सीहोर

आष्टा सिविल अस्पताल में मरीज हो रहे परेशान,अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं, जो है वह ग्रामीण क्षेत्र से अटैच।

आष्टा सिविल अस्पताल में मरीज हो रहे परेशान,अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं, जो है वह ग्रामीण क्षेत्र से अटैच।

कबीर मिशन समाचार जिला सीहोर।
आष्टा से संजय सोलंकी की रिपोर्ट।


आष्टा =सिहोर जिले का दूसरा सबसे बड़ा आष्टा ब्लॉक का सबसे बड़ा सौ बिस्तरों से ज्यादा वाले आष्टा के सिविल अस्पताल में मरीज इलाज नहीं मिलने के कारण रोज परेशान होते है। जानकारी के अनुसार आष्टा सिविल अस्पताल में 13 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद है, जिनमे से महज 3 पदो पर ही विशेषज्ञ डॉक्टर पदस्थ हे ,और 10 पद खाली पड़े हे । मेडिसिन विशेषज्ञ, सर्जरी विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ के दो-दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमे से एक पद पर भी विशेषज्ञ पद पर पदस्थ नहीं है। शिशु रोग विशेषज्ञ के 2 पद स्वीकृत, लेकिन एक पदस्थ है और एक खाली हैं,। निश्चेतना विशेषज्ञ दो पद हैं, लेकिन एक पदस्थ हे और यह भी एक पद अभी तक खाली ही है। नेत्र रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। पैथोलॉजी विशेषक का पद भी रिक्त पड़ा हुआ है।

इमरजेंसी में ड्यूटी गांव के अस्पतालों से अटैचमेंट करके कराई जाती है। ऐसे में मरीजों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पाता और बिना इलाज के ही परेशान होकर या तो उन्हें निजी अस्पताल जाना पड़ता है या सीहोर रेफर कर दिया जाता है । अस्पताल के अभी हालात ऐसे हैं कि डॉक्टरों के नाम व ड्यूटी चार्ट तक नहीं हैं। ऐसे में मरीज डॉक्टरों की जानकारी नहीं हैं जिससे पता ही नही चलता की कोनसे डॉक्टर कब ड्यूटी पर है। बीएमओ ने कहा कि जल्द सुविधाएं जुटाएंगे, विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित स्टाफ कर्मियों की कमी के संबंध में भी वरिष्ठ कार्यालय को पत्र लिखा गया है।


मरीज बोले- नहीं मिल रही सुविधाएं,जिम्मेदार ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के पदनाम व इमरजेंसी मोबाइल नंबर भी दर्ज नहीं किए गए। अकसर अस्पताल में इमरजेंसी मरीजों को परिजनों को ड्यूटी पर कार्यरत कर्मचारी व डॉक्टरों की सेवाएं लेने की जरूरत पड़ने पर ढूंढना होता है। इलाज करवाने आए बापूसिंह चौहान, सेवालाल सोलंकी, बाबूलाल ने बताया कि सिविल अस्पताल नाम मात्र का अस्पताल है । यहां कोई भी सही सुविधा नहीं है और समय पर डॉक्टर नही मिलने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है । यहां बुखार सहित अन्य छोटी परेशानियां का इलाज होता है। गंभीर बीमारी या अन्य परेशानी में निजी अस्पताल जाना पड़ता है।

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