मध्यप्रदेश शिक्षा सीहोर

श्री सत्य सांई विश्वविद्यालय में चार दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान पर्व का सफल समापन।

श्री सत्य सांई विश्वविद्यालय में चार दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान पर्व का सफल समापन।

कबीर मिशन समाचार जिला सीहोर।
सिहोर से संजय सोलंकी कि रीपोर्ट 9691163969।

सीहोर। शहर के पुराने सीहोर भोपाल मार्ग पर स्थित श्री सत्य सांई विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर चार दिवसीय विज्ञान पर्व का आयोजन किया गया। विज्ञान पर्व के अंतिम दिन के समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरू डॉ. मुकेश तिवारी के द्वारा की गयी। कार्यक्रम का सुभारंभ विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. हेमन्त शर्मा परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय राठौर कार्यक्रम संयोजक डॉ. राजेन्द्र सिंह कुशवाह एवं डॉ. रश्मि द्विवेदी ने किया।

विज्ञान मेला, राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संचार परिषद् (एनसीएसटसी), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, नई दिल्ली तथा मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद्, भोपाल के सहयोग से आयोजित किया जा रहा था। सत्य सांई विश्वविद्यालय ने 28 फरवरी को क्विज प्रतियोगिता, 29 फरवरी को पेस्टर मेंकिग प्रतियोगिता एवं 1 मार्च को क्योचर वॉ साइन्स कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें विभिन्न संकाय के कुल 563 प्रतियोभागीयों ने हिस्सा लिया। 2 मार्च समापन दिवस के अवसर पर अतिथि स्वागत एवं चार दिवसीय प्रतिवेदन की प्रस्तुती डॉ राजेद्र सिंह कुशवाह द्वारा दी गयी।

अतिथि मुख्य वैज्ञानिक एनसीएसटसी विकास शिंदे के द्वारा विकसित भारतीय विज्ञानिको का योगदान विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। अतिथि मुख्य वक्ता संजय सिंह कौरव, सचिव विज्ञान भारती, मध्य भारत प्रांत द्वारा विज्ञान के महत्व, छात्र जीवन के मूल उद्देश्य पर ओजस्वी संबोधन दिया। क्विज प्रतियोगिता में प्रथम मयुरी पाटील, द्वितीय देवाश्री महाजन ने स्थान प्राप्त किया। पोस्टर मेंकिग प्रतियोगिता में प्रथम खुशबु तिवारी एवं द्वितीय स्थान तेजस्वनी परिहार ने प्राप्त किया। सभी विजेताओं को अतिथियों द्वारा समानित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी संकाय के डीन, प्राचार्य, प्रशासनिक आधिकारी सहित कई विशिष्ट अधिकारी उपस्थित रहे। परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय राठौर एवं कुल सचिव डॉ. हेमन्त शर्मा ने अतिथि को स्मृति चिन्ह भेट किये। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ रश्मि द्विवेदी कार्यक्रम में उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो.अंकित जोशी द्वारा किया गया।

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