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बालाघाट से नैनपुर मार्ग बंद होने से, मरीज को खाट पर लिटाकर, घर लेकर गए परिजन।

बालाघाट से नैनपुर मार्ग बंद होने से, मरीज को खाट पर लिटाकर, घर लेकर गए परिजन।

बालाघाट । कबीर मिशन समाचार। अषीश गनवीर।

बीते साल बालाघाट जिले के लामता नैनपुर मार्ग में मनकुवर नदी पर बना हुआ पुल बह जाने से लोगो की परेशानीया दोगुनी हो गई है, एक ओर आवागमन बाधित है तो वहीं दूसरी ओर विपरीत परिस्थितियों मे मरीजों को लाने-लेजाने की जद्दोजहद भी बढ़ गयी है।

जहा पुल के अभाव मे व हालात के आगे नतमस्तक होकर लोग अपनी जान जोखिम मे डालकर नदी पार करने को मजबूर है, जिसकी एक तस्वीर भी निकलकर सामने आई है, जो चीख चीख कर बता रही है की मंत्री रामकिशोर कावरे की विधानसभा क्षेत्र से अब भी विकास कोषों दूर है, तस्वीर में खाट पर लादकर मरीज को ले जाता वीडियो भी जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खडा कर रहा है।

विकास के दावो की पोल खोलती यह तस्वीर मध्यप्रदेश शासन के आयुषमंत्री रामकिशोर कावरे के विधानसभा क्षेत्र परसवाडा की है, जहा पिछले साल लामता से नैनपुर मार्ग पर ग्राम घंघरिया मे मनकुंवर नदी पर बना पुल बह जाने से लोगो की मुसबित दोगुनी हो गयी है… पुल के बह जाने के बाद लोगो की सुविधा के लिए दो बार डायवार्सन मार्ग भी बनाया गया, लेकिन अफ़सोस वह भी मनकुंवर नदी के उफान पर आते ही बह गया। मौजूदा समय मे आवागमन पूरी तरह से बंद हो चूका है और लोग हालात के आगे घुटने टेकने मजबूर है।


मनकुंवर नदी पर पुल ना होने से वाहनो के पहिये भी यहाँ आकर थम जाते है और लोगो को आगे सफर करने के लिए खतरा मोड़ लेना पड़ता है…यह तस्वीरे बताती है कि क्षेत्र के विधायक व मंत्री रामकिशोर कावरे, अपने क्षेत्र की जनता के प्रति कितने सजग है, जो एक साल बाद भी मनकुंवर नदी पर नए पुल का निर्माण नहीं करवा सके…

अब इस तस्वीर को देखने के बाद उनके गैर जिम्मेदाराना रवैया का बखान करना कोई अतिश्योक्ति नहीं होंगी…लेकिन ऐसी समस्या से क्षेत्र के लोगो को कब निजात मिलेगी, कब जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर होगा, यह कहना जल्दबाजी होंगी।

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