उज्जैन मध्यप्रदेश

बिना मुद्रक नाम के पेम्पलेट, पोस्टर आदि के प्रकाशन करने पर 6 माह की सजा से दण्डित हो सकेगा।

बिना मुद्रक नाम के पेम्पलेट, पोस्टर आदि के प्रकाशन करने पर 6 माह की सजा से दण्डित हो सकेगा।

कबीर मिशन समाचार
उज्जैन मध्यप्रदेश

“विधानसभा निर्वाचन संदर्भ-11” प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विज्ञापन प्रकाशित करने से पूर्व राजनैतिक दलों को विज्ञापन का प्रमाणन कराना होगा। मीडिया सर्टिफिकेशन एण्ड मॉनीटरिंग कमेटी के अधिकारी-कर्मचारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न।

उज्जैन। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कुमार पुरुषोत्तम के निर्देश अनुसार जिला स्तरीय विधानसभा निर्वाचन-2023 की मीडिया सर्टिफिकेशन एण्ड मॉनीटरिंग कमेटी के अधिकारी-कर्मचारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण देवास रोड स्थित साइंस कॉलेज के सभाकक्ष में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर श्री गिरीश कुमार तिवारी ने दिया। प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि आरपी एक्ट-1951 की धारा-127ए में पेम्पलेट, पोस्टर, हैंडबिल तथा अन्य दस्तावेज प्रिंटिंग होने पर उन पेम्पलेटों में बिना मुद्रक नाम के अगर प्रकाशित होते हैं तो ऐसी सामग्री प्रकाशित करने पर सम्बन्धित मुद्रक के प्रति दण्डात्मक कार्यवाही की जाकर उसे छह माह की सजा और दो हजार रुपये के जुर्माने से दण्डित किया जायेगा। उक्त बात पेड न्यूज या अन्य दस्तावेजों की श्रेणी में आता है। प्रशिक्षण में अवगत कराया गया कि पेड न्यूज के मामलों में एमसीएमसी द्वारा आरओ को प्रकरण भेजकर अभ्यर्थी को नोटिस जारी कर वास्तविक रूप से भुगतान किया है अथवा नहीं, इसकी प्रतिलिपि आरओ को भेजी जा सकेगी। सभी राजनैतिक दल प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विज्ञापन प्रकाशित करने से पूर्व एमसीएमसी की प्रमाणन समिति से प्रमाणन की अनुमति प्राप्त करेंगे।

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मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण के दौरान प्रीसर्टिफिकेशन ऑफ एडवरटीजमेंट एण्ड पेड न्यूज, जिला स्तरीय एमसीएमसी के अधिकार, कर्त्तव्य एवं दायित्व, राज्य स्तरीय एमसीएमसी, सोशल मीडिया एक्सपर्ट की भूमिका, राजनैतिक विज्ञापनों का पूर्व प्रमाणन, प्रमाणीकरण के समय राजनैतिक दलों/अभ्यर्थियों के लिये क्या न करें, की जानकारी दी। इसी तरह चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार/राजनैतिक दल से भिन्न तीसरे पक्ष द्वारा जारी विज्ञापन, पूर्व प्रमाणीकरण में ध्यान देने योग्य मुख्य बातें, प्रमाणीकरण जारी न करने की एमसीएमसी की शक्ति एवं अपील प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी से अवगत कराया। मास्टर ट्रेनर श्री तिवारी ने पॉवर पाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को बताया कि राजनैतिक विज्ञापन प्रमाणीकरण हेतु किस प्रकार से आवेदन और आवेदन पर दी जाने वाली जानकारी, प्रमाणीकरण जारी सम्बन्धी समय-सीमा, प्रिंट मीडिया, पेड न्यूज, पेड न्यूज परखने के मापदण्ड, आवेदन-पत्रों को रजिस्टर में दर्ज करने की प्रक्रिया, अधिप्रमाणन समिति द्वारा किस प्रकार से जांच की जाये आदि की विस्तार से जानकारी दी।

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प्रशिक्षण में प्रशिक्षणार्थियों को मीडिया प्रकोष्ठ के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि मीडिया प्रकोष्ठ के प्रभारी का सम्पूर्ण उत्तरदायित्व रहेगा। अधिप्रमाणन के लिये प्राप्त आवेदन-पत्रों को समिति के समक्ष रखना। निर्णय होने के उपरांत निगरानी रखना, समाचार-पत्र की कतरन एकत्रित कर संदेहास्पद पेड न्यूज चिन्हित कर जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजने की प्रक्रिया से अवगत कराया। वहीं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रसारित समाचार विश्लेषणों में पेड न्यूज चिन्हित कर जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजने, संदेहास्पद पेड न्यूज के लिये एमसीएमसी की मीटिंग आयोजित कर निर्णय का पालन कराने की जानकारी से अवगत कराया।

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प्रशिक्षण के दौरान बताया कि 96 घंटे में आरओ द्वारा नोटिस, 48 घंटे में जवाब की अपेक्षा एवं जिला स्तरीय एमसीएमसी का निर्णय, 48 घंटे में जिला स्तरीय एमसीएमसी के आदेश के विरूद्ध अपील, 96 घंटे में राज्य स्तरीय एमसीएमसी द्वारा निर्णय और 48 घंटे में राज्य स्तरीय एमसीएमसी के निर्णय के विरूद्ध पीसीआई को अपील जैसी जानकारी से प्रशिक्षणार्थियों को अवगत कराया। प्रशिक्षण के दौरान एमसीएमसी के नोडल अधिकारी एवं संयुक्त संचालक जनसम्पर्क सुश्री रश्मि देशमुख सहित एमसीएमसी में तैनात किये गये अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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