आशा उषा सहयोगीनी ने भरी हुंकार मांगों को लेकर प्रदेश भर में हड़ताल आंदोलन।

जिला कलेक्टर पहुंचीं सैकड़ों आशा उषा, प्रेरक राशि नहीं 10 हजार रुपए वेतन दिया जाए-लता हिरवे। खरगोन। अपनी जायज़ मांगों को लेकर बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय पर पहुंचकर आशा पर्यवेक्षकों और प्रेरको ने शासन स्तर पर मिलने वाली प्रेरक राशि को बंद कर प्रतिमाह फिक्स वेतन दिए जाने की मांग की है। सोमवार को इन मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

जहां आशा उषा और आशा सहयोगिनी संघ ने सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि पर्यवेक्षक को 15 हजार और प्रेरक को 10 हजार रुपए वेतन दिया जाए। जिले की आशा पर्यवेक्षक करीब 7 से अधिक गांवों में 10 से 15 हजार जनसंख्या पर काम कर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचा रही है। इसके लिए कोई आवाजाही भत्ता नहीं मिलता, स्वास्थ्य खराब होने एवं आकस्मिक अवकाश की सूचना के बाद भी नियमित काम को बाध्य किया जाता है। हमारी मांग है कि मासिक वेतन में वृद्धि कि जाए। ज्ञापन के समय सीटू युनियन कि लता हिरवे जिला महासचिव, अंजाना हिरवे ब्लाक अध्यक्ष, सारिका चौबे,रेखा रंसोरे, प्रमिला गांगले, प्रमिला सिटोले, यशोदा सनी मंजू डावर, सहित बड़ी संख्या में आशा उषा सहयोगीनी मौजूद रहीं।