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September 25, 2022

भाजपा की परिषद में भाजपा जिलाध्यक्ष का फोटो ही गायब कर दिया,विरोध के बाद केवल तीन फ्लेक्सो में लगाया फ़ोटो,दीवार के हजारों पोस्टरों में अभी भी गायब है फ़ोटो

कबीर मिशन समाचार।

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता दिख रहा है यह मेला।
मल्हारगढ़ नगर को किसी समय पहचान दिलाने वाले मेला नई परिषद बनने के बाद से ही विवादित हो गया है। मेला समिति में पहले नगर के कई गणमान्य नागरिक समिति में रहते थे,उनके नाम सम्मान के साथ परिषद लिखती थी इस बार उन सभी के नाम काट दिए गए। मेला समिति की मात्र एक बैठक हुई और सारे फैसले बिना पार्षदों व बिना वरिष्ठ नेताओं की सहमति के हिटलर शाही तरीके से ले लिए गए।अतिथियों के नाम पार्षदों से बिना पूछे तय कर लिए,न भाजपा के सभी पार्षदों से नाम लिए न कोंग्रेस के पार्षदों से। भाजपा के पार्षद भी अपने आप को परिषद में अपमानित महसूस कर रहे है। दीवारों पर चिपकाने वाले पोस्टरों में जब जिलाध्यक्ष का फोटो नही दिखा तो कुछ पार्षदो ने पुनः जिलाध्यक्ष का फोटो लगवाया तो सिर्फ तीन फ्लेक्सओ में लगाकर टांग दिए,जब कि पोस्टरों में जिलाध्यक्ष का अभी तक फ़ोटो नही लगा हैं प्रारम्भ में पार्षदों ने जिन कवियों के नाम दिए उनमें से किसी भी कवि को मेले में नही बुलाया गया,ओर स्वयं के उज्जैन के रिश्तेदार को कवि सम्मेलन में कवि बुलाने का कार्यभार सोप दिया व स्वयं के रिश्तेदार को अतिथि बना लिया। लोग कह रहे है कि अंधा बाटे रेवड़ी अपनो-अपनो के दे कि तर्ज पर नगर परिषद कार्य कर रही हैं। अब जो कवि आ रहे है उनमें से कोई भी प्रसिद्ध कवि नही होने के कारण कवि सम्मेलन भी फेल होने की कगार पर है। नगर परिषद तीन लाख रुपये मेले के लिए खर्च करती है और इन तीन लाख से दोनो-तीनो कार्यक्रम सम्पन्न हो जाते है फिर भी अन्य विभागों से जमकर उगाई करि जा रही है जिसके कारण विभाग के कई कर्मचारियों में भी रोष है। अपने आपको संस्कारित व भ्र्ष्टाचार मुक्त की बाते करने वाले आज क्या कर रहे है ये सभी के सामने है। एक नया नवेला नेता तो पार्षदों के सामने बड़े बड़े अधिकारियों से बंद फोन से फोन लगाकर बड़ी बड़ी डींगें हॉक रहा हैं। यहाँ तक कि शासन से 5 लाख रुपये स्वीकृत कराने के पृयास किये जा रहे है। नगर के गणमान्य जनों का कहना है कि जब मेले का इतना खर्चा नही है तो आवश्यक राशि क्यो उगाई जा रही है। ढाबो वालो से 5-5 व 11-11 हजार की रसीदे बनाने का दबाव भी डाला जा रहा है। एक ढाबे वाले ने तो अपने नवेले नेता को फोन करके शिकायत भी करि । गणमान्य जनों की कोई सुनने को तैयार नही है।

मल्हारगढ़ की राजनीति डामाडोल 2023 में दिला पाएगी जी
मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ नगर में बरसों के बाद राजनीति मैं आई गुटबाजी कहीं जिलाध्यक्ष के लगे फोटो तो कहीं जिलाध्यक्ष के फ्लेक्स से गायब फोटो यही गुटबाजी कहीं 2023 में भाजपा के लिए भारी ना पड़े हाल ही में जन सहयोग व नगर परिषद समिति के तत्वाधान में प्राचीन बाबा रामदेव जी का विशाल मेला आयोजित किया गया जिसमें वरिष्ठ नेताओं के फोटो के साथ नगर के नेताओं के फोटो भी लगे तो वही एक देखने वाली बात सामने आई है कि कुछ प्लैक्सो से जिला अध्यक्ष व अन्य नेताओं के फोटो नदारद रहे तो वहीं कुछ प्लैक्सो में जिला अध्यक्ष सहित कई दिग्गज नेताओं के फोटो दिखे इतना ही नही सूत्रों से जानकारी निकलकर आई है कि 10 परसेंट पांच परसेंट की वसूली करने वाले वसूल दार भी मेला समिति में शामिल हुए अब देखना यह होगा कि मल्हारगढ़ की राजनीति धीरे धीरे किस ओर जाएगी या यूं कहे की कोई बड़ा फेरबदल होने की आशंका कांग्रेस भी गुटबाजी से अलग नहीं है लेकिन अच्छी बात यह है कि नगरी निकाय चुनाव में एकजुट होकर कांग्रेश के द्वारा चुनाव लड़ा गया तो वही नगरी निकाय की वोटिंग में भी एकजुटता नजर आई।