आष्टा जनपद के सरपंच संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन।

NMMS ऐप से उपस्थिति आदेश का सरपंच संघ ने किया विरोध।

कबीर मिशन समाचार जिला सिहोर

आष्टा से:संजय सोलंकी कि रिपोर्ट।

सिहोर: आष्टा जनपद के सरपंच संघ आष्टा एवं जावर ने महात्मा गांधी मनरेगा अंतर्गत नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम ऐप के माध्यम से अनिवार्य उपस्थिति दर्ज करने के आए नए आदेश का विरोध जोरों से चल रहा है इसी शिकायत को लेकर सरपंच संघ ने आष्टा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। सौंपे गए ज्ञापन में आष्टा जनपद पंचायत की 144 पंचायतों के सरपंचो ने सरकार चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उक्त आदेश वापस नहीं लिया गया तो पंचायतों के मनरेगा के समस्त कार्य बंद कर दिए जाएंगे।

मजबूरन हमे उसके खिलाफ आंदोलन किया करना पड़ेगा जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की रहेगी । सरपंच संघ आष्टा के अध्यक्ष मनोहर सिंह पटेल, सरपंच संघ जावर के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ठाकुर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि महात्मा गांधी मनरेगा अंतर्गत शासन के आए नए आदेश अनुसार अब नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम ऐप के माध्यम से 1 जनवरी 2023 से पंचायतों में चल रहे सभी सामुदायिक मूलक कार्य पर चाहे 20 से ज्यादा या 20 से कम मजदूर पर उक्त ऐप से उपस्थिति दर्ज की जाए।


शासन द्वारा दिए गए नए निर्देश।
एनएमएमएस एप्प से उपस्थिति दर्ज करने एवं फोटो डालने के जो नए शासन द्वारा दिशा निर्देश जारी किए हैं। आदेश जो केंद्र शासन से जारी किया गया, उस आदेश का आष्टा एवं जावर ब्लाक के सभी सरपंचों ने विरोध करते हुए एक ज्ञापन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नाम तहसीलदार आष्टा को सौंपा। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि अगर उक्त आदेश वापस नहीं लिया गया तो पंचायतों में जो मनरेगा के काम चल रहे हैं। सब बंद कर दिए जाएंगे। उक्त ज्ञापन जनपद के सीईओ अमित व्यास को भी दिया गया है।


ज्ञापन सौंपने वालों में सरपंच संघ के सदस्य लखन सिंह, सोदानसिंह, इंदरसिंह, इदरिश खान, उदयसिंह, सतीश कुमार,आजबसिंह, अकेसिंह, अनारसिंह, राहुल राजपूत, अर्जुन सिंह ,कुतुबुद्दीन भाई, बहादुर सिंह, बने सिंह, दीपक, देवजी पटेल, भगवानसिंह, रामचंद्र सहित बड़ी संख्या में सरपंच उपस्थित थे।