आगर। पर्यावरण संरक्षण, संवर्धन और जागरूकता पर नाटक का मंचन के साथ हुवा स्वराज गायन

बड़ागांव- शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़ागांव पर सीसीएलई कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं द्वारा पर्यावरण जागरूकता ,स्वच्छ भारत अभियान, प्रदूषण मुक्त भारत व वृक्षारोपण के महत्व जल जंगल-जमीन वायु और आकाश से हमारा अटूट संबंध यानी एक दूसरे के बिना जीना असंभव फिर हम क्यों दुश्मन बन कर प्रदूषित कर रहे इसको क्यूं नहीं चल रहे वैज्ञानिक दृष्टिकोणानुसार तथा सामाजिक जागरूकता से हर तरह के विनाशकारी आयामों को खत्म किया जा सकता है।

इन्हीं जीवन के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आधारित नाटक “कचरू काका” नाटक “मुकदमा हवा पानी का” मंचन कर जन-जन में जागरूकता का संदेश दिया निर्देशन संगीत/साहित्य जन कल्याण एवं शोध संस्थान समिति के अध्यक्ष सत्यमंगल मांगीलाल कुलश्रेष्ठ व आकाशवाणी एवं दूरदर्शन बी. हाई ग्रेड कलाकार महेश कुमार कुलश्रेष्ठ व मंडल के साथी कलाकारों का रहा।

इसी क्रम में कवि एवं गायक मांगीलाल कुलश्रेष्ठ द्वारा स्वरचित गीत वायु प्रदूषण ,जल प्रदूषण, मृदा प्रदूषण की नागफाश से छुड़ाने हित अपने सुमधुर स्वर लयताल के साथ अपने ही संगीत मंडल से संगत के साथ गीत- एक तो तेरी दागी चुनर दूसरे उजड़ी धरा – तीसरे “चुनर हरी हित, दिल दीवाना हो गया एक तो सागर कलेजा दूसरे विष से भरा तीसरे “अमृत सरिता” दिल दीवाना हो गया इस प्रकार “एक तो अंबर अंगिरा, दूसरे चादर जली, तीसरे प्राणवायु हित दीवाना हो गया।

माँ धरा संसार हित में दीवाना हो गया” तथा आदर्श प्रेरक शेरो-शायरी, नारो,गीत व मालवी स्वराज लोक गीतों का गायन, कविताओं से व बच्चों की चहुमुखी प्रतिभा के विकास हित बच्चों में जोश पैदा कर नवजागरण का प्रयास किया बीच-बीच में बेटियों द्वारा देशभक्ति गीत, भाषण, शेरो-शायरी से अन्य बच्चों में लगन पैदा करने का प्रयास किया गया।

वरिष्ठ गुरु जनों द्वारा प्रेरणा प्रद उद्बोधन से छात्र-छात्राओं में उत्साह जागृत किया गया – वरिष्ठ गुरुजन श्री रमेशचंद्र यादव, श्री राजेंद्र कुमार सोनी, श्री शंकर लाल यादव, श्री प्रवीण जी विश्वकर्मा नवनियुक्त गुरुजनों- गुरुमाताओं व स्टाफ के बाबूजी,भाई गवली जी युधिष्ठिर जी के सहयोग के साथ साउंड, टेंट व मीडिया का सहयोग अपेक्षित रहा उद्बोधन व आभार प्रकट करते हुए संस्था के प्राचार्य श्री क्रांति प्रकाश खेनवार जी की साहित्यिक वक्तव्य सभा को रसपान करा रहा था स्वल्पाहार के साथ कार्यक्रम का विसर्जन हुआ।