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October 6, 2022

मुरैना।विश्व क्षय दिवस के अवसर पर श्री अवधेश कुमार शर्मा समन्वयक पीएमडीटी टीबी एचआईवी जिला मुरैना के साथ में एक विशेष वार्ता कि

मुरैना।आप सभी जानते हैं कि 24 मार्च क्षय दिवस के रूप में मनाया जाता है इसका मुख्य कारण 24 मार्च 1882 के दिन वैज्ञानिक डॉक्टर रोबोट कोच ने क्षय रोग के बैक्टीरिया की खोज की थी बैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस इसको हम क्षय दिवस के रूप में मनाते हैं क्षय के बारे में अगर चर्चा करें तो क्षय रोग एक संक्रामक बीमारी है जो माइक्रोबैक्टेरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होती है

एक संक्रमित व्यक्ति एक वर्ष में 10 से 15 लोगों को अपने जैसा तैयार कर लेता है क्षय रोग के प्रमुख लक्षणों की बात करें तो अगर किसी व्यक्ति को 2 सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी आती हो खखार में खून आता है सीने में दर्द रहता हो वजन कम हो रहा है रात्रि कालीन के समय बुखार आ जाता हो भूख नहीं लगती हो इनमें से कोई एक लक्षण है तो उसको क्षय रोग की बीमारी की संभावनाएं हो सकती है

आज भारत सरकार ने क्षय रोग से 2025 तक देश को मुक्त करने का प्रण लिया है भारत सरकार टीवी प्रोग्राम को सन 1962 से 1997 तक नेशनल ट्यूबरक्लोसिस कंट्रोल प्रोग्राम के नाम से चलाती थी लेकिन उसकी मरीजों तक सीधी पहुंच नहीं थी कई प्रकार का जांचे नहीं हो पा रही थी मरीजों की देखरेख नहीं हो पा रही थी

इसलिए सरकार ने 1997 से इस को रिवाइज करके पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम 1997 से 2020 तक के प्रोग्राम चलाया जिसमें मरीज की खकार की जाँच के आधार पर इलाज शुरू होता है और मरीज का इलाज पूर्ण खकार की जाँच से ही होता है और इसमें डॉट पद्धति के द्वारा इलाज किया जाता है यानी मरीज को सीधी देखरेख में अल्पकालीन चिकित्सा मरीज को अपने सामने दवा खिलाई जाती है

दवाई खिलाने वाला चाहे वह आशा बहन हो सकती है चाहे वह आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हो सकती है या घर का कोई भी शिक्षित व्यक्ति हो सकता है और मरीज को 6 महीने तक दवा दी जाती है और 6 महीने के दवाई के दौरान बीच-बीच में जांच भी की जाती हैं 1 जनवरी 2020 से NTEP कार्यक्रम चल रहा है यानि क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के नाम से सरकार ने 2025 तक इस देश से टीवी को मुक्त करने का प्रण लिया है

जिसके तहत सरकार के द्वारा गुणवत्ता पूर्ण निदान किया जा रहा है वह गुणवत्ता पूर्ण इलाज किया जा रहा है और सरकार ने ठान लिया है कि टीवी हारेगा देश जीतेगा मरीजों के लिए सरकार ने निशुल्क दवाई के साथ-साथ हर माह पोषण आहार के रूप में ₹500 प्रति माह उस मरीज के खाते में दिए जाने का भी प्रावधान है और जो मरीज को दवाई खिलाता है उसको भी सरकार द्वारा 1000रुपए दिए जाते हैं

मरीज अगर नियमित रूप से दवाई खाता है और नियमित जांच कराता है तो मरीज 6 माह के अंदर ठीक हो जाता है लेकिन अगर मरीज भटक जाता है अंधविश्वास में चला जाता है प्राइवेट डॉक्टरों की बातों में आ जाता है तो मरीज डिफॉल्टर हो जाता है वह मरीज और अधिक गंभीर हो जाता है और वह एम डी आर और एक्स डी आर मरीजों के रूप में परिवर्तित हो जाता है एमडीआर यानी मल्टीड्रग रेजिस्टेंट टी बी और एक्स डीआर मतलब एक्सट्रेमेली ड्रग रेजिस्टेंस टी बी मैं बदल जाता है।

इसका पता सीबी नेट टेस्ट ट्रूनेट टेस्ट के द्वारा पता लगाया जाता है ऐसे मरीजों का भी हमारे यहां मुरैना जिले में इलाज किया जाता है drug-resistant मरीजों का इलाज 9 से 11 महीने और 18 महीने तक होता है इसमें एमडीआर मरीजों की जाँच के लिए एक कमेटी बनाई गई है जिसमें सभी विशेषज्ञों द्वारा जांच की जाती है जिसमे 11 तरह कि खून और पेशाब के जाँच शामिल हैं उसके बाद उसका उपचार शुरू किया जाता है और उपचार के दौरान बीच-बीच में उसके यहां घर के विजिट भी की जाती है उसको समय पर दवाई दी जाती है

और पूरा इलाज कराया जाता है इलाज के दौरान भी उसकी जांच भोपाल जबलपुर भी भेजी जाती है अगर मरीज उसके बावजूद भी नहीं खा है डिफॉल्टर और मरीज एक्स डी आर हो जाता ऐसे मरीजों को हम डी आर टीवी नोडल सेंटर ग्वालियर भेजते हैं वहां मरीज 14 दिन भर्ती रहता है उसके बाद उसको इलाज किया जाता है और मरीज की दवा 18 महीने तक चलती है और मरीज ठीक हो जाता है

सरकार टीवी उन्मूलन के लिए कई कार्यक्रम चला रही है नंबर 1 गांव गांव में सर्वे करवा रही है मरीजों की कैंप लगा रही है उन्मूलन के प्रति मरीजों की घर-घर जाकर के ACF प्लान के तहत जांच करवा रही है उनका इलाज शुरू करवा रही है आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं आंगनवाड़ी सहियोगियों आशा बहनों आशा सहयोगीयों के साथ में मिलकर जगह-जगह मीटिंग कर रही है अपने NTEP कर्मचारियों के साथ में शिविर लगा रही है स्कूलों में कार्यशाला करवा रही है

डॉक्टरों के साथ मीटिंग कर रही है मतलब आज सरकार ने ठान लिया है कि टीबी हारेगा देश जीतेगा मैं सभी पाठकों से निवेदन करना चाहता हूं अगर आपके घर के आसपास आपके रिश्तेदारों में अगर किसी को 2 सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी आ रही है खखार में खून आ रहा है भूख नहीं लग रही है तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर के खखार की जांच करवाएं और दवाई निशुल्क प्राप्त करें और मरीज को स्वस्थ करें देश को 2025 तक टीबी से मुक्त करने में सहयोग करें।