मालनपुर के ईएसआई अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं चौपट, उपचार कराने खड़े रहते श्रमिक, धूप सेकते स्वास्थ्य कर्मी, स्वेटर बुनती मैडम

बृजेंद्र पाल बंसल मालनपुर

मालनपुर/ औधोगिक क्षेत्र मालनपुर मैं संचालित ईएसआई अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं चौपट होती जा रही है जानकारों के अनुसार अस्पताल खुलने का समय सुबह 9:से दोपहर 12:30 बजे का है और शाम 4:से 6:30 तक है लेकिन समय के बाद ही अस्पताल खुलता है और समय से पहले ही बंद हो जाता है सुबह 11 के बाद और शाम 5 बजे तक अस्पताल में ताले लटक जाते है अस्पताल में पदस्थ स्वास्थ्य कर्मी और डॉक्टर अपनी मनमर्जी से अस्पताल चलाने पर आमादा है उपचार कराने एवं छुट्टी कटवाने श्रमिकों की लंबी कतार लगी रहती है लेकिन स्टॉप सुबह 10 के बाद अस्पताल परिसर में धूप का आनंद लेते हैं और महिला स्वास्थ्य कर्मी धूप में बैठकर स्वेटर बुनती है विभाग द्वारा डॉ और स्वास्थ्य कर्मियों को अच्छी खासी तनख्वाह दी जाती है ताकि अस्पताल में आ रहे श्रमिकों का सही से उपचार किया जा सके और उन्हें अन्य सुविधाएं समय पर मिल सके लेकिन डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी सारे नियम कायदे ताक पर रख डंके की चोट पर अपने हिसाब से अस्पताल चला रहे हैं और बेचारे श्रमिक चक्कर काटते रहते हैं l

श्रमिकों ने बताया कि अस्पताल स्टाफ के कुछ लोग असभ्य तरीके से बात करते हैं और लोगों से दुर्व्यवहार करते हैं *क्या है ईएसआई* ईएसआई एक हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम है यह स्कीम प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों की स्वास्थ्य को मद्देनज़र रखते हुए बनाई गई है.इस स्कीम को कुछ इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को मेडिकल सुविधाएं दी जा सके ईएसआई के अस्पतालों में या उससे संबद्ध या रेफर किए गए बड़े अस्पतालों में भी इस योजना के तहत नि:शुल्क इलाज मिलता हैl

जिन कर्मचारियों की आय कम है, उनके इलाज के खर्च का बोझ कम हो सके और किसी भी तरह की अनहोनी होने पर परिवार की मदद की जा सके, इसके लिए केंद्रीय श्रम मंत्रालय कर्मचारी राज्य बीमा योजना चलाता है.  ईएसआई योजना का फायदा प्राइवेट कंपनियों, फैक्ट्रियों और कारखानों में काम करने वाले एम्प्लॉईज़ को मिलता है.  कर्मचारी को ईएसआई कार्ड जारी किया जाता है.  ऐसे में अगर कोई इस योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ उठाना चाहता है तो उसे ईएसआई डिस्पेंसरी या हॉस्पिटल में जाना होता है. कर्मचारियों को ईएसआई कार्ड या फिर कंपनी से लाए गए दस्तावेजों के आधार पर स्कीम का फायदा मिलता है ।