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रविदासी कौम के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मनीराम जी की याद में रविदासिया धर्म संगठन सरकार को देंगे ज्ञापन

रविदासी कौम के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मनीराम जी की याद में रविदासिया धर्म संगठन सरकार को देंगे ज्ञापन

भोपाल। अखिल भारतीय रविदासिया धर्म संगठन मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री माधव सिंह अहिरवार ने प्रेस व अनेक सोशल मीडिया के सम्मानित पत्रकार बंधुओं को बताया है कि हमारे मध्यप्रदेश के एकमात्र रविदासिया कौम के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शूरवीर मनीराम अहिरवार जी जिला नरसिंहपुर तहसील गाडरवारा के चीचली गोंड राजा के सेवादार थे। जिन्होंने महात्मा गॉंधी जी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए, देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान देकर समूची बिरादरी का मान और गौरव बढ़ाया है। ऐसे महान क्रांतिकारी वीर मनीराम अहिरवार जी जो कि सन् 1942 में जब अंग्रेजी सेना चीचली के गोंडवाना राजमहल पर कब्जा और लूटपाट करने के उद्देश्य से 23 अगस्त 1942 को आये।

जिनसे वीर बहादुर मनीराम अहिरवार जी ने युद्ध लड़ा सभी सेनिको को घायल व लहूलुहान कर गाँव से खदेड़ने में सफल हुए थे। अंग्रेजों और वीर मनीराम जी के बीच में भीषण युद्ध हुआ था। मनीराम जी ने अपने अंग वस्त्र हटाकर अंग्रेजों से ताल ठोक कर अपना सीना आगे कर अंग्रेजों मेरे सीने पर गोली चलाओं, कहकर ललकारा था। फिरंगी अंग्रेजों द्वारा अनेक बंदूक से वीर मनीराम जी पर फायरिंग की किंतु वह इतने फुर्तीले थे कि उनके शरीर में एक गोली भी न छू पाई वह अखाड़े के बड़े जानकर व उनके कर्तव्य, कला, कौशल के आगे अंग्रेज अचंभित रह गयें।

वीर मनीराम जी पर चली गोली का सामना महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर मंशाराम जसाटी जी को लगी और मातृभूमि के लिए शहीद हुए। पुनः चली गोली में वीरांगना गौरादेवी कतिया जी को लगी वह भी शहीद हुए। इस युद्ध में दो की मौके पर ही शहादत हुई थी। अंग्रेजों ने पराजित होकर अपनी जान बचाकर गाँव से भाग जाना ही मुनासिब समझा, दूसरे दिन युद्ध पशचात अंग्रेजी सेना वीर मनीराम जी को ढूढ़ने आयी। लेकिन वीर मनीराम जी भूमिगत हो गये। उन्हें अपने राज्य के गोंडवाना राजमहल की सुरक्षा और आंतरिक व बहरी सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। चूंकि उस समय चीचली गोंड राजा नाबालिग थे जो राजकीय शिक्षा ग्रहण करने के लिए बाहर गये थे। ऐसे समय में वीर मनीराम जी ने अपनी जान की बाजी लगा कर हमारे देश की धरोहर को बचाना पहला कर्तव्य माना।

अंग्रेजों ने गाँव के कुछ लोगों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गये, जिनसे मनीराम जी के विषय में जानकारी ली और बाद में उनको रिहा कर दिए। तथा किसी को जेल भी भेजा गया, धोखे बाज अंग्रेजों ने वीर मनीराम जी की बहादुरी के किस्से सुनें तो उन्हें गुप्त रूप से गिरफ्तार करके अपना उद्देश्य की पूर्ति करने की योजना बनाई। वह चाहते थे कि मनीराम गोंड राजा के राजमहल की गुप्त जानकारी देंगे, समाज के युवाओं को अंग्रेज सेना में भर्ती करेंगे और गुलामी व बेचारी करने के काम करेगें। अत: योजनाबद्ध तरीके से वीर मनीराम को गिरफ्तार किया गया, जिनकी गिरफ्तारी रिकॉर्ड में नहीं ली गई उन्हें अपने गुप्त जेलखाना ले जाकर अनेक प्रकार से यातनाएं दी गई। जिससे वीर मनीराम गोंड राजा के महल की जानकारी और सभी तरह की जानकारी दे, लेकिन उनके द्वारा न देने पर जालिम अंग्रेजों के द्वाराउन्हें अपने जेलखाना में ही दफन कर दिया गया। वीर मनीराम जी ने इंकलाब जिंदाबाद का नारा बुलंद कर मात्रभूमि पर न्यौछावर हो गयें। मध्यप्रदेश की सम्पूर्ण रविदासिया कौम के वीर मनीराम जी ने इतनी बड़ी कुर्बानी देकर देश की आजादी में योगदान दिया।

