उत्तरप्रदेश

मौसम की बेरुखी से खेतों में पड़ी दरार, किसान हताश।

कबीर मिशन समाचार
राजेश राव जिला प्रतिनिधि कुशीनगर (उत्तर प्रदेश)

मौसम की बेरुखी से खेतों में पड़ी दरार, किसान हताश। महंगाई के मार से किसान परेशान, पटवन करना मुश्किल| कबीर मिशन समाचार राजेश राव जिला प्रतिनिधि कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) समऊर बाजार कुशीनगर का बर्षा जब कृषि सुखानी। यानी जब खेत और फसल ही सुख जाय उसके बाद वर्षा का क्या लाभ। यही हाल बिहार खुर्द समऊर समेत जिले भर की है। जहां के किसान मौसम की बेरुखी की मार झेलने को विवश है। सावन आया है। ऐसे में वर्षा नहीं होने से सुखाड़ सी स्थिति उत्पन्न हो जाने से किसानों में निराशा की स्थिति बनी हुई है| पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से लोग तपतपाती धूप झेलने को विवश है| वर्षा नहीं होने से किसान परेशान है। एक तरफ जहां धान की रोपनी समाप्त सी हो गई है वही धान के बिचड़े भी पीलेपन के शिकार होनी लगे है। खेत सुख कर बंजर हो रहा है। किसानों का कहना है कि बढ़ती महंगाई व डीजल की आसमान छूती कीमत से पटवन कर खेती मुश्किल बना हुआ है| सूखे के कारण एक एकड़ खेत में 15 से 16 घंटे का पटवन भी काम नहीं कर रहा है| किसानों ने बताया कि अगर कुछ दिन और यही स्थिति रहा तो धान की फसल होना मुश्किल है| बारिश नहीं होना चिंता का विषय है| धान की रोपाई का आदर्श समय 15 जुलाई तक माना जाता है| कृषि विभाग के अनुसार 20 जुलाई तक बारिश होने की उम्मीद है। इतनी महंगाई की मार को झेलते हुए भी अपनी फसल को सुखते देख प्रभु प्रसाद किसान ने अपनी फसल सिंचाई किया|

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