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मणिपुर के वायरल वीडियो का सच, खुल रहे सभी राज धीरे धीरे। ढाई महीने पहले का वीडियो, भीड़ के साथ पुलिस भी थी?

मणिपुर के वायरल वीडियो का सच, खुल रहे सभी राज धीरे धीरे। ढाई महीने पहले का वीडियो, भीड़ के साथ पुलिस भी थी?

द ट्राइबल आर्मी के ट्विटर अकाउंट पर लिखा है कि द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए, युवा महिला, उन दो महिलाओं में से एक, जिन्हें मणिपुर में नग्न घुमाया गया और यौन उत्पीड़न किया गया, ने कहा: “पुलिस उस भीड़ के साथ थी जो हमारे गांव पर हमला कर रही थी।

पुलिस ने हमें घर के पास से उठाया और गांव से थोड़ी दूर ले जाकर भीड़ के साथ सड़क पर छोड़ दिया। हमें पुलिस ने उन्हें सौंप दिया था।” पीड़िता के इस वक्तव्य से साफ होता है की पुलिस और सरकार की मिलीभगत से मणिपुर में आदिवासियों पर अत्याचार किया जा रहा है। अत: नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।

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इस घटना के पुरे देश को झकझोर कर रख दिया है और ऊपर से मणिपुर के मुख्यमंत्री भी बेशर्म बयान कर रहे हैं। कि ऐसी सैकड़ों घटनाएं हो चुकी है। इसका मतलब आप खुद समझ सकते हैं कि क्या हालात मणिपुर में हुए होंगे और हो रहें हैं। आखिर ऐसी हिंसा का कारण क्या हैं।

क्यों इसको रोकने में नाकामयाब रही मणिपुर की शासन प्रशासन, साथ ही केंद्र सरकार ने भी क्यों ध्यान नहीं दिया। ऐसे कई प्रश्न सोशल मीडिया पर जमकर खड़े कर रहे हैं और सभी मणिपुर के मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांग रहे हैं और इसमें कोई दोराय नहीं है ऐसे मुखिया को इस्तीफा दे ही देना चाहिए। इसमें सबसे बड़ा सवाल पुलिस का है जो पीड़िता ने बताया है।

जिस राज्य में उसकी महिलाओं के साथ भीड़-तंत्र द्वारा इस तरीके की बर्बरता – नग्नता की जा रही हो वहां का मुखिया अपने पद पर फिर भी बना रहता है इससे बड़ी शर्म की बात कोई नहीं हो सकती। आप अपने राज्य में हिंसा, अराजकता, महिलाओं के साथ बर्बरता नहीं रोक पाए हैं। कथित वीडियो तो 4 मई का है और मणिपुर में 2 महीनों से इंटरनेट बंद है पता नहीं कितनी ऐसी बर्बरता पूर्ण कहानियां वीडियो में रिकॉर्ड होगी और जब इंटरनेट चालू होगा तब सामने आएंगी।

4 मई के बाद भी किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी न होना प्रशासनिक विफलता और उसकी लापरवाही को दर्शाता है। नैतिकता का तकाज़ा तो यही है कि आप अपना त्यागपत्र आज ही सौंप दें और स्वयं ही राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा कर दें। कोई भी पद, कोई भी कुर्सी मां-बहनों की इज्जत से बड़ी नहीं होती।

वह बर्बरता सिर्फ मणिपुर की लड़कियों के साथ नहीं हुई है बल्कि पूरे देश का सर शर्म से झुक गया है। उन्ही मां बहनों के सम्मान की खातिर आप पद त्याग करें। यह लोकतंत्र है चुनाव आगे भी होंगे। लोकतंत्र को भीड़तंत्र ना बनने दें। आप कृपया अपना त्यागपत्र दे और पद मुक्त हो जाएं।

कुछ प्रश्न है और उनके सवाल भी

1) वायरल वीडियो की घटना कब हुई ? 04 मई को यानि करीब 78 दिन पहले
2) FIR कब हुई ? करीब 60 दिन पहले
3) केवल एक आदमी की गिरफ्तारी कब हुई ? आज यानि 20 जुलाई को | पता नहीं वह सही आदमी है या बस किसी को पकड़ लिया ?
4) FIR में किसका नाम था अज्ञात लोगों का |
5) वीडियो में इतने लोग दिख रहे हैं और नाम अज्ञात ?
6) इतनी बड़ी घटना हुई और सरकार के बड़े अफसरों को और बड़े नेताओं को घटना की जानकारी थी कि नहीं ? अगर थी तो क्या किया ? अगर नहीं थी तो कुर्सी के लायक नहीं हो |


7) अब देश और BJP की जो बदनामी हो रही है उसका जिम्मेवार कौन ? जबाब नहीं मालूम
8) दोषियों के खिलाफ कैसी कार्रवाई होनी चाहिए ? आतंकवादियों जैसा |
9) और कौन दोषी है ? लोकल थाना से लेकर CM तक

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