लेकिन बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस की आजादी से लेकर लंबे समय तक मध्यप्रदेश में सरकार रहीं जिन्होंने हमारे कौम के अमर शहीद वीर मनीराम अहिरवार जी का स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के दस्तावेज में नाम दर्ज नही किया। न ही किसी प्रकार का सम्मान दिया, जबकि वीर मनीराम जी के युद्ध में जो शहीद हुए उनकी मूर्ति व पार्क चीचली गोंड राजा महल के सामने अनेकों वर्ष पूर्व बना है। जब भी 23 अगस्त को चीचली में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु सभा होती थी। तब-तब वीर मनीराम जी की गौरवगाथा का गुणगान किया जाता रहा है, वह इसलिए कि यदि मनीराम जी के युद्ध का वर्णन नहीं करते हैं तो बाकी शहीद कैसे हुये सिद्ध नहीं किया जा सकता है।

बहरहाल कांग्रेस पार्टी के नेताओँ की एक बहुत बड़ी भूल चूक है। जिसे सुधारा जा सकता था। कुछ छोटी मानसिकता और जातिगत भेदभाव करने वाले लोगों ने भी मनीराम जी का उल्लेख करना ठीक नहीं समझा जबकि श्रद्धांजलि सभा मंच व तमाम प्रकार के शहीदों का इतिहास के लेखन में वीर मनीराम जी के युद्ध की वीरता दर्शाया है। इसके बाद भी उनको सम्मान न देना पूरी कौम के साथ अन्याय है। गत वर्षों में देश ने आजादी का अमृत महोत्सव मनाया गया। जिसके दौरान भाजपा सरकार ने भूले बिसरे शहीदों की जानकारी ली जिसके तहत जिला नरसिंहपुर के रविदासिया कौम के महान महापुरुष वीर मनीराम जी का आजादी के लिए दिये गये योगदान सामने आया।

देश के अनेक साहित्यकार, इतिहासकार, शोधकर्ताओं, पत्रकार इत्यादि बुद्धिजीवी वर्ग के द्वारा लेखन कर शोध किया कि जिला नरसिंहपुर तहसील गाडरवारा के नगर चीचली के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर मनीराम जी थे। जिन्हें अभी तक की सरकार ने उपेक्षा व नजर अंदाज कर दलित वंचित रविदासिया कौम का अपमान किया है। अखिल भारतीय रविदासिया धर्म संगठन के मध्यप्रदेश प्रदेश अध्यक्ष श्री माधव सिंह अहिरवार जी एवं संत रविदासिया वाणी के प्रचारक महंत श्री राधा किशन दास महाराज जी ने कहा है कि हमारा देश की सबसे बड़ी कौम रविदासिया धर्म संगठन एक बड़ा समूह देश व प्रदेशों में रहते है।

अत: हमारे द्वारा पहले मध्यप्रदेश सरकार से ही अनुरोध करेंगे कि वीर मनीराम अहिरवार जी के जन्म स्थान पर भव्य स्मारक, बहुमंजिला इमारत, पार्क और मूर्ति स्थापित किया जाये। ताकि हमारे कौम के शहीद वीर मनीराम अहिरवार जी को भी सम्मान मिल सकें। रविदासिया धर्म संगठन ने दुख व्यक्त किया है कि शहीद परिवार लंबे समय से सम्मान की आवाज उठाते आये है लेकिन उनकी आवाज को राजनैतिक पार्टी न नेताओं के द्वारा दबाई जाती रही है। लेकिन अब हमारे संगठन के द्वारा मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार से पुरजोर ज्ञापन पत्र के माध्यम से मांग की जायेगी। निश्चित रूप से मध्यप्रदेश की सरकार हमारे शहीद के सम्मान का शीघ्र फैसला लेगी।

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