मऊगंज सरकार के नेता भी घूसखोर चोरों को दे रहे संरक्षण आवास योजना में नहीं थम रहा भ्रष्टाचार, रोजगार सहायक सचिव पर रकम डकारने का आरोप।

कबीर मिशन समाचार। रीवा मध्यप्रदेश मऊगंज।

प्रधानमंत्री आवास के नाम पर दस हजार रुपए की ठगी कर रहे कर्मचारी। ग्राम पंचायत से लेकर जनपद पंचायत तक भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त इतना सख्त होने के बावजूद भी ग्राम पंचायत में रिश्वतखोरी बन्द होने का नाम नहीं ले रही, केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर गरीबों को आशियाना दिलाने का बीड़ा उठाया है।

ताकि हर गरीब परिवार के सिर छुपाने के लिए छत बन सके लेकिन सरकारी नुमाइंदो की वजह से इन योजनाओं को ग्रहण लग चुका है। जिसकी वजह से यह योजना सफल नहीं हो पा रही है। हाल ही में मऊगंज जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत सीतापुर में कई गरीबों के सपनों को चकनाचूर कर दिया। रोजगार सहायक पर प्रधानमंत्री आवास योजना के पैसे को डकारने का आरोप लगा है। कई गरीब परिवारों ने बताया कि मेरा नाम ऊपर रहता है लेकिन जिसका नाम नीचे रहता है उससे दस हजार रुपए लेकर रोजगार सहायक ऊपर नाम करके प्रधानमंत्री आवास योजना दिला रहा है। जिसका पुराना मकान बना है उसको रुपए लेकर नया मकान दर्शा कर सरकार को चूना लगा रहा है। अगर कोई पत्रकार बात करता है तो गुंडागर्दी पर मऊगंज जनपद पंचायत के कई ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक उतारू हो जाते हैं।

अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं इससे साफ जाहिर होता है। कि जनपद पंचायत मऊगंज के रोजगार सहायक के रूप में गुंडे बिठा रखें है। जो शासन प्रशासन से बेखौफ होकर शिकायत करने वालों के ऊपर अपने दो जमाने का काम कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक रोजगार सहायक आयुष्मान योजना पर ध्यान नहीं दे रहे वो रिश्वत लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना में जमकर सरकार को भ्रष्टाचार का चूना लगा रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि मऊगंज जनपद सीईओ से लेकर आला अधिकारी तक खुलेआम घूसखोरी करवा रहे हैं।सरकार में बैठे नेता ही घूसखोर चोरों को संरक्षण दे रहे हैं जिससे उनके हौसले दिन-ब-दिन बुलंद होते जा रहे हैं।