गौर्वधन पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर वर्चुअल कान्फ्रेंस का आयोजन

रिपोर्ट पवन सावले-

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा गौर्वधन पूजा के अवसर पर वर्चुअल कान्फ्रेंस के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने कहा कि गौर्वधन पूजा प्रकृति की पूजा हैं इस हेतु किसानों को जन्म दिन पर पेड़ लगाने, बिजली बचाने, पानी बचाने, लकड़ी की जगह गौ-कास्ठ का उपयोग करने, जमीन के एक हिस्से में प्राकृतिक खेती करने, सक्षम लोगों द्वारा गौ-पालकों को स्वेच्छा से पैसे देकर गौर्वधन में मदद कर सकते हैं।

जिससे गौ-मुत्र एवं गौबर का बेहतर उपयोग कर सकते हैं, साथ ही प्रत्येक किसान को बीजामृत, जीवामृत, घनामृत आदि घर पर ही तैयार कर अपनी कुल जमीन में से एक हिस्से में लगभग 1 एकड़ में अनिवार्य रूप से प्राकृतिक खेती करने को कहा ।

जिससे जहर मुक्त भोजन प्राप्त होगा जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। जिले में विभाग द्वारा पंजीकृत एवं अपंजीकृत 1988 किसानों के यहॉ कम से कम 1 एकड़ में प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य रखा गया हैं।

जिला मुख्यालय पर एन.आई.सी कक्ष, कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि उपज मण्डी, जनपद स्तर आदि स्थानों पर लगभग 2317 कृषकों द्वारा इस कार्यक्रम में भाग लिया गया एवं यू-ट्यूब चेनल के माध्यम से भी कृषकों द्वारा मुख्यमंत्री जी के लाईव प्रसारण को देखा और सुना गया।

एनआईसी कक्ष में नगर पालिका उपाध्यक्ष कालीचरण सोनवानिया ,मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री के.एल. मीणा, उप संचालक कृषि श्री जी.एस. मोहनीया, परियोजना संचालक (आत्मा) श्री कैलाश मगर एवं प्रत्येक विकासखण्डों में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, जिले की समस्त मण्डी के सचिव एवं किसानों द्वारा इस कार्यक्रम को लाईव देखा और सुना गया।