दतिया शिक्षा

आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग- योग, डाँ.अनिल कुमार दुबे

आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग- योग, डाँ.अनिल कुमार दुबे

दतिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट

आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग- योग, डाँ.अनिल कुमार दुबे, प्रभारी प्राचार्य,डाइट जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान दतिया में पीएमश्री स्कूल के शिक्षकों की पाँच दिवसीय केपीसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग के तृतीय दिवस योग शिक्षा, नयी शिक्षा नीति, निपुण भारत, हिन्दी एवं संस्कृत विषय का प्रशिक्षण दिया गया । योग विषय पर प्रशिक्षण देते हुए डाँ अनिल कुमार दुबे ने कहा योग प्राचीन भारतीय परंपरा एवं संस्कृति की अमूल्य देन है। योग अभ्यास शरीर एवं मन, विचार, कर्म, आत्मसंयम एवं पूर्णतः की एकात्मता तथा मानव एवं प्रकृति के बीच सामन्जस्य स्थापित करता है। यह स्वस्थ एवं कल्याण का पूर्णतः वादी दृष्टिकोण है। योग मात्र व्यायाम नहीं है।

बल्कि योग हमारी जीवन शैली में परिवर्तन लाकर हमारे अंदर जागरूकता उत्पन्न करता है। योग हमारे देश का गौरव है क्योंकि यह हमारी संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत का अभिन्न अंग है। योग का मानव जाति के कल्याण के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अन्तराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का आवाहन किया और 11 दिसम्बर 1914 को संयुक्त राष्ट्र महा सभा के 193 देशों ने रिकार्ड 177 देशों के साथ 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का संकल्प सर्व सम्मति से अनुमोदित किया । सामान्य योग अभ्यास क्रम (प्रोटोकॉल) के तहत डाँ दुबे के द्वारा शिथलीकरण की क्रियायें ग्रीवा चालन, स्कंध चालन, कटि चालन, घुटना संचालन,

एवं योगासन के अन्तर्गत खड़े होकर किये जाने वाले आसन- तडासान, वृक्षासन, अर्धचक्रासन, पादहस्तासन, तगरिकोण आसन, बैठकर किये वाले आसन- भद्र आसन , बज्र आसान, अर्ध उष्ट्राआसान, ऊष्ट्रासन, शशकासन, उत्तान मढूकासन, बक्रासन, उदर के बल लेट कर किये जाने वाले आसन – मकरासन, भजंगासन, शल्भासन, पीठ के बल किये जाने वाले आसन – सेतु बंधासन, उत्तानपादासन,अर्धहलासन, पवनमुक्तासन, शवासन, कलाप भा़ति, प्रणायम, नाणीशोधन, शीतली, भ्रामरी प्रणायम, ध्यान, को विस्तार से क्रिया विधि समझाते हुए योगाभ्यास कराया ।

इसके पश्चात शिवकुमार मिश्रा मिश्रा मास्टर ट्रेनर द्वारा नयी शिक्षा नीति, निपुण भारत एवं राघवेनद्र श्रीवास्तव द्वारा हिन्दी एवं संस्कृत विषय का प्रशिक्षण दिया गया । कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती की वंदना एवं प्रार्थना सभा से हुआ इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ व्याख्याता करण सिंह परिहार, ओ पी त्रिपाठी, प्रशिक्षण प्रभारी राजेश पेंकरा, कनिष्ठ ब्याख्यता उपेन्द्र शुक्ला, सुनीत मिश्रा, आलोक गोस्वामी मास्टर ट्रेनर स्वतंत्र उपाध्याय, शरद रावत एवं सुरेन्द्र कुमार, कौशल दीक्षित, जीतू भूपतिया,आकाश एवं पीएमश्री विद्यालय के शिक्षक प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे l

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