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मणिपुर में आदिवासियों पर हिंसात्मक घटनाओं से सामाजिक संगठनों में आक्रोश

मणिपुर में आदिवासियों पर हिंसात्मक घटनाओं से सामाजिक संगठनों में आक्रोश

मणिपुर हिंसा से आदिवासी समाज के 160 से अधिक लोगो की मृत्यु, 2 युवतियों के साथ गैंग रेप और सार्वजनिक परेड व गुप्तांगों से छेड़छाड़ करने वालों को फांसी की सजा और मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग को लेकर जयस, आदिवासी छात्र संगठन, भीम आर्मी कई सामाजिक संगठनों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

मोहन मोरी , धार

धार – जयस, आदिवासी छात्र संगठन, भीम आर्मी जय भीम, संगठनो द्वारा मणिपुर हिंसा को लेकर शुक्रवार को राष्ट्रपति व राज्यपाल मणिपुर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के पश्चात त्रिमूर्ति चौराहे अभिव्यक्ति स्थल पर जमकर नारेबाजी कर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया की 3 मई से मणिपुर में भड़की हिंसा, थमने का नाम नहीं ले रही आधिकारिक मीडिया के अनुसार अभी तक 160 से अधिक मृत, 419 घायल की संख्या सार्वजनिक की गई जिसमे बड़े बुजुर्ग महिला बच्चे शामिल।

मणिपुर एक शांतिप्रिय 40 प्रतिशत लगभग आबादी वाला आदिवासी बाहुल्य प्रदेश है, वंहा के कई क्षेत्र 5 वी अनुसूची के अंतर्गत आते है। हिंसा में हुए एक अमानवीय शर्मनाक वीडियो वायरल हुआ जिससे पता चला कि 2 आदिवासी युवतियों को सरेआम सार्वजनिक रूप से निर्वस्त्र कर परेड करवाई और दोनो युवतियों के गुप्तांगों से छेड़छाड़ करते सैकड़ों की संख्या में लोग स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं, जो की आदिवासी समाज को विश्व स्तर पर बदनाम करता है ये घृणित घटना राजधानी इंफाल से 35 कि.मी दूर कांगपोकपी जिले की है। स्थानीय शासन प्रशासन की लापरवाही बदहाल कानून व्यवस्था, सरकार की निरंकुशता को दर्शाता, क्योंकि देश के सर्वोच्च पद पर राष्ट्रपति और मणिपुर राज्य की राज्यपाल दोनों ही आदिवासी समुदाय से आते है, फिर भी अभी तक एक मात्र आरोपी की गिरफ्तारी हुई जबकि संविधान की 5 वी 6 वी अनुसूची आदिवासी क्षेत्रों में हितों की रक्षा करता है।

वंहा के राज्यपाल के पास संवैधानिक विशेष शक्तियां होती है, जिसमे वो उस क्षेत्र की शांति के लिए नियम बना सकता है। अभी तक वहां 50 हजार से अधिक लोगो ने अपना घर छोड़ा, 17 हजार घर जलकर राख हो गए, हिंसा ने आदिवासियो को घरों से बेघर कर सड़को पर ला दिया। जयस, भीम आर्मी जय भीम के द्वारा हिंसा में शामिल प्रत्येक दोषियों पर देशद्रोह के मुकदमे चलाए जाए, गैंगरेप कर परेड व छेड़छाड़ करने वाले दोषियों को फांसी दी जाए। व अन्य मांगो को लेकर दिया ज्ञापन सौंपा ।

ज्ञापन सौंपने में तहसील अध्यक्ष जयस धार राज वसुनिया, आदिवासी छात्र संगठन प्रदेश उपाध्यक्ष महेश डामोर, भीम आर्मी जय भीम प्रदेश मीडिया प्रभारी राहुल गुजराती, नगर अध्यक्ष जयस विजय बारिया, अनिल भाभर, कन्हैया मालीवाड, मिथुन मालीवाड़, प्रवीण कटारे, व सैकड़ों कार्यकर्ता एवं समाजजन मौजूद रहे।

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