भोपाल। इंदौर शहर से 2 अक्टूबर को पैदल यात्रा कर राजधानी भोपाल पहुंचे बेरोजगार युवाओं के पैदल यात्रा के जनसैलाब से सरकार बौखला गई।

कबीर मिशन समाचार। भोपाल मध्यप्रदेश

भोपाल। मध्य प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के द्वारा इंदौर शहर से 2 अक्टूबर को पैदल यात्रा कर राजधानी भोपाल पहुंचना था किंतु बेरोजगार युवाओं के पैदल यात्रा के जनसैलाब से सरकार बौखला गई। और सभी बेरोजगार युवाओं को अलग अलग गाड़ियों में भरकर अज्ञात स्थानों पर छोड़ दिया गया और उनके पैदल सत्य ग्रह आंदोलन को षडयंत्र के द्वारा आंदोलन को तहस-नहस कर दिया गया।


ज्ञात हो कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं द्वारा पीएससी की नियमित परीक्षा कराने व प्रदेश में खाली पड़े लगभग तीन लाख सरकारी पदों पर भर्ती किए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय शिक्षित युवा संघ के बैनर तले गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर से शुरू हुई पदयात्रा आज 09 अक्टूबर को भोपाल के शाहजहानी पार्क में समाप्त होनी थी। जिससे प्रशासन द्वारा भोपाल के बाहर ही रोक दिया गया। व पदयात्रियों को पुलिस वाहनों में भरकर तितर-बितर कर अज्ञात स्थानों पर छोड़ दिया गया है।

माननीय आप नौजवानों के मामा के रूप में देश भर में विख्यात है। आप अत्यंत संवेदनशील मुख्यमंत्री हैं आपके ही प्रशासन द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों के निराकरण हेतु जारी इस पदयात्रा को रोक दिया जाना अन्याय पूर्ण है। धरना प्रदर्शन सत्याग्रह पदयात्रा आदि अपनी मांगों को शासन प्रशासन तक पहुंचाने के लोकतांत्रिक माध्यम है। शांतिपूर्ण पदयात्रा कर रहे बेरोजगार युवाओं को उनके कार्यक्रम स्थल शाहजहानी पार्क ना पहुंचने देना अनुचित है। वैसे भी सरकारी कर्मचारियों शिक्षकों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की के विभिन्न आंदोलनों को रोकने के दमनकारी प्रशासनिक तारीको से सरकार की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। आपसे निवेदन है। कि मध्य प्रदेश भर्ती सत्याग्रह पैदलयात्रा से संबंधित बेरोजगार युवाओं के प्रतिनिधि मंडल को बुलाकर उनकी मांगो पर चर्चा कर यथासंभव हल किए जाने के निर्देश दें। ताकि युवाओं में आया आक्रोश थम सके।