बुजुर्गों के विचारों का सम्मान करें तभी वृद्ध दिवस सार्थक होगा। – ब्रह्मा कुमारी वैशाली दीदी

पचोर/राजगढ़ से कबीर मिशन समाचार जिला संवाददाता विष्णु प्रसाद भिलाला

पचोर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मैं अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस मनाया गया।जिसमें ब्रह्मा कुमारी वैशाली बहन ने वरिष्ठ जनों का सम्मान किया । उपेंद्र सिंह रघुवंशी (गार्डन सुपरिटेंडेंट मध्यप्रदेश शासन) गिर्राज पाटीदार( एम. पी. ई. बी. सुपरवाइजर), बलवंत सिंह रघुवंशी (सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया अतिरिक्त शाखा प्रबंधक) ने वृद्ध दिवस कार्यक्रम में अपनी शुभकामनाएं अर्पित की।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से की गई।ब्रह्माकुमारी वैशाली दीदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि सृष्टि के आरंभ में जिस प्रथम पुरुष की चर्चा की जाती है उसे वृद्ध दिखाया गया है फिर चाहे उसे एडम, आदम ,कहें या ब्रह्मा, वृद्ध व्यक्ति पारिवारिक कर्तव्य को समेट कर निश्चिंत जीवन जीता है क्योंकि वह जीवन की सच्चाई से पूर्णता अवगत हो जाते हैं।

अनुभवी कभी धोखा नहीं खाते। वृद्धव्यक्ति वैभव ,पदार्थ , सबका झूठा रस चख लेने के बाद उनके अंदर आसक्ती खत्म हो जाती है ,इस उम्र में भगवान मैं मन को लगाना सहज हो जाता है । कर्मेंद्रियों में चंचलता नहीं रहती ,ऐसी अवस्था में भगवान की याद भी सहज हो जाती है

लेकिन आज हम देखते हैं कि जगह-जगह वृद्धआश्रम बनाए गए हैं, जिनके बच्चे नहीं होते हैं उनके लिए यह आश्रम ठीक है ,लेकिन जिनके बेटे बहु होते हुए भी वह वृद्ध आश्रम में रहते हैं तो यह समाज के लिए शर्मनाक बात है। वृद्ध दिवस तभी सार्थक होगा जब हम वृद्धजनों का सम्मान करेंगे उनके विचारों का सम्मान करेंगे उनको समय देंगे, उनसे आशीर्वाद लेंगे एवं उनसे अच्छा व्यवहार करेंगे।