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शासन की पोल खोलता जलसंकट,कजलास में पानी का संकट , साइकिल और पैदल जंगल से पानी लाने को मजबूर ग्रामीण।

शासन की पोल खोलता जलसंकट,कजलास में पानी का संकट , साइकिल और पैदल जंगल से पानी लाने को मजबूर ग्रामीण।

कबीर मिशन समाचार जिला सीहोर, कजलास से संजय सोलंकी की रिपोर्ट।

कजलास। आष्टा जनपद का ग्राम कजलास के लोग ग्राम पंचायत की अनदेखी के कारण मार्च माह के शुरुवाद में ही पानी को लेकर परेशान हैं। ग्राम कजलास में मार्च माह में जलसंकट काफी गहरा गया है अभी की माने तो अभी की यह स्थिति हैं, तो मई व जून में 40 से 45 डिग्री की गर्मी में क्या हाल होंगे।

गांव के गरीब व माध्यम वर्गीय परिवार के लोग पानी के लिए सुबह से ही पानी की तलास में गांव से कई कि.मी. दूर दूसरे गांव के दूसरे लोगो के ट्युबवेलो पर पानी भरने के लिए पहुंच जाते हैं लेकिन इसके विपरीत संपन्न परिवारों ने तो निजी पैसे से लोगो के ट्यूबवेलो से पाइपलाइन फेलाकर अपने घरों तक पानी की व्यवस्था कर ली हैं, जबकि ग्राम पंचायत ग्राम के जल संकट को लेकर सजग नहीं हैं इस बात का रोष आम लोगो में देखा जा सकता हैं।ग्राम पंचायत कजलास में 1 करोड़ 7 लाख 85 हजार की नल जल योजना स्वीकृत होने के बाद भी गांव पानी के लिए तरस रहा।

सूर्यपालसिंह ठाकुर ने बताया कि इतनी बड़ी नल जल योजना स्वीकृत हो चुकी है टंकी बनकर कंप्लीट हो चुकी हैं, लेकिन नल जल योजना का कार्य अधुरा पड़ा है। इंजीनियर द्वारा लापरवाही सामने नजर आ रही है। पिछले वर्ष कलेक्टर ग्राम कजलास पहुंचे थे, इस दौरान ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने गांव में जल संकट की समस्या से अवगत कराया था। इस दौरान कलेक्टर ने इंजीनियर को फटकार लगाकर एक माह में नल जल योजना का अधूरा कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये थे इसके बाद भी कार्य अधूरा है।

ग्राम पंचायत कजलास में लगभग 5 हजार आबादी हैं, लेकिन आज भी यहां के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। कजलास में ग्रामीणो की समस्याओ को देखते हुए घर-घर तक पानी पहुंचाने के लिए शासन ने कुछ माह पूर्व 1 करोड़ 7 लाख 85 हजार रुपये की नल जल योजना स्यीक्त की है। वही लोगों के घरों तक पानी पहुंच सके इसके लिए पाच हजार सात सो मीटर पाइप लाइन गांव में बिछाई जाना है इसके अलावा समरवेल पंप 30 हजार लीटर क्षमता का बनना है। ग्राम में पानी सप्लाई के लिए लाखो की लागत की कई वर्ष पुरानी नल जल योजना संचालित हो रही थी, लेकिन जिस जल स्त्रोतो से में योजना संचालित हो रही थी वह सभी कई माह से बन्द हो चुकी है।

इस कारण से गांव की नल जल योजना बन्द पड़ी है। ग्राम में लाखो रुपये की लागत से बनाई गई पानी की टंकी शोपिस बनी हुई है। गांव में पीएचई विभाग द्वारा लगभग 12 हेण्डपम्प लगाये गये थे लेकिन सभी हेण्डपम्पो का जल स्तर नीचे चले जाने के कारण धीरे-धी बंद हो चुके है। गांव में पानी की समस्या फरवरी से ही उत्पन्न हो गई है। ग्राम सुर्यपाल ठाकुर का कहना है कि गांव में पानी की टंकी तो बनाई गई लेकिन टंकी से अभी तक लोगों के घरो तर्क पानी अभी तक नहीं पहुंचा।

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