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पिपलोदा कालेज प्राचार्य को हटाने के लिए एनएसयूआई ने प्राचार्य को ही दिया ज्ञापन

कबीर मिशन तहसील संवाददाता विनोद सोलंकी

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रतलाम। प्राचार्य की मिलीभगत से बीजेपी के सांसद प्रतिनिधि को बचाया गया पिपलोदा महाविद्यालय में एनएसयूआई के द्वारा 27 जुलाई को ज्ञापन दिया गया जिसमें बताया गया था कि सांसद प्रतिनिधि आशीष खिमेसरा जो महीने में सिर्फ चार या पांच बार आता है और बाकी दिन अवकाश पर रहता है इसको लेकर कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य को अवगत कराया था इसमें रतलाम अग्रणी महाविद्यालय के कॉलेज प्राचार्य वाय के मिश्रा से भी दूरभाष पर चर्चा की थी और उनके द्वारा बताया गया था कि आशीष खेमेसरा अतिथि विद्वान जो की सांसद प्रतिनिधि है उसका सेवा समाप्ति का लेटर उसे इस वक्त दिया जाए लेकिन पिपलोदा कॉलेज प्रभारी प्राचार्य ईगु सिंह के द्वारा वह लेटर नहीं बनाया गया और

सांसद प्रतिनिधि को बचाया गया क मिश्रा जी के द्वारा बताया गया था कि हमने कई बार पिपलोदा कॉलेज प्राचार्य को अवगत करा दिया गया निर्देशित कर दिया गया है कि आप आशीष खेमेसरा सांसद प्रतिनिधि की सेवा समाप्ति का लेटर देवे पर पीपलोद प्रभारी प्राचार्य के द्वारा वरिष्ठ अधिकारी की नहीं मानी गई और कोई लेटर जारी नहीं किया गया यह उनके मिली भगत के कारण किया गया इसके बाद एनएसयूआई ने आज ज्ञापन दिया जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि सांसद प्रतिनिधि अतिथि विद्वान ने खुद ही त्यागपत्र दे दिया है इससे प्रतीत होता है कि कॉलेज प्रभारी प्राचार्य पिपलोदा के द्वारा अनियमित बरती गई है|

जिससे सांसद प्रतिनिधि की नौकरी को बचाया गया है मिली भगत के कारण और सांसद प्रतिनिधि के द्वारा कॉलेज में आकर भी यह नहीं दिया गया उन्होंने अपने सांसद प्रतिनिधि का दबाव बनाते हुए व्हाट्सएप पर ही अपना त्यागपत्र दिया है जहां की हार्ड कॉपी भी कॉलेज में समय पर नहीं मिली जिससे एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राहुल शर्मा ने नाराजगी व्यक्त की प्रेम गुजराती के द्वारा थे प्रभारी प्राचार्य ईगु सिंह चौहान कोपूछा गया कि 27 जुलाई को ज्ञापन में बताया गया था कि आज ही सेवा समाप्ति का लेटर जारी किया जाए उसके बाद अपने दो दिन बाद सेवा समाप्ति का लेटर आशीष खेमेसरा को नहीं दिया और उनसे त्यागपत्र लिया गया|


अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा इतनी बार निर्देशित करने पर भी आपके द्वारा सेवा समाप्ति का आदेश नहीं जारी किया गया और आशीष खेमेसरा अतिथि विद्वान के द्वारा व्हाट्सएप पर ही अपने त्यागपत्र स्वीकार किया इससे प्रतीत होता है कि आप बीजेपी के कार्यकर्ता के रूप में नेताओं का काम कर रहे हैं और कॉलेज की व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ी हुई है इसका पूरा श्रेय पिपलोदा प्रभारी प्राचार्य ईगु सिंह

और महाविद्यालय प्राचार्य डॉक्टर क मिश्रा पर जाता है इनके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई पिपलोदा प्रभारी प्राचार्य को जब भी कोई सवाल पूछते हैं तो उन्हें सिर्फ एक ही जवाब आता है कि मुझे जानकारी का अभाव नहीं है इसलिए मैं यह काम नहीं कर पाया इससे एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं नाराजगी व्यक्ति की और पिपलोदा प्रभारी प्राचार्य को आयुक्त और अतिरिक्त संचालक के नाम ज्ञापन दिया जिसमें बताया कि प्रभारी प्राचार्य पिग्गू सिंह चौहान और अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर मिश्रा के द्वारा अनियमित भारती गई है

जिसको लेकर आज एनएसयूआई ने ज्ञापन दिया ज्ञापन में बताया गया कि डॉक्टर आशीष खेमेश्वर अतिथि विद्वान सत्र 2022-23 में पूरे सत्र में सप्ताह में केवल एक दिन आते थे एवं आमंत्रण के अनुसार वह कभी सप्ताह में 40 घंटे तथा प्रति दिवस न्यूनतम 5 घंटे पर उपस्थित नहीं रहे परंतु प्रभारी प्राचार्य ईगु सिंह तथा डॉवाय के मिश्रा शासकीय अग्रणी महाविद्यालय रतलाम द्वारा आर्थिक लाभ लेकर इनको सेवा में निरंतर बनाकर रखा एवं इनका मानदेय भुगतान करते रहे जबकि इनकी अक्टूबर 2022 के उपस्थिति के अनुसार ही इन्हें बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए था परंतु आर्थिक लाभ लेकर इन दोनों के द्वारा पूरे सत्र में इसे अधिकारियों को भी अंधेरे में रखा वह संबंधित अतिथि विद्वान से चुपचाप राष्ट्र में तरीके से त्यागपत्र लिखवाकर उन्हें कार्य मुक्त कर दिया गया|

जबकि नेम अनुसार इन्हें बर्खास्त करते हुए ब्लैक लिस्ट स्टेट किया जाना थासत्र 2022 23 से ही राजनीति विज्ञान की सहायक प्राध्यापक अनीता लोरवादिया लगातार आज दिनांक तक मातृत्व अवकाश पर ही है फिर भी पूरा सत्रावित जाने के बाद भी प्रभारी प्राचार्य युगो सिंह चौहान द्वारा विद्यार्थियों के हित को नजर अंदाज करते हुए उनके स्थान पर किसी भी राजनीति विज्ञान के विषय के शिक्षक की व्यवस्था नहीं की एवं अपने उच्च अधिकारियों को भी आज दिनांक तक अवगत नहीं कराया गया है पिछले सदस्य विद्यार्थियों का भविष्य अंधेरे में रखा हुआ है l

अंग्रेजी विषय में नियुक्त अतिथि विद्वान श्रीमती सरिता सोनी द्वारा लगातार अवकाश पर जाने के बाद जो तथा उनके विरुद्ध लगातार शिकायत होने पर भी इन्हें निरंतर बनाए रखें एवं उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई जिसमें सत्र 2022-23 में अंग्रेजी विषय के विद्यार्थी पढ़ाई से वंचित रह गए युगो सिंह चौहान प्रभारी प्राचार्य के रूप में 2019 से पिपलोदा महाविद्यालय में पदस्थ है परंतु महाविद्यालय के ग्रंथालय में आज दिनांक तक इनके द्वारा किसी भी मध्य से कोई भी पुस्तक नहीं खरीदी गई इनके लापरवाही का यह आलम है कि महाविद्यालय खुले लगभग 5 वर्ष हो गए

और महाविद्यालय ग्रंथालय में आज दिनांक तक विद्यार्थियों के लिए 10 पुस्तक भी नहीं है जबकि महाविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या 400 के लगभग हैउपरोक्त बिंदुओं से प्रतीत होता है कि प्रभारी प्राचार्य एक सिंह चौहान ने अपने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही की है एवं अपने पद की गरिमा को खंडित किया है एवं उनके अपने पद पर कार्य करने के मंचन नहीं लगती है ऐसे प्रभारी प्राचार्य को अविलंब निलंबित किया जाए किसी अन्य को यह जवाबदारी दी जाए ज्ञापन में मुख्य रूप से प्रेम गुजराती युवा कांग्रेस आरटीआई जिला अध्यक्ष दीपक परमार जिलाउपाध्य्क्ष महेश जाट जिलामहा कमल आंजना सचिव एनएसयूआई जिला सचिव अरबाज कादरी राहुल गणावा आशीष गुजराती सुनील गुजर प्रेमगुजराती नितिन चौहान पप्पू बैरागी कुलदीप झाला शुभम शर्मा नागेश्वर पाटीदार लक्मण योगी आशीष बोस दशरथ गुजराति विवेक माली अरबाज मोहित दडिंग अंकित दडिंग पहलाद राठौड़ पवन योगीऋतुराज विशाल निलेश, नवीन योगेंद्र आदी एन एस यू आई कार्यकर्त्ता उपस्थित थे|

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