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सोनकच्छ सिविल अस्पताल में बगैर पैसे दिए नही होती महिलाओं की प्रसूति। महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया

सोनकच्छ सिविल अस्पताल में बगैर पैसे दिए नही होती महिलाओं की प्रसूति। महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया

पहला सोनकच्छ में तो दूसरा जिला अस्पताल में हुआ।

कबीर मिशन समाचार जिला ब्यूरो चीफ पवन परमार जिला देवास

सोनकच्छ। सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद सरकारी अस्पताल में गरीबों को नि:शुल्क इलाज नहीं मिल पा रहा है। गर्भवती महिलाओं से प्रसव के दौरान बेहतर इलाज देने के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं।हजारों रुपए महीने सैलरी पाने वाले डाक्टर चंद रुपए के लालच में इन महिलाओं के साथ परिजनों को परेशान करते हैं और उनके जीवन के साथ खिलवाड़ करते हैं।

इन डाॅक्टरों को प्रशासन व शासन का कोई भय भी नहीं है वे अपनी मर्जी से अस्पताल में आते है और अपनी मर्जी से ही जाते है। मरीज चाहे कितना भी दर्द से तड़पता रहे, परेशान होता रहे लेकिन ऐसे डाॅक्टरों को दया तक नहीं आती है वे केवल अपनी जेब भरने में लगे रहते है।

एक ऐसा ही मामला गत दिवस सिविल अस्पताल सोनकच्छ का सामने आया है जिसमें एक महिला डाॅक्टर डाॅ.वर्षा ननेरिया की लापरवाही सामने आई है। 8 अगस्त को ग्राम कुमारिया बनवीर निवासी दिगपाल गुनावद अपनी बहन मायाबाई पति राजेश निवासी ग्राम सांवेर को व अन्य परिजन के साथ डिलेवरी हेतू सिविल अस्पताल लाए थे जहाँ पर  डाॅ. वर्षा ननेरिया उपस्थित थी।

परिजन सीधे महिला को डिलेवरी वार्ड में ले गए जहाँ ड्यूटी नर्स ने महिला की स्थिति देखते हुए भर्ती कर प्राथमिक उपचार प्रारंभ कर दिया। कुछ देर बाद ड्यूटी पर पदस्थ डाॅ. ननेरिया के आने से पूर्व महिला ने एक स्वस्थ बच्चें को जन्म दे दिया। डाॅ. वर्षा ने आते ही परिजनों पर गुस्से में नाराजगी व्यक्त करते हुए कहाकि मैंने कहा था कि तूम इसे प्रायवेट अस्पताल में ले जाना क्योंकि यह डिलेवरी नार्मल नहीं होगी, आपरेशन से होगी। फिर भी तूम यहाँ लेकर आ गए।

मैं इसे यहाँ भर्ती नहीं करूंगी और कुछ देर बाद डिस्चार्ज कार्ड बना दिया गया। नर्स पर नाराजगी जताते हुए कहाकि इसे यहाँ मेरी मर्जी के बिना भर्ती क्यों किया? नर्स ने कहाकि कि मेड़म एक डिलेवरी नार्मल हो गई है और दूसरी होने वाली है। इसके बावजूद भी डाॅ. वर्षा ननेरिया ने एक न सूनी और देवास रैफर कर दिया। परिजनों की आपत्ति के बाद भी बिना संसाधन, 108 वाहन के बिना व नर्स की अनुपस्थिति में देवास भेज दिया गया जहाँ पर दूसरे बच्चें को जन्म दिया गया।

परिजनों का डाॅ. वर्षा ननेरिया पर आरोप है कि हमारे द्वारा डिलेवरी के पूर्व वर्षा मेड़म से ईलाज करवा रहे थे। मेड़म ने प्रायवेट दवाई गोली दी व बाॅटल भी लगाई थी और कहा था कि पैसे लगेगे इसकी डिलेवरी इंदौर या देवास में किसी प्रायवेट अस्पताल में मुझसे संपर्क कर करवा लेना। नार्मल डिलेवरी नहीं होगी ऐसा डर भर कर माहौल बना दिया था। डाॅ. वर्षा ननेरिया कई वर्षो से अपने घर पर फीस लेकर ईलाज करती है, और बाजार की दवाई-गोली लिखती है व जांच के नाम पर प्रायवेट अस्पताल भेजती है।

कोई भी मरीज विरोध करता है तो उसे नार्मल डिलेवरी न होने के नाम पर डराया धमकाया जाता है और मोटी रकम ऐठती है, जैसा कि मेरे साथ हुआ। इस संबंध में दिगपाल ने डाॅ. वर्षा ननेरिया के खिलाफ अनुविभागीय अधिकारी संदीप शिवा, सीएचएमओं देवास, स्वास्थ्य मंत्री, महिला आयोग भोपाल सहित प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को शिकायत कर उचित कार्यवाही की मांग की है। साथ ही शासन-प्रशासन से मांग की गई है कि संबंधित डाॅक्टर के खिलाफ की गई शिकायत पर कार्यवाही करे।

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