जावरा आगर टु लेन मार्ग चम्बल नदी ब्रिज के निचे अवेध उत्खनन को लेकर
ग्रामीणों मे काफी नाराजगी खनन माफिया ने अंतिम दाह संस्कार स्थल खोद डाला करोड़ों रुपए के ब्रिज को नुकसान होने की संभावना

जावरा आगर टु लेन मार्ग चम्बल नदी ब्रिज के निचे अवेध उत्खनन को लेकर
ग्रामीणों मे काफी नाराजगी खनन माफिया ने अंतिम दाह संस्कार स्थल खोद डाला करोड़ों रुपए के ब्रिज को नुकसान होने की संभावना

गोवर्धन परमार
कबीर मिशन समाचार
जिला ब्यूरो चीफ रतलाम मध्य प्रदेश
9009559097

ताल से करीबन 3-4 किलो मीटर दुर चम्बल नदी जावरा आगर टु लेन मार्ग ब्रिज के निचे मुक्तिधाम अंतिम दाह संस्कार स्थल पर 5- 6 जेसीबी मशीनो से अवेध उत्खनन कर ग्रामीणों द्वारा विरोध करने पर डराने धमका ने का मामला प्रकाश मे आया है जिसमे आरोप है कि कुछ लोगों कि मिलीभगत से अवेध उत्खनन कर रेती निकाली जा रही है जिसे लेकर ग्रामीणों ने शिकायत भी कर जेसीबी मशीने जप्त कर कार्यवाही की मांग की है

समीपस्थ ग्राम बिसलखेडा एवं रामगढ के युवक जिनमे पंकज मालवीय अनिल मालवीय
प्रहलाद मालवीय रितेश मालवीय सीताराम मालवीय सत्यनारायण भेरू खारोल जुझार मालवीय राकेश मालवीय गोवर्धन सुर्यवंशी रामचंद्र चंद्रवंशी,
कमल चंद्रवंशी राजु चंद्रवंशी आदि ग्रामीणो ने जानकारी देते हुवे आरोप लगाया कि
जावरा आगर टु लेन चम्बल नदी ब्रिज के निचे हम रामगढ मुण्डलाकला बिसलखेडा आदि गांव के ग्रामीण किसी की भी मृत्यु होने पर वहां अंतिम दाह संस्कार करते चले आ रहे है चम्बल नही पर हमारा मुक्तिधाम है परंतु अनावेदकगण जो कि जेसीबी मशीनो का संचालन करते हुवे कई मशीने चलाते है करीबन 6-7 मशीनो से दिन रात अवेध उत्खनन कर रेत निकालते हुवे मोके पर बडे बडे भीमकाय गड्डे कर दिये है जिससे किसी की मृत्यु हो जाने पर उनका अंतिम दाह संस्कार करने मे ग्रामीेणो को काफी परेशानियों का सामना करते हुवे उन गड्डो मे डुब कर मर जाने की अशंका बनी रहती जानमाल का खतरा पेदा हा रहा है जिस बात को लेकर ग्रामीणों मे काफी गहरी नाराजगी बनी हुवी है एवं आक्रोष व्याप्त है जिसे लेकर दिनांक 08/12/2022 को अनावेदकगण जेसीबी मशीन लाकर शमशान घाट मुक्तिधाम चम्बल नदी ताल मे खुदाई कर रहे थे हम ग्रामीणेां को इस बात की जानकारी लगी तो हमने देखा कि ये लोग नदी मे रात को करीबन 12 बजे जेसीबी मशीन से खुदाई कर रहे थे व मुक्तिधाम के साथ जो सरकार ने करोडो रूप्ये का ब्रिज बडी पुलिया बनाई हुवी है उसको भी उसके निचे खुदाई कर ब्रिज को नुक्सान पहुंचा रहे थे हमने मना किया तो हमको जान से मारने की धमकीयां देकर बोले कि हम तुम लोगों को जान से मारकर भी यही रेत निकालेगे और खुदाई करेगे और हम रूपये बांटते है तुम लोग हमारा कुछ नही कर सकते हो ओर हमे नंगी नंगी मां बहिन की अश्लील अश्लील गालीयॉ देते हुवे जान से मारने की धमकीयां दी व फिर रात को कई गाडीयॉ चार पहिया आदि बुलवाई और उसमे करीबन 20 -22 अज्ञात व्यक्ति आये व हमे डराया धमकाया जान से मारने की धमकी देकर बोले कि हमारे काम मे अडचन डाली तो जान से मार देगे व तुम लोगों को यही जेसीबी मशीन से निचे दबा देगे।हमारा कोई कुछ नही कर सकता है व फिर दुसरे दिन दिनांक 09/12/2022 को भी जेसीबी मशीन चल रही है आज भी अवेध उत्खनन हो रही हैं आज दिनांक को तीन जेसीबी मशीन चल रही है हमने सी एम हेल्प लाईन 181 पर भी शिकायत कर दी है
ग्रामीण युवाओ ने मांग की है कि उक्त पुरे मामले मे जेसीबी मशीने जप्त कर इन सभी के खिलाफ सख्त से सख्त कानुनी कार्यवाही की जावे।ग्रामीणे ने चेतावनी दी है कि यदि इस बात को लेकर ग्रामीणों के साथ कुछ भी अच्छा बुरा होता है तो समस्त जवाबदारी अनावेदकगणों की रहेगी उचित कार्यवाही करते हुवे जेसीबी मषीनो से खुदाई बंद कराते हुवे पुरे मामले की जाचं की जावे
उक्त मामले को लेकर ग्रामीणो ने स्थानीय एवं वरिष्ठ कार्यालय अधिकारी अधिकारीगण आदि को भी शिकायते की है जिसे लेकर ताल थाना प्रभारी नागेश यादव ने बताया कि शिकायत मिली है तहसीलदार साहब के साथ जाकर मोके पर जांच करेगे वही तहसीलदार पारसनाथ मिश्रा ने कबीर मिशन को बताया कि तहसील कार्यालय से किसी को भी चम्बल नदी मे रेत उत्खनन की अनुमती नहीं दी गई है और प्रधानमंत्री आवास योजना मे मकान के हितग्राहीयों हेतु अधिकारीगण ने एक दो जेसीबी मशीन संचालको को अनुमती दी है और वे भी नियम कायदे का पालन अनुसार जिसे लेकर आपने सभी से अपील की है कि चम्बल नदी पर यदि उत्खनन होता है जेसीबी मशीने चलती है तो आप मेरे मोबाईल नम्बर 79990 093361 पर सुचना कर सकता है कार्यवाही की जावेगी और ग्रामीण जो भी आरोप लगा रहे है वे गलत है वहीं उक्त मामले को लेकर आलोट एसडीएम सुश्री मनीषा वास्कले के मोबाइल नंबर पर संपर्क करना चाहा परंतु संपर्क नहीं हो पाया वही ग्रामीणों ने शिकायत की गोवर्धन परमार कबीर मिशन को भी उपलब्ध कराई हैl

बहरहाल पुरे मामले मे कहीं न कही विवाद की स्थिती निर्मित होकर ग्रामीणो युवाओ मे आक्रोश नजर आ रहा है जिसे समय रहते प्रशासन को पुरे मामले की जांच कराते हुवे दुध का दुध और पानी का पानी कर करोडो रूपये के ब्रिज की भी सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहीये