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पचोर। बेरोजगार शिक्षित युवा मजदूर बरसात में खड़े होने को मजबूर, नगर पालिका की अनदेखी

पचोर। बेरोजगार शिक्षित युवा मजदूर बरसात में खड़े होने को मजबूर, नगर पालिका की अनदेखी

शासन की योजना नेताओं के भाषण में और अधिकारियों की फाइलों में मिलती हैl

जिला राजगढ़ /कबीर मिशन समाचार पचोर /सत्येंद्र जाटव

आम जनता के लिए अनेकों कल्याणकारी योजना का प्रचार प्रसार किया जाता है l केंद्र और राज्य सरकार की योजना जमीनी स्तर पर कम दिखाई देने रही है नेताओं के भाषणों में और अधिकारियों की फाइलों में विज्ञापनों में अधिक दिखाई देती हैl जमीनी स्तर पर दबी रह जाती है। सरकारी योजनाएं केंद्र/ मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। राजगढ़ जिले के लोकसभा क्षेत्र 20 के सांसद श्री रोडमल नागर भाजपा के हैं। विधायक कुंवर कोठार बीजेपी के नगर अध्यक्ष भाजपा के लेकिन भाषणों पेपर में मीडिया में मजदूर हितेषी सरकार बताई जाती है लेकिन जमीनी स्तर पर मजदूरों को 20 साल हो गए अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए उनके लिए खड़े,( श्रमिक सेठ ) होने शौचालय, पानी पीने एवं बैठक व्यवस्था बीजेपी की सरकार केंद्र राज्य में नगर में होने के बावजूद भी मजदूरों के लिए कुछ नहीं कर सके यहां के नेता और अधिकारी ने केवल आश्वासन ही दिया जाता है।

आज भरी बरसात में मजदूर मजदूरी करने पचोर में आते हैं लगभग 300 से अधिक पचोर नगर चार विधानसभा में लगता है सारंगपुर विधानसभा राजगढ़ विधानसभा नरसिंहगढ़ विधानसभा और ब्यावर विधानसभा पचोर का लोकसभा क्षेत्र राजगढ़ है जिसके सांसद श्री रोडमल जी नगर जो मजदूर बैठक व्यवस्था से 100 मीटर की दूरी पर रहते हैंl मजदूर नेता और मजदूर हितेषी ने उन्हें अनेकों बाद सभी विधायक और सांसद जी नगर अध्यक्ष तहसीलदार कलेक्टर को मजदूरों के नेता इंजीनियर सत्येंद्र जाटव और मजदूरों ने व्यक्तिगत रूप से आवेदन निवेदन नगर अध्यक्ष विधायक को आने को वार आवेदन के माध्यम से ज्ञापन के माध्यम से अवगत करा दिया गया है।

लेकिन आश्वासन के सिवा 20 साल में नेता अधिकारों ने मजदूरों के लिए कुछ नहीं किया राजगढ़ जिला पिछला रोजगार विहीन जिले में से आता है रोजगार के साधन नाम मात्र के हैं l केवल पेपर में और नेताओं के भाषण में दिखाई सुनाई देते हैं यहां के मजदूर अन्य राज्य जैसे गुजरात, यूपी, बिहार दिल्ली, रोजगार करने जाते है।

यहां के पढ़े-लिखे युवा रोजगार न होने के कारण निर्माण कार्य में मजदूरी करते हैं अपने बच्चों परिवार को पालने के लिए मजबूरी में कम कर रहे हैं उनके लिए कहीं भी उद्योग स्थापित नहीं किए गए 20 साल में शासन प्रशासन अनेकों प्रचार प्रसार में करोड़ रुपए खर्च करती है लेकिन यही पैसा गरीब मजदूर किसान और युवाओं के रोजगार देने में लगाया जाए तो मजदूर की स्थिति मजबूत होगी और रोजगार के साधन मिल जाने पर उनके बच्चों का भविष्य विकसित होगा सरकार द्वारा विकास केवल प्रचार में ही दिखाई दे रहा है l जमीन स्तर पर कुछ भी नहीं शासन प्रशासन मजदूरों के लिए जमीन स्तर पर कुछ करें आज जनता सब देख रही है

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