मध्यप्रदेश शाजापुर

शाजापुर। समेकित बाल संरक्षण (मिशन वात्सल्य) योजना पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

शाजापुर। समेकित बाल संरक्षण (मिशन वात्सल्य) योजना पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास जिला शाजापुर, श्रीमती सुषमा भदोरिया के निर्देशानुसार व सहायक संचालक सुश्री नीलम चौहान के मार्गदर्शन में गत दिवस सी.एम. राइज स्कूल अकोदिया, सीएम राईज स्कूल सुन्दरसी एवं शासकीय हाईस्कूल सुनेरा में वीर बाल दिवस गतिविधि, समेकित बाल संरक्षण (मिशन वात्सल्य) योजना एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

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कार्यक्रम में बाल संरक्षण अधिकारी श्री राघवेन्द्र मीना ने बताया कि प्रतिवर्ष 26 दिसम्बर को सिखों के दसवे गुरु गुरुगोविंद सिंह के पुत्रों को सम्मान देने के लिए इस दिन को उनकी वीरता और बलिदान के रूप में याद किया जाता है। इस अवसर पर सप्ताह भर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। साथ ही अधिनियम की जानकरी देते हुए गुड टच-बेड टच के बारे में बताया गया। साथ ही विभिन्न प्रकार के अपराध एवं शोषण से बचने के उपाय के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। दोनों अधिनियम के विभिन्न बाल उपयोगी प्रावधानों के बारे में बताया। इस दौरान शासन द्वारा चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजनाओं फ़ॉस्टर केयर, स्पोंसरशिप, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद, दत्तक ग्रहण प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गयी।

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चाइल्ड लाईन सदस्य श्री देवेन्द्र गोठी ने चाईल्ड हेल्प लाइन नम्बर 1098 एवं 112 तथा बाल अधिकारों की जानकारी दी। साथ ही बाल विवाह के दुष्परिणाम एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के बारे में बताते हुये बताया कि बालिकाओं की आयु 18 वर्ष एवं बालकों कि आयु 21 वर्ष होने पर ही विवाह करें। यदि इससे पूर्व कोई विवाह करता है तो ये अपराध कि श्रेणी में आता है। साथ ही बच्चों को सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधो के बारे में अवगत करवाते हुए उनसे बचने के उपाय भी बताए।

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