समरसता का प्रतीक है मकर संक्रांति का उत्सव : धीरज

रामकोला बीआरसी में आरएसएस के लोगों ने आयोजित किया अमृत सहभोज

रिपोर्टर योगेश गोविन्द राव तहसील संवाददाता कप्तानगंज कुशीनगर।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रामकोला नगर द्वारा मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में सामाजिक समरसता हेतु अमृत भोज आयोजित किया गया,नगर के प्राथमिक पाठशाला के प्रांगण में सहभोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित स्वयंसेवकों को उद्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक धीरज कुमार ने कहा कि सौर वर्ष का प्रथम दिन दक्षिणायण की समाप्ति एवं उत्तरायण का प्रारंभ दिवस सूर्य का ‘धनु राशि’ से ‘मकर राशि’ में प्रवेश दिवस है, यह उत्सव संपूर्ण देश में विभिन्न नामों एवं रूपों में मनाया जाता है इसी को पंजाब में ‘लोहड़ी’और तमिलनाडु में ‘पोंगल’, असम में ‘माघ बिहू’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने आगे कहा, सामाजिक समरसता की दृष्टि से भी यह उत्सव महत्वपूर्ण है।

सह ज़िला शारीरिक प्रमुख दीपक अग्रवाल ने कहा कि छोटे–छोटे एवं बिखरे हुए तिलों के समान सनातन समाज में आत्मीयता और समरसता रूपी गुड से जोड़ कर सुरक्षित, सुसंस्कृत व सशक्त समाज के निर्माण के लिए प्रयास करना है,मकर संक्रांति संक्रमण यानी परिवर्तन का बोध कराने वाला दिवस भी है,परिवर्तन सृष्टि का नियम है सर्वत्र प्रतिक्षण परिवर्तन लक्षित है कार्यक्रम के समापन पर नगर कार्यवाह सत्यपाल गोविन्द राव ने आये सभी आगंतुकों के प्रति आभार प्रकट किया इस अवसर पर पूर्व विधायक मदन गोविन्द राव, विजय प्रताप सिंह,ब्रह्म कुमारी प्रजापिता विश्वविद्यालय की रामकोला इकाई,कृष्णा सोनी,प्रेमचंद मद्धेशिया,राम कुमार मद्धेशिया,मयंक कृष्ण, विजेंद्र गोविन्द राव प्रिंस बाबू,विशाल रौनियार,सुर्य प्रताप,गौरव खेतान,नागेंद्र शाही,राजेश कुशवाहा,अमरेन्द्र तिवारी,आदित्य रौनियार,अनुप श्रीवास्तव,रामू जायसवाल,डा. महेंद्र कुशवाहा,अनीष सोनी, अमरजीत गोविंदराव, रविंद्र प्रजापति, सहित भारी संख्या में स्वयंसेवक लोग उपस्थित रहे।