इंदौर

शाकाहार से कम होता है कैंसर और हृदय रोगों का खतरा

शाकाहार से कम होता है कैंसर और हृदय रोगों का खतरा

इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर द्वारा ‘द रोल ऑफ न्यूट्रिशन इन मेडिसिन’ विषय पर हुआ सेमिनार

इंदौर। इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर द्वारा ‘द रोल ऑफ न्यूट्रिशन इन मेडिसिन’ विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में फिजिशियन कमेटी के किकस्टार्ट इंडिया कार्यक्रम के विशेषज्ञ, डॅा. जीशान अली ने पश्चिमी आहार के प्रभाव और उनसे जुड़ी बीमारियों से लड़ने के लिए शाकाहारी भोजन के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वस्थ और खुश रहने के लिए शाकाहारी आहार को अपनाना सही तरीका हो सकता है। शाकाहारी भोजन एक पूर्ण आहार है, जो फाइबर, विटामिन सी और मैग्नीशियम से भरपूर है। शाकाहारियों में कोलेस्ट्रॉल कम होता है, इसके अलावा, रक्तचाप कम होने के साथ हृदय रोगों का खतरा भी कम होता है। हमारे शरीर को शाकाहारी भोजन पचाने में आसानी होती है। सब्जियां न केवल हमारे स्वस्थ जीवन बल्कि पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
इस अवसर पर मालवांचल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ.संजीव नारंग, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.जीएस पटेल, डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन की एचओडी डॅा.आरती सहस्त्रबुद्धे, डॉ.वी के अरोरा आदि शिक्षक और छात्र उपस्थित थे। इंडेक्स समूह के चेयरमैन सुरेशसिंह भदौरिया व वाइस चेयरमैन मयंकराज सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।


फल और सब्जियां होती हैं एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
डॅा.जीशान अली ने कहा कि पश्चिमी आहार जैसे मांसाहारी भोजन और फास्ट फूड तेजी से सब्जियों और फलियों से भरपूर पारंपरिक भारतीय व्यंजनों की जगह ले रहे हैं। जबकि कई देशों में मांसाहार के कारण मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियाँ महामारी की तरह फैल रही है। चिकित्सकों की समिति का उद्देश्य चिकित्सा विशेषज्ञों की मदद से छात्रों और युवाओं को शाकाहारी आहार के महत्व के बारे में शिक्षित करना है। उन्होंने बताया कि फल और सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं जो कैंसर के जोखिम को कम करती हैं। इसलिए शाकाहारी लोगों को सामान्य आबादी की तुलना में कैंसर का खतरा कम होता है। रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट की लगातार खपत से कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा बढ़ता है।
उन्होंने छात्रों को बताया कि आज युवाओं का भी कोलेस्ट्रॉल लेवल आसमान छू रहा है, इसका एक कारण मीट और अन्य वसा का अधिक सेवन है। इन्हें अपने दैनिक जीवन से हटाकर आप आसानी से गुड कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ा सकते हैं। शाकाहारी भोजन मोटापे में कमी के साथ गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बनाए रखता है। इससे हृदय रोग होने के जोखिम कम होता है। डॅा.जीएस पटेल ने बताया कि आज के समय में शाकाहार को अपनाना सभी के लिए बेहतर विकल्प है। खानपान और जीवनशैली में बड़े बदलाव करने के लिए कई बात महत्वपूर्ण होती है। इसमें उपलब्धता,कीमत के साथ आप अपनी जीवनशैली में उस आहार को स्वीकार करने के लिए कितने तैयार है यह भी महत्वपूर्ण है।

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