विज्ञापन के लिए संपर्क करें - 8462072516
विज्ञापन के लिए संपर्क करें - 8462072516
September 25, 2022

भारत में हिंदी में न्याय मिलना चाहिए : मनोज श्रीवास्तव,
हमें अपनी भाषा में ही संचार करना चाहिये: कुलपति प्रो केजी सुरेश,
पत्रकारिता विश्वविद्यालय में हिंदी दिवस पर हुआ विशेष व्याख्यान,

भोपाल _ माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में हिंदी दिवस पर साहित्कार एवं पूर्व अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव का विशेष व्याख्यान हुआ। हिंदी हैं थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो केजी सुरेश ने की। प्रो शिवकुमार विवेक ने व्याख्यान के विषय पर विषय प्रवर्तन किया।


हिंदी राजभाषा से लोकभाषा विषय अपने विचार व्यक्त करते हुये मुख्य वक्ता मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि संचार का अर्थ है उसकी भाषा में बातचीत करना। उन्होंने कहा की हमारे देश न्यायालय की भाषा अंगेजी है। जबकि आम बोलचाल की भाषा देश में हिंदी है। देश के लोगों को हिंदी भाषा में न्याय प्राप्त करने का अधिकार होना चाहिए । श्री श्रीवास्तव ने कहा कि भारत में हिंदी में न्याय मिलना चाहिये।


विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो केजी सुरेश ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें अपनी भारतीय भाषा में ही संचार करना चाहिए । उन्होंने कहा कि हमारे पास जब हिंदी में ही बहुत से शब्द हैं तो फिर हमें किसी दूसरी भाषा से शब्द लेने की जरुरत ही नहीं होना चाहिए। प्रो सुरेश ने भाषाई शुध्द्ता पर कहा कि इसका बहुत मजाक फ़िल्मों में ऊडाया जाता है, जो कि नहीं होना चाहिए । उन्होंने छात्रों से कहा कि आप पत्रकारिता के विद्यार्थी हैं इसलिये इस विषय में आपको सोचना होगा। कुलपति प्रो सुरेश ने हिंदी के प्रति हीन भावना छोड़ने की बात कहते हुये कहा कि लोग बोलते जरुर अंग्रेजी में हैं लेकिन सपने वे हिंदी में ही देखते हैं। छात्रों द्वारा इस अवसर पर सास्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई ।

अंत में पोस्टर,निबंध, स्लोगन, हिंदी प्रश्नोत्तरी के विजेता छात्रों को पुरस्कार प्रदान किये गये। इस अवसर पर साकेत दुबे की पुस्तक एवं विकल्प समाचार पत्र का के विशेष अंक का भी विमोचन किया गया। व्याख्यान के बाद आभार प्रदर्शन पत्रकारिता विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉ राखी तिवारी ने किया। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ अविनाश वाजपेयी, सभी विभागों के विभाग अध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं विधार्थी शामिल हुए । कार्यकम का संचालन डॉ अरुण कुमार खोबरे ने किया।