नागपुर, 6 फरवरी, 2025:
किसान हमारे देश की रीढ़ हैं और उनकी उन्नति से ही देश की प्रगति संभव है। समय के बदलने के साथ कृषि करने के तौर-तरीकों में बदलाव लाना भी बहुत जरुरी है।
ऐसे में, खेती-किसानी को आधुनिक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अदाणी फाउंडेशन ने एक अनूठी पहल की है। गुरुवार, 6 फरवरी, 2025 को नींबू वर्गीय अनुसंधान संस्थान, वाडी, नागपुर में ‘किसान अध्ययन यात्रा’ का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य
किसान भाइयों को संतरा और मौसंबी की खेती से संबंधित उन्नत तकनीकों और नए तरीकों की जानकारी प्रदान करना था। इस प्रकार, सत्र के माध्यम से किसानों ने खेती के उन्नत और वैज्ञानिक तरीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की।इस कार्यक्रम का आयोजन अदाणी
फाउंडेशन के सौजन्य से वात्सल्य बहुउद्देशीय कल्याण संस्थान के द्वारा किया गया। पाँच गाँवों के, यानि गौंडखैरी के 7, कलंबी के 9, अलेसुर के 1, साउली माउली के 5 और सुराबर्डी के 7, इस प्रकार कुल 29 किसान भाइयों ने इस अध्ययन सत्र में भाग लिया। यह आयोजन खास तौर पर उन किसानों के लिए था,
जो संतरा और मौसंबी की खेती करते हैं और अपनी फसल की गुणवत्ता व उत्पादन को बेहतर बनाने की इच्छा रखते हैं।इस अध्ययन यात्रा में किसानों को नींबू वर्गीय फलों की खेती के वैज्ञानिक और व्यावसायिक पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई। अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञों ने संतरा और मौसंबी की खेती के आधुनिक
तरीकों पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे सही समय पर सिंचाई, पोषण और कीट नियंत्रण से फसल की गुणवत्ता और पैदावार को
बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, किसानों को मृदा परीक्षण और फसल के लिए उपयुक्त जैविक खाद के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।कार्यक्रम के दौरान, विशेषज्ञों ने किसानों
के सवालों के जवाब दिए और उन्हें खेती से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने के लिए समाधान सुझाए। किसानों को यह भी बताया गया कि कैसे नई तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
अपनाकर वे अपनी खेती को अधिक लाभदायक बना सकते हैं।अदाणी फाउंडेशन का यह प्रयास किसानों की उन्नति की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह पहल न सिर्फ उनकी फसल की पैदावार बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि उनके जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएगी। यह कार्यक्रम इस
बात का प्रमाण है कि जब किसानों को सही जानकारी और मार्गदर्शन मिलता है, तो वे अपने साथ ही साथ देश को भी नई ऊँचाइयों पर ले जा सकते हैं।