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कोटवार गाँव के चलते-फिरते गूगल हैं।कोटवार का काम कलेक्टर-कमिश्नर नहीं कर सकते – सीएम शिवराज सिंह चौहान

कोटवार गाँव के चलते-फिरते गूगल हैं।कोटवार का काम कलेक्टर-कमिश्नर नहीं कर सकते – सीएम शिवराज सिंह चौहान

मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी चुनाव को लेकर बहुत शख्त है और वे एक भी ऐसा कोई मौका नहीं छोड़ते है वे हर विभाग, दल, झूंड को कुछ न कुछ देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। योजनाओं के भंडारे लगाए दिए हैं।

अब कोटवार को रूझा लिए है। कोटवार सम्मेलन में कहीं ये बात – कोटवार, गाँव की प्रगति का सशक्त आधार हैं। आपके सहयोग से ही गाँवों के विकास और ग्रामीणों के कल्याण के लक्ष्य की प्राप्ति संभव है। आप और हम मिलकर अपने सभी गाँवों को आगे बढ़ायेंगे। आपने गाँवों का ध्यान रखा है। मैं आपका ध्यान रखूंगा। भोपाल में आयोजित ‘कोटवार सम्मेलन’ में सहभागिता कर विचार साझा किया।कोटवार भाई-बहनों के मानदेय में 500 रुपये प्रति वर्ष की बढ़ोत्तरी की जायेगी।

ऐसे कोटवार जिनके पास कोई सेवा भूमि नहीं है, उन्हें अब 4000 रुपये के स्थान पर 8000 रुपये दिये जायेंगे। रिटायरमेंट के बाद एक लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी। हर कोटवार को सीयूजी मोबाइल सिम दी जायेगी और रिचार्ज की व्यवस्था भी शासन द्वारा किया जायेगा। इसके अलावा…मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने सबसे पहले कोटवार पंचायत बुलाई थी। आप सब स्वस्थ और प्रसन्न रहें। इसके लिए सभी कोटवारों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा।

साथ ही कोटवारों की वर्दी का रंग खाकी किया जाएगा। कोटवार, राजस्व प्रशासन की रीढ़ की हड्डी हैं। आप प्रशासन के लिए कर्णधार हैं। आपके पास गाँव की सभी जानकारी होती है, जिसके आधार पर कई कार्य सहजता से संपन्न हो जाते हैं। कोटवार गाँव के चलते-फिरते गूगल हैं।

कोटवार का काम कलेक्टर-कमिश्नर नहीं कर सकते। जैसे बिना ग्राम देवता की पूजा के कोई शुभ कार्य प्रारंभ नहीं होता, वैसे ही बिना कोटवार की जानकारी के गाँव में कोई काम आगे नहीं बढ़ता। आदि बातें कोटवार के लिए कहीं।

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