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विश्व रक्तदाता दिवस ,जागतिक रक्तदाता दिन और मां अन्नपूर्णा सेवा समिति

विश्व रक्तदाता दिवस ,जागतिक रक्तदाता दिन और मां अन्नपूर्णा सेवा समिति

प्रदीप कुमार नायक
स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार

‘जागतिक रक्तदाता दिन’ को महत्त्वपूर्ण रूपसे मनाया जाता है l ताकि, रक्तदान के बारे मे लोगो मे जागरूकता बढे और उन सभी लोगों को धन्यवाद देने के लिए, जिन्होंने आपने जीवन काल मे कभी रक्तदान किया है और अनेको कीमती जीवन को बचाया है। इस माध्यम ने लोगों को रक्तदान करने के लिए भी प्रोत्साहित किया ताकि वे अपना योगदान किसी और के जीवन बचाने मे दे सके। 14 जून को पूरे विश्व के बहुत सारे देशो मे लोगों के द्वारा हर वर्ष विश्व रक्त दाता दिवस मनाया जाता है। इसे हर वर्ष 14 जून को 1868 में पैदा हुए कार्ल लैंडस्टेनर के जन्मदिन पर मनाया जाता है। स्वस्थ व्यक्ति के द्वारा स्वेच्छा से और बिना पैसे के सुरक्षित रक्त दाता की जरुरत के बारे मे लोगों की जागरुकता बढाने के लक्ष्य से वर्ष 2004 मे पहली बार इस कार्यक्रम को मनाने की शुरुआत की गयी थी। रक्त दाता इस दिन एक मुख्य भूमिका मे होता है l क्योंकि वो जरुरतमंद व्यक्ति को जीवन बचाने वाला रक्तदान करते है। वर्ष 2004 मे ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन, अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस संघ तथा रेड क्रिसेंट समाज’ के द्वारा 14 जून को वार्षिक तौर पर मनाने के लिये पहली बार इसकी शुरुआत और स्थापना हुई ।


स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रदीप कुमार नायक कहते है कि पर्याप्त रक्त आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिये सुरक्षित और बिना भुगतान वाले रक्त दाता, स्वेच्छा से रक्तदान देने वाले को बढावा देने, अपने बहुमूल्य कदम के लिये रक्तदान करने वाले को धन्यवाद कहने के लिये पूरे विश्व के सभी देशो को प्रोत्साहित करने के लिये 58 वे विश्व स्वास्थ्य सम्मेलन मे 2005 मई महीने मे इसके 192 सदस्य राज्यो के साथ WHO के द्वारा विश्व रक्तदाता दिवस की आधिकारिक रुप से स्थापना की गयी थी। कार्ल लैंडस्टेनर (एक महान वैज्ञानिक जिन्होंने एबीओ रक्त समूह तंत्र के अपने महान खोज के लिये नोबल पुरस्कार प्राप्त किया है) के जन्मदिवस को याद करने के लिये साथ ही साथ राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर इसको मनाने के लिये सभी रक्त दाताओ को एक अनमोल मौका प्रदान करने के लिये विश्व रक्तदाता दिवस लाता है।
विश्व रक्तदाता दिवस-2024 के अवसर पर
मधुबनी सदर अस्पताल के प्रांगण में अवस्थित ब्लड बैंक भवन में माँ अन्नपूर्णा सेवा समिति, जयनगर के मुख्य संयोजक अमित कुमार राउत के नेतृत्व मे रक्तदान शिविर लगा कर माँ अन्नपूर्णा रक्त रक्षक के सदस्यों ने अपना कीमती रक्त दान किया। बताते चले कि माँ अन्नपूर्णा रक्तरक्षक मधुबनी जिला ही नहीं पुरे बिहार मे सबसे ज्यादा रक्तदान कर लोगों कि जिंदगी बचाने वाली सबसे अग्रणी सामाजिक सामाजिक संस्था है।


मौके पर संस्था के सदस्यों ने संयुक्त रूप से बताया कि हमलोगों ने संस्था के ही रक्तदान शिविर में पहली बार रक्तदान किया था, उसके बाद बिहार के कोने-कोने में आयोजित शिविर में एवं जरूरतमंद लोगों को रक्त देकर लोगों की जिंदगी को बचाने का कार्य करते हैं।
इस मौके पर संस्था के मुख्य कोर्डिनेटर अमित कुमार राउत ने बताया कि ब्लड डोनेट करने से सेहत को कोई नुकसान नहीं, बल्कि फायदा होता है। इससे किसी व्यक्ति का जीवन बच सकता है। कोई भी स्वस्थ व्यक्ति साल में चार बार ब्लड डोनेट कर सकते हैं। रक्तदाता का हीमोग्लोबिन कम से कम 12.5 होना चाहिए। रक्तदान करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। रक्तदान करने के बाद शरीर में नये रक्त का निर्माण होता है। इससे शरीर की कोशिकाओं को मजबूती मिलती है। रक्तदान करने वाले लोगों का ध्यान रखना होगा कि वे स्वस्थ्य रहें। रक्तदान करने वाले को एचआईवी, हेपाटिटिस बी या हेपाटिटिस सी जैसे रोग न हुए हों। रक्तदान को लेकर लोगों के मन में भय रहता था, प्रचार-प्रसार के बाद धीरे-धीरे कम होने लगा है। रक्तदान करने वाले को चाहिए कि वह शरीर में आयरन की मात्रा को बढ़ाये। नियमित रूप से रक्तदान करने वालों को मछली, पालक व किशमिश जैसी आयरन से भरपूर पोषक तत्व लेने चाहिए।
मौके पर संस्था के सक्रिय सदस्य अविनाश पंजीयार ने कहां कि युवाओं को रक्तदान में ज्यादा से ज्यादा संख्या में हिस्सा लेना चाहिए। रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है। रक्तदान करने से जरूरतमंद की मदद तो, होती है। साथ ही रक्तदाता कार्ड प्राप्त करने से भविष्य में अपने या परिवार के लिए भी जरूरत पड़ने पर आसानी से रक्त प्राप्त किया जा सकता है।
मौके पर संस्था के सदस्य परमानन्द ठाकुर ने कहा कि रक्तदान से कमजोरी आती है, इस मिथक को तोड़कर बेफिक्र होकर रक्तदान करें l क्योंकि रक्तदान से रक्तदाता को स्वास्थ्य लाभ मिलता है। उन्होंने बताया जिले कि जिले ही नहीं पुरे बिहार मे किसी भी ब्लड बैंक से निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाता है, साथ ही अन्य मरीजों को भी रक्त उपलब्ध कराया जाता है।
वहीं, संस्था के कोषाध्यक्ष सियाराम महतो ने अपील करते हुए कहा कि रक्तदान महादान की श्रेणी में आता है। रक्तदान करने से जरूरतमंद की मदद तो होती है, साथ ही रक्तदाता कार्ड प्राप्त करने से भविष्य में अपने या परिवार के लिए भी जरूरत पड़ने पर आसानी से रक्त प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान से कमजोरी आती है, इस मिथक को तोड़कर बेफिक्र होकर रक्तदान करें, क्योंकि रक्तदान से रक्तदाता को स्वास्थ्य लाभ मिलता है।


माँ अन्नपूर्णा रक्त रक्षक,मधुबनी जिला जयनगर के संस्थापक, पत्रकार सह समाजसेवी सुमित कुमार राउत ने कहाँ कि रक्तदान को जीवनदान के बराबर माना गया हैं।रक्तदान करने से न सिर्फ आप दूसरों की जिंदगी बचाते हैं, बल्कि यह आपके स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होती हैं।रक्तदान करने से आपके सम्पूर्ण स्वास्थ्य का चेकअप हो जाता हैं, जिससे शरीर में होने वाली बीमारियों का खतरा पहले से आंका जा सकता हैं।

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