप्त होती थी, जिसमें अलग-अलग विषयों में विद्यार्थियों द्वारा प्राप्त किये जाने वाले अंक लिखे होते थे, अब ग्रेड शीट प्राप्त होती है, जिसमें विद्यार्थियों को एफ से लेकर ओ तक की ग्रेड दी जाती हैं। बदले हुए रिजल्ट पैटर्न के अनुसार विद्यार्थियों को अध्ययन करना चाहिए ताकि वे सभी विषयों में अच्छी ग्रेड प्राप्त करके बढ़िया एजीपीए प्राप्त कर सकें।

उक्त बातें शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्षन प्रकोष्ठ के कॅरियर काउंसलर डाॅ. मधुसूदन चौबे ने विद्यार्थियों को यू-ट्यूब के माध्यम से आॅनलाइन जानकारी देते हुए कहीं। कॅरियर सेल प्राचार्य डाॅ. एनएल गुप्ता के मार्गदर्शन में निरंतर कार्यरत है। कार्यकर्तागण प्रीति गुलवानिया एवं किरण वर्मा ने बताया कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर ने स्नातक प्रथम वर्ष की कक्षाओं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिये हैं। नये पैटर्न पर आधारित रिजल्ट होने के कारण विद्यार्थियों को रिजल्ट समझने में कठिनाई आ रही है। इस कठिनाई के निवारण के लिए कॅरियर सेल द्वारा आॅफलाइन और आॅनलाइन सेशन आयोजित किये जा रहे हैं। इतने प्रकार की हैं गे्रड डाॅ. मधुसूदन चौबे ने बताया कि कुल मिलाकर आठ प्रकार की ग्रेड्स हैं। विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न विषयों में प्राप्त किये गये प्रतिशत अंकों के आधार पर अलग-अलग ग्रेड दी जाती है। 90 से 100 प्रतिशत अंक लाने पर ओ यानी आउटस्टेंडिंग, 80 से 89 प्रतिशत अंक पर ए प्लस यानी एक्सीलेंट, 70 से 79 प्रतिशत अंक पर ए यानी वेरी गुड, 60 से 69 प्रतिशत अंक पर बी प्लस यानी गुड, 50 से 59 प्रतिशत अंक पर बी यानी अबोव एवरेज, 40 से 49 प्रतिशत अंक पर सी यानी एवरेज, 35 से 39 प्रतिशत पर पी यानी पास और 0 से 34 प्रतिशत अंक पर एफ यानी फैल ग्रेड लेटर मिलते हैं। इतने मिलते हैं ग्रेड प्वाइंट डाॅ. चौबे ने जानकारी दी कि ओ ग्रेड पर 10 ग्रेड प्वाइंट, ए प्लस पर 9 ए पर 8, बी प्लस पर 7, बी पर 6, सी पर 5, पी पर 4 एवं एफ पर 0 ग्रेड प्वाइंट्स मिलते हैं। ऐसे ज्ञात की जाती है एजीपीए डाॅ. चौबे ने बताया कि एजीपीए का फूल फाॅर्म एनुअल ग्रेड प्वाइंट एवरेज या वार्षिक ग्रेड प्वाइंट औसत होता है। इसकी गणना करने के लिए प्रत्येक कोर्स की क्रेडिट में ग्रेड प्वाइंट का गुणा करके सभी कोर्सेज के गुणनफल का योग किया जाता है। योग फल में चालीस का भाग देने पर एजीपीए ज्ञात हो जाती है। एजीपीए का बहुत महत्व होता है, अतः प्रत्येक विद्यार्थी को इसकी जानकारी होनी चाहिए ताकि वह अच्छी एजीपीए प्राप्त करने के लिए परिश्रम कर सके। कॅरियर सेल में करें संपर्क यदि किसी भी विद्यार्थी को अपना रिजल्ट समझने में कठिनाई आ रही है तो वह कॅरियर सेल में संपर्क करके इसका समाधान प्राप्त कर सकता है। सहयोग वर्षा मुजाल्दे, प्रदीप ओहरिया, स्वाति यादव, वर्षा शिंदे, कोमल सोनगड़े, वर्षा मालवीया आदि के द्वारा दिया जा रहा है।