दारू के ठीकेदारों व भू माफिया ने पैसे के दम पर 29/10/2022 की सिंगरौली की जुर्म और ज्यादती की वो काली रात की रची इतिहास

कबीर मिशन समाचार पत्र सिंगरौली

सिंगरौली जिला के मुख्यालय वैढ़न के जिला न्यायालय और थाना से महज एक किलोमीटर के अंदर कल रात 29/10/2022 को प्रिंस गुप्ता व उसके परिजन एक ऐसी वारदात अंजाम हुआ जो जिले के न्याय व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर कई सवाल उठाते हैं।

जिला में गुंडों और दबंगों ने किस तरह कानून और संविधान को रौंदते हुए पुलिस और न्याय वयवस्था को जिस तरह ठेंगा दिखाया है वह कहना गलत नहीं होगा की कल रात उनके बुलंद हौसले की एक तारीख लिखती हुई रात थी।
जिला में नशे के व्यापारी और माफिया के जड़े कितनी अंदर तक है यह आए दिन खबरों की सुर्खियों में रहता ही है। ऐसा लगता है अब अलग ही स्तर पर एक नया पैंतरा आजमाने पर आमादा गुंडों की फौज खड़ी हो गई है सिंगरौली में जिसमें गैर कानूनी तरीके से जो जमीन महंगी है और मुख्य रोड के नजदीक है उस पर कब्जा करना उद्देश है। गरीब मजलूमों का घर रातों रात गैर कानूनी तरीके से छीन कर खुले आम गुंडागर्दी से उस पर काबिज होने पर आमादा हैं।

इस महंगाई के दौर में जो किसी तरह पेट काटते हुए महज एक जून की खाना खाने वाले गरीब और मजलूम बबलू सोनी किसी तरह ज़िन्दगी गुजार रहे हैं जो की अपने परिवार के साथ पिछले कई साल से ज्यादा से राज कमल होटल के सामने की जमीन पर काबिज और निवास कर रहे हैं।
कुछ लोगों ने उसी जमीन के पास विवादित कुछ जमीन पिछले कुछ साल पहले ही खरीदा है। जिसके वजह से जमीन का विवाद न्यायालय में विचाराधीन है और स्टे मिला हुआ है।
क्योंकि जमीन बहुत महंगी है और मुख्य रोड पर है इसलिए भू माफियाओं का नजर इस जमीन पर गड़ी हुई है। कल रात इसी जमीन को कब्जे करने के नियत से बिलकुल गुंडागर्दी और गैर कानूनी तरीके से पहले जमीन के ठीक सामने ट्रैक्टर और ट्रक से रेत और ईंट गिरा कर इकट्ठा किया गया उसके बाद जमीन पर काबिज और निवासरत सोनी, उनकी पत्नी, दो नाबालिग बेटियां और बच्चों के साथ ना सिर्फ जुल्म, ज्यादती की इंतिहा करते हुए मारापीटा गया बल्कि घर का लगभग सारा समान रोड पर फेंक दिया गया। पूरा परिवार रोड पर आकर रोता बिलखता रहा इंसाफ की गुहार लगाता रहा। जनता जिंदा लाश की तरह बदमाशों को यह सब अंजाम देते हुए देखती रही पर दबंगों के बुलंद हौसलों और रौब के वजह से कोई एक शब्द तक विरोध में नहीं बोल रहा था। इसी बीच वरिष्ठ समाज सेविका श्रीमती मधु शर्मा मौके पर पहुंचती हैं और बदमाशों से मजलूम सोनी के पक्ष में अकेली महिला तीखी बहस करती हैं पर ऐसा लग रहा था जैसे दबंगों ने कानून और पुलिस प्रशासन को खरीद कर जेब में रख लिया हो बदमाशों ने एक नहीं सुना बल्कि फरियादी के घर का समान और निवासियों को रोड पर फेंकते गए और निर्माण कार्य करने की पहल में लग गए।
जब इंसाफ की गुहार लगाते उम्मीद से पथरा गईं फरियादी की आंखें
फरियादी सपरिवार अधनंगा रोड पर लहूलुहान मुंह को लेकर इंसाफ का गुहार लगाते हुए घंटों रोते बिलखते रहे। पूरा मामला करीब दो से तीन घंटा चलता रहा इस बीच पुलिस की गाड़ी मौके के पास दो तीन बार पहुंचती रही और फरियादी दौड़ दौड़ कर गांड़ी के पास जा कर इंसाफ की गुहार पुलिस से हांथ जोड़ कर विनती करने के थोड़े देर बाद चंद मिनटों में पुलिस की गाड़ी चली जाती थी बिना बदमाशों और दबंगों को गैरकानूनी काम करने से कुछ कहे। ऐसा लग रहा था जैसे बदमाशों के रौब और दबंगई के सामने पुलिस ने भी घुटने टेक दिए हों। पुलिस के मूकदर्शक बनने के इस रवैए से फरियादी और श्रीमती मधु शर्मा बहुत आहत हो रहे थे। एकबार ऐसा लग रहा था जैसे इंसाफ और कानून को एक मोटी रकम देकर खरीद लिया गया हो और जैसे सब कुछ खत्म हो जाने के बाद ही पुलिस प्रशासन सिर्फ फॉर्मेलिटी करने आयेगी। भला हो वरिष्ठ समाज सेविका श्रीमती मधु शर्मा का जिन्होंने हार नहीं मानी और मोबाइल से फोन पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों को फोन लगाती रहीं पर किसी से बात नहीं होने पर आखिरकार सीधा जिला कलेक्टर को पूरा प्रकरण फोन पर बताते हुए गरीब मजलूम के लिए इंसाफ की गुहार लगाई ठीक उसके बाद पुलिस दल बल के साथ मौके पर पहुंचते ही बदमाशों को रोका और फरियादी को इंसाफ दिलाने की उम्मीद दिलाई।

पुलिस FIR कराने के लिए फरियादी से मनाने के बावजूद न्याय व्यवस्था से नाउम्मीद और मायूस हो चुके फरियादी बबलू सोनी के आंखों में दबंगों के खौफ साफ देखा जा सकता था जब उन्होंने हांथ जोड़ते हुए पुलिस से FIR करने के लिए मना कर दिया क्योंकि थाने जाते ही पीछे उन्हें अपने टूटे घर और जमीन का छीन जाना साफ दिख रहा था। सर्द रात में अधनंगा बबलू सोनी अपने लहूलुहान मुंह लिए अपने परिवार बच्चों से लिपट कर बहुत रोते हुए कह रहे थे पता नहीं कल सुबह तक जान बचेगी की नहीं समझ लो यह आखिरी रात है।रात खबर लिखने तक बबलू सोनी ने FIR दर्ज करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। कल अगर वरिष्ठ समाज सेविका श्रीमती मधु शर्मा सक्रिय नहीं होती तो शायद घर, जमीन तो छीन ही जाता बल्कि बदमाशों के बेलगाम गुंडागर्दी और रौब के वजह से जिंदगी से भी ना उम्मीद हो चुका होता एक मजलूम और गरीब का परिवार।पुलिस FIR कराने के लिए फरियादी से मनाने के बावजूद न्याय व्यवस्था से नाउम्मीद और मायूस हो चुके फरियादी बबलू सोनी के आंखों में दबंगों के खौफ साफ देखा जा सकता था जब उन्होंने हांथ जोड़ते हुए पुलिस से FIR करने के लिए मना कर दिया क्योंकि थाने जाते ही पीछे उन्हें अपने टूटे घर और जमीन का छीन जाना साफ दिख रहा था। सर्द रात में अधनंगा बबलू सोनी अपने लहूलुहान मुंह लिए अपने परिवार बच्चों से लिपट कर बहुत रोते हुए कह रहे थे पता नहीं कल सुबह तक जान बचेगी की नहीं समझ लो यह आखिरी रात है।रात खबर लिखने तक बबलू सोनी ने FIR दर्ज करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
कल अगर वरिष्ठ समाज सेविका श्रीमती मधु शर्मा सक्रिय नहीं होती तो शायद घर, जमीन तो छीन ही जाता बल्कि बदमाशों के बेलगाम गुंडागर्दी और रौब के वजह से जिंदगी से भी ना उम्मीद हो चुका होता एक मजलूम और गरीब का परिवार